इस नाबालिग बेटी के साथ हुआ  बलात्कार 

इस  नाबालिग बेटी के साथ हुआ  बलात्कार 

छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के बजट सत्र के दौरान ही गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM bhupesh Baghel) ने 7 पुलिस (Police) कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस कर्मियों पर थाने के अंदर गैंग बलात्कार (Gang Rape) पीड़िता की मां और उसके

परिजनों बदसलूकी करने का आरोप है। अपनी नाबालिग बेटी से बलात्कार की शिकायत लेकर उसकी मां व परिजन थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज करने में पुलिस आनाकानी करती रही। इस मुद्दे को गुरुवार को विधानसभा में उठाया गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टीआई समेत 7 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

बलरामपुर (Balrampur) जिले में बीते 19 फरवरी को एक 12 वर्षीय की वारदात (Crime) को अंजाम दिया गया था। आरोपी रातभर नाबालिग को अपने साथ रखकर बलात्कार करते रहे। दूसरे दिन 20 फरवरी को खून से लथपथ हालत में पीड़िता अपने सहेली के घर पहुंची थी, जिसके बाद उसके परिजनों को जानकारी मिली। पीड़िता की मां व परिजन इसके बाद बलरामपुर थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि थाने में उनसे पुलिस बार बार पूछ रही थी कि क्या आपने बलात्कार होते देखा है। शिकायत दर्ज करने की बात पर बदसलूकी की जा रही थी। इसी मुद्दे को विधानसभा में ध्यानाकर्षण में लाया गया था।

इनको किया सस्पेंड
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सदन में सारे मुद्दे में 7 पुलिसकर्मियो को सस्पेंड कर दिया। इनमें बलरामपुर थाना प्रभारी उमेश बघेल टीआई, एसआई अखिलेश सिंह, एसआई केपी सिंह, आरक्षक जोहन टोप्पो, साइबर सेल के आरक्षक सुधीर ​तिर्की और आरक्षक अजय प्रजापति शामिल हैं।

तीन के विरूद्ध जुर्म दर्ज
प्रकरण के मुताबिक बीते 19 फरवरी को बलरामपुर थान क्षेत्र में ही एक शिव मंदिर से दर्शन कर नाबालिग पीड़िता व उसकी सहेली लौट रहीं थीं। इसी दौरान दो युवक बाइक से आए व दोनों नाबालिगों के किडनैपिंग का कोशिश किया। पीड़िता की सहेली वहां से भागने में पास हो गई। पीड़िता को आरोपी जबरदस्ती अपने साथ ले गए। इसके बाद एक सुनसान स्थान पर गाड़ी रोकी। वहां पहले से एक अन्य युवक भी उपस्थित था। तीनों ने रातभर उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद दूसरे दिन उसे बांदो चौक पर छोड़कर भाग गए।