OMG! शराब पीते ही लोग क्यों बोलने लग जाते हैं अंग्रेजी?

OMG! शराब पीते ही लोग क्यों बोलने लग जाते हैं अंग्रेजी?

शराब का नशा ऐसा नशा होता है कि बड़े बड़े सेलिब्रेटी तक सड़कों पर आकर अजीबो गरीब हरकते करने लग जाते है। फिर तो समान्य आदमी की बात ही अलग है। देखा जाता है कि नशे की हालत में इसांन इतना डूब जाता है कि कभी कभी बीच सड़क में डांस करने लग जाता है तो कुछ लोगो के मुंह से धड़ाधड़ अंग्रेजी के शंब्द फूटकर बाहर निकलने शुरू हो जाते है। और उस दौरान वो हर सवाल का जवाब भी अंग्रेजी में देना पसंद करता हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि नशे की हालत में ही वो ऐसा क्यों करता है? दरअसल, इस हरकत के पीछे छिपा है वैज्ञानिक कारण, जो इस सवाल का जवाब दे सकता है।

'जर्नल ऑफ साइकोफार्माकोलॉजी' में छपी एक रिसर्च के अनुसार, अल्कोहल की कुछ घूंट लेते ही अंदर का कॉन्फिडेंस बढ़ने लग जाता है और उस दौरान ये लोग कॉन्फिडेंट होकर अंग्रेजी भाषा में बात करने लग जाते हैं, जिनमें नॉर्मल समय में वे इसे बोलने में कतराते हैं।

किए गए रिसर्च में यह बात सामने आई है कि शराब का सेवन करने के बाद से लोगों की याद्दाश्त और एकाग्रता पर असर पड़ता है। इस दौरान कुछ लोगों की पर्सनालिटी बिल्कुल बदल जाती है और उनका कॉन्फिडेंस तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसा होते ही वे उन चीजों पर फोकस करने लगते हैं, जिन्हें होश में रहने के दौरान करने से हिचकिचाते हैं।

दूसरी भाषा बोलने के अलावा कुछ लोग वो काम भी कर जाते है जो सामान्य रहने पर नही कर पाते। जैसे डांस करना या गाना गाना। वे शराब पीकर कॉन्फिडेंस में आकर खूब झूमते हैं। ऐसे लोग मस्त लाइफ जीने में यकीन रखते हैं। बैसे शराब पीना सेहत के लिए सही नही है। आप अपने कॉन्फिडेंस को बिना किसी की मदद लिए खुद बढ़ा सकते है।


पाकिस्तान में बढ़ती जा रही है गधों की संख्या, वजह जानकर उड़ जायेंगे होश

पाकिस्तान में बढ़ती जा रही है गधों की संख्या, वजह जानकर उड़ जायेंगे होश

अक्सर पाकिस्तान अपने अजीबोगरीब कामों के लिए चर्चा में रहता है। लेकिन अब एक नया रिकॉर्ड बन गया है।पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार आ जाने के बाद गधों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में सालाना एक लाख गधों की आबादी बढ़ती जा रही है। 

बढ़ती जा रही है गधों की संख्या

इमरान खान की सरकार आने के बाद से 3 साल में 3 लाख गधों की संख्या बढ़ी है, इसके पीछे के वजह प्राकृतिक प्रजनन नहीं बल्कि कारोबार है। पाकिस्तान हर साल चीन को 80 हजार गधों का निर्यात करता है। चीन इन गधों के खाल का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है गधे के मांस को खाने के साथ ही इसकी खाल से निकलने वाले जिलेटिन से कई प्रकार की दवाएं बनाई जाती है। 


दुनियाभर में गधों के मामले में तीसरा नंबर

आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में ऊंट, घोड़े और खच्चर सहित अन्य जानवरों की जनसंख्या वृद्धि 13 सालों से जस की तस है लेकिन गधों की संख्या सालाना 1 लाख बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में पाकिस्तान में 56 लाख गधे है, जो दुनियाभर में गधों के मामले में तीसरे नंबर पर है।