बिहार का ये किसान उगा रहा है दुनिया की सबसे महंगी सब्जी, कीमत जानकर हैरान रह जाएंगे आप

बिहार का ये किसान उगा रहा है दुनिया की सबसे महंगी सब्जी, कीमत जानकर हैरान रह जाएंगे आप

बिहार के एक किसान ने हॉप शूट्स नामक एक सब्जी उगाई है। इस सब्जी के उगाए जाने के बाद दुनियाभर में तहलका मच गया है। आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि सब्जी की कीमत एक लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। इस सब्जी को दुनिया की सबसे महंगी सब्जी होने का दर्जा प्राप्त है। 

हॉप शूट्स सब्जी पहली बार भारत में उगाई गई है। सब्जी की दो तस्वीरें पोस्ट करते हुए एक आईएएस अफसर ने ट्वीट किया कि इस सब्जी के एक किलोग्राम की कीमत लगभग एक लाख रुपये हैं। उनके इस ट्वीट के बाद सब्जी की तस्वीरें और किसान के बाबत खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं।

मूल रूप से यह सब्जी नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में उगाई जाती है। पहले अमेरिका और यूरोप के लोग भी इसकी उपयोगिता नहीं जानने थे और उसे एक खर-पतवार की तरह मानते थे। इस सब्जी का तब जीवन में कोई उपयोग नहीं था। लेकिन अब इस सब्जी की उपयोगिता जानने के बाद इसकी कीमत आसमान छू रही है।

इस सब्जी का इस्तेमाल एंटीबैक्टेरियल असर के लिए होता है। सब्जी का वैज्ञानिक नाम है ह्यूमुलस ल्यूपुलस है। खास बात यह है कि यह सब्जी बारह महीने उगाई जा सकती है। हॉप शूट्स सब्जी का सबसे बड़ा खरीदार देश अमेरिका है। अमेरिका में इसका इस्तेमाल एंटीबॉयोटिक दवा बनाने में होता है।

हॉप शूट्स से बनी दवा टीबी के इलाज में कारगर साबित होती है। वहीं, इसके फूलों का इस्तेमाल बीयर बनाने के काम में आता है। बिहार के अमरेश सिंह नामक किसान ने भारत में पहली बार इस सब्जी को उगाया है। आईएएस अधिकारी सुप्रिया साहू का मानना है कि यह सब्जी भारतीय किसानों के लिए गेम चेंजर हो सकती है।


पाकिस्तान में बढ़ती जा रही है गधों की संख्या, वजह जानकर उड़ जायेंगे होश

पाकिस्तान में बढ़ती जा रही है गधों की संख्या, वजह जानकर उड़ जायेंगे होश

अक्सर पाकिस्तान अपने अजीबोगरीब कामों के लिए चर्चा में रहता है। लेकिन अब एक नया रिकॉर्ड बन गया है।पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार आ जाने के बाद गधों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में सालाना एक लाख गधों की आबादी बढ़ती जा रही है। 

बढ़ती जा रही है गधों की संख्या

इमरान खान की सरकार आने के बाद से 3 साल में 3 लाख गधों की संख्या बढ़ी है, इसके पीछे के वजह प्राकृतिक प्रजनन नहीं बल्कि कारोबार है। पाकिस्तान हर साल चीन को 80 हजार गधों का निर्यात करता है। चीन इन गधों के खाल का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है गधे के मांस को खाने के साथ ही इसकी खाल से निकलने वाले जिलेटिन से कई प्रकार की दवाएं बनाई जाती है। 


दुनियाभर में गधों के मामले में तीसरा नंबर

आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में ऊंट, घोड़े और खच्चर सहित अन्य जानवरों की जनसंख्या वृद्धि 13 सालों से जस की तस है लेकिन गधों की संख्या सालाना 1 लाख बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में पाकिस्तान में 56 लाख गधे है, जो दुनियाभर में गधों के मामले में तीसरे नंबर पर है।