लखनऊ केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में बढ़ी मरीजों का जल्द उपचार प्रारम्भ होने की उम्मीद

लखनऊ केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में बढ़ी मरीजों का जल्द उपचार प्रारम्भ होने की उम्मीद

लखनऊ केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में हर घंटे 120 मरीजों की कोरोना जाँच होगी. इससे गंभीर अवस्था में आने वाले मरीजों को होल्डिंग एरिया में ज्यादा वक्त नहीं गुजारना होगा.

 मरीजों का जल्द उपचार प्रारम्भ होने की उम्मीद बढ़ गई है. ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन 350 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं. विभिन्न विभागों में भी सैकड़ों मरीज आ रहे हैं. इन सभी की कोरोना जाँच महत्वपूर्ण है.

केजीएमयू कार्यपरिषद ने शनिवार को सर्विस केयर प्रोवाइडर के माध्यम से कोरोना जाँच की सुविधा बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी. इसमें संस्था मशीन अपने बजट से लगाएगी. केजीएमयू को रसायन का शुल्क देना होगा. मरीजों को जाँच के एवज में 1500 रुपये खर्च करने होंगे. केजीएमयू अधिकारियों का बोलना है कि आरंभ में दो मशीनें लगायी जाएंगी. प्रत्येक मशीन से हर घंटे 60 मरीजों की जाँच संभव होगी. इस लिहाज से हर घंटे 120 जांचें हो सकेंगी. अभी ट्रूनेट जाँच से चार जांचे ही हो पा रही हैं.

जांच के लिए समाप्त होगा इंतजार
ट्रॉमा में मरीजों का दबाव ज्यादा है. ऐसे में जाँच के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. नतीजतन होल्डिंग एरिया में मरीजों को घंटों गुजारने पड़ रहे हैं. होल्डिंग एरिया में भर्ती के दौरान मरीजों का पुख्ता उपचार नहीं मिल पाता है. वहीं कोरोना की आरटीपीसीआर जाँच में 12 से 15 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है. नयी सुविधा से मरीजों को जाँच का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

केजीएमयू कार्यपरिषद ने कोरोना जाँच की सुविधा बढ़ाने की दिशा में निर्णय किया है. मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराने की दिशा में कोशिश किए जा रहे हैं. अब कोरोना जाँच रिपोर्ट का लंबा इंतजार समाप्त होगा. जल्द उपचार प्रारम्भ करने में डॉक्टरों को मदद मिलेगी.
डाक्टर सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू