उप्र हिंदी संस्थान के 21 पुरस्कारों की धनराशि बढ़ी, पूर्व पीएम अटल के नाम से पांच लाख का सम्मान

उप्र हिंदी संस्थान के 21 पुरस्कारों की धनराशि बढ़ी, पूर्व पीएम अटल के नाम से पांच लाख का सम्मान

उप्र हि‍ंदी संस्थान के 21 पुरस्कारों की धनराशि में वृद्धि की गई है। साहित्य सेवा के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित भारत भारती सम्मान पांच लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दिया गया है। वहीं, 22 वें सम्मान के रूप में पांच लाख रुपये का अटल बिहारी वाजपेयी साहित्य सम्मान शुरू किया गया है।

अन्य पुरस्कारों में चार लाख रुपये के हि‍ंदी गौरव सम्मान, लोहिया साहित्य सम्मान, महात्मा गांधी साहित्य सम्मान, पंडित दीनदयाल उपाध्याय साहित्य सम्मान, अवंतीबाई साहित्य सम्मान और राजर्षि पुरूषोत्तम टंडन सम्मान की धनराशि में वृद्धि कर पांच लाख रुपये का कर दिया गया है। साहित्य भूषण (संख्या 20) पर 40 लाख रुपये की जगह अब 50 लाख रुपये व्यय होगा। प्रत्येक साहित्य भूषण सम्मान दो लाख रुपये की जगह अब ढाई लाख रुपये का होगा। दो लाख रुपये का लोक भूषण, कला भूषण, विद्या भूषण, विज्ञान भूषण, पत्रकारिता भूषण और प्रवासी भारतीय हि‍ंदी भूषण सम्मान अब ढाई लाख रुपये का कर दिया गया है।

हि‍ंदी विदेश प्रसार सम्मान (संख्या दो) के तहत दी जाने वाली धनराशि को प्रत्येक सम्मान दो लाख रुपये से अब ढाई लाख रुपये कर दिया गया है। बाल साहित्य सम्मान के तहत दी जाने वाली धनराशि को दो लाख रुपये से ढाई लाख रुपये कर दिया गया है। दो लाख रुपये कामधुलिमये साहित्य सम्मान, श्रीनारायण चतुर्वेदी साहित्य सम्मान, विधि भूषण सम्मान अब ढाई लाख रुपये का हो गया है। सौहार्द सम्मान (संख्या 15) के तहत अब 30 लाख रुपये की जगह 37.50 रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक सम्मान राशि को दो लाख रुपये की जगह ढाई लाख रुपये कर दिया गया है। विश्वविद्यालयस्तरीय सम्मान (संख्या दो) के तहत प्रत्येक सम्मान की राशि एक लाख रुपये होगी।

संस्थान के अध्यक्ष का पद संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री ने इस ओर विशेष ध्यान दिया है। पूर्व में उनकी ओर से गैर वेतन मदों का बजट बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया। साथ ही साहित्य भूषण की संख्या भी 10 की जगह 20 कर दी गई। साहित्य की दुनिया के लिए सम्मान राशि में वृद्धि स्वागतयोग्य कदम है।  - प्रो. सदानंद प्रसाद गुप्त, कार्यकारी अध्यक्ष, उप्र हि‍ंदी संस्थान


UP: योगी सरकार के मंत्री का मायावती पर हमला, कहा...

UP: योगी सरकार के मंत्री का मायावती पर हमला, कहा...

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे सूबे के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य (Labor Minister Swami Prasad Maurya) ने बहुजन समाज पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर बड़ा बयान दिया स्वामी प्रसाद मौर्य ने ब्राह्मणों की जमकर प्रशंसा की उन्होंने बोला कि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) समीप आता जा रहा है, सभी पार्टियां ब्राह्मणों की जमकर प्रशंसा कर रही है उनको लुभाने के लिए सभी पार्टियां तरह-तरह के लुभावने बातें कह रही है  शनिवार को अयोध्या पहुंचे श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने बोला कि दलित मायावती का साथ छोड़ चुका है बीएसपी को अब अपने दलित मतदाताओं पर भरोसा नहीं रहा

श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या (Swami Prasad Maurya)  ने ब्राह्मणों की प्रशंसा करते हुए बोला कि ब्राह्मण सबसे अधिक इस देश का बुद्धिजीवी, पढ़ा लिखा और समझदार मतदाता है ब्राम्हण किसी के झांसे बहकावे और प्रलोभन में आने वाला नहीं है ब्राह्मण हमेशा देश की दशा और दिशा तय करता आया है

कभी बीएसपी कार्यकाल में कद्दावर मंत्री थे  स्वामी प्रसाद मौर्य

स्वामी प्रसाद मौर्य ने बोला कि ब्राह्मण सियासी  और सामाजिक स्तर पर उचित अनुचित को अच्छी तरह से समझता है यही नहीं ब्राह्मण खुद अपने विवेक से फैसला लेता है वह किसी के झुनझुना बजाने से बच्चों की तरह उसके पीछे नहीं दौड़ेगा ब्राम्हण स्वयं बहुत समझदार है कभी बीएसपी कार्यकाल के कद्दावर मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य ने बोला कि बीएसपी का ब्राह्मण सम्मेलन फ्लॉप शो साबित होगा स्वामी प्रसाद मौर्या बहुजन समाज पार्टी  कार्यकाल में भी मंत्री रह चुके हैं श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य आज पूर्व सिंचाई मंत्री मराठी लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष रहे स्वर्गीय मुन्ना सिंह के पांचवीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने अयोध्या के सोहावल महोली गांव पहुंचे थे इस श्रद्धांजलि प्रोग्राम में प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डाक्टर महेंद्र सिंह भी शामिल हुए

बसपा-सपा पर गरजे अठावले

यूपी में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए अठावले ने 26 सितंबर से बहुजन कल्याण यात्रा भी निकाले जाने का ऐलान कर सपा, बीएसपी और कांग्रेस पार्टी के साथ ममता बनर्जी पर भी जमकर निशाना साधा है केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद आज सीएम योगी से मुलाकात कर यूपी के मुस्लिम-दलित बहुल क्षेत्रों में बीएसपी को टक्कर देने के लिए RPI के प्रत्याशियों को भी चुनाव लड़ाने की मांग की है इस दौरान राम दास अठावले ने बीएसपी के जनाधार में लगातार कमी आने की बात कहते हुए जहां अब अपने बलबूते पर मायावती को सत्ता में न आ पाने की बात कही, तो वही सपा और कांग्रेस पार्टी द्वारा भी उत्तर प्रदेश में सरकार न बना पाने के साथ इस बार उत्तर प्रदेश में 325 की स्थान 375 सीटें आने का दावा किया