कुशीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान की संभावनाएं तलाश रहा स्पाइस जेट, शुरू किया सर्वे

कुशीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान की संभावनाएं तलाश रहा स्पाइस जेट, शुरू किया सर्वे

एविएशन कंपनी स्पाइस जेट ने कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जल्द ही खाड़ी व बौद्ध देशों को उड़ान सेवा शुरू कर सकती है। कंपनी के अधिकारियों ने इसके लिए बैठक व सर्वेक्षण का दौर शुरू कर दिया है। कंपनी की प्राथमिकता एयर बबल समझौता के तहत खाड़ी देशों से उड़ान शुरू करने की है। बौद्ध देशों से उड़ान सामान्य स्थिति होने पर विचार होगा।

पेशेवर लोगों से जानकारी जुटा रही है कंपनी

कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट देवाशीष बनर्जी स्वयं इसकी निगरानी कर रहे है। उन्होंने कई दौर में पर्यटन, एविएशन व एयरपोर्ट्स, टूर ट्रवेल, होटल्स इंडस्ट्रीज से जुड़े लोगों की वर्चुअल बैठक की है। बैठक में लोगों से जरूरी जानकारी ली। कंपनी के कर्मचारी आनलाइन सर्वे कर डेटा बैंक तैयार कर रहे हैं ताकि पुख्ता तौर पर यह जानकारी हो सके कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने पर यात्रियों की क्या संख्या होगी।

देश से अभी सीमित संख्‍या में हो पा रही अंतरराष्‍ट्रीय उडान

फिलहाल पूरे एविएशन इंडस्ट्री की नजर कोविड - 19 के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ान को लेकर भारत सहित अन्य देशों की सरकार की बदली नीति पर टिकी हुई है। क्योंकि एयर बबल समझौते के तहत अभी सीमित संख्या में कड़े प्रतिबंध के तहत ही उड़ान हो पा रही है। कंपनी ने 20 अक्टूबर को कुशीनगर से दिल्ली,कोलकाता व मुंबई के लिए उड़ान की घोषणा किया था। 26 नवंबर को कंपनी की पहली फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना होगी।

खाडी देशों के यात्रियों की संख्‍या भी पर्याप्‍त

टूर ट्रवेल्स कारोबारी अजीम सिद्दीकी बताते हैं कि बौद्ध सर्किट के अलावा खाड़ी देशों के लिए पर्याप्त मात्रा में यात्री मौजूद हैं। पटना, लखनऊ व दिल्ली से खाड़ी देशों में आवागमन करने वाले पूर्वी यूपी व पश्चिम बिहार के हजारों लोगों को अंतरराष्ट्रीय उड़ान का इंतजार है। स्पाइस जेट के अधिकारियों को वार्ता में इस तथ्य से अवगत कराया गया है।

अंतरराष्‍ट्रीय उडान के लिए शुरू हुआ बेसिक वर्क

स्पाइस जेट उत्तरी क्षेत्र के निदेशक अतुल मोहन ने बताया कि कुशीनगर से अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू करने के लिए बेसिक वर्क चल रहा है। अभी अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर प्रतिबंध है। एयर बबल समझौते के तहत उड़ान सीमित है। कोशिश की जा रही है कि एयर बबल समझौते के तहत ही खाड़ी देशों से उड़ान की अनुमति सरकार से मिल जाए।


Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

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मकर संक्रांति पर्व को लेकर थोक और फुटकर बाजारों में ग्राहकों की रौनक रही। गजक, तिल के लड्डू, पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत गुड़ और शक्कर के बने उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई।

नया चावल और उड़द-मूंग की दाल भी खूब बिकी। हालांकि, बाजार में महंगाई की मार भी दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम रही, तमाम ग्राहक मास्क तक नहीं लगाए थे। 

कानपुर नमकीन, बेकरी, गजक, पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में गुड़ और शक्कर के दाम बढ़े हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 10-15 फीसदी दाम तेज हैं। गुड़ की गजक 240 रुपये किलो बिकी। गुड़ रोल और पंजाबी चिक्की का भाव 260 रुपये किलो रहा।

काले तिल का लड्डू 280 और सफेद तिल का लड्डू 260 रुपये किलो में बिका। बाजार में ग्राहकों की पसंद को देखते हुए चॉकलेट, खोवा, मेवा गजक भी हैं। इसके दाम अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार 400 से 600 रुपये किलो तक है। महामंत्री शंकर लाल मतानी ने बताया कि बाजार में अच्छी संख्या में ग्राहक थे।

दोनों प्रकार के तिल के लड्डू, रामदाना, लइया की भी अच्छी डिमांड देखने को मिली। चावल और दाल कारोबारी सचिन त्रिवेदी ने बताया कि खिचड़ी में नया चावल ही इस्तेमाल में आता है। इसके चलते चावल और दालों की अच्छी बिक्री हुई।