पीएम नरेन्द्र मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का किया उद्घाटन, बोले...

पीएम नरेन्द्र मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का किया उद्घाटन, बोले...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को उत्तर प्रदेश के साथ देश को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के रूप में नायाब दिया। उन्होंने 341 किलोमीटर लम्बे पूर्वांचल एक्सप्रेस का उद्घाटन किया। इस दौरान सुलतानपुर में उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे यूपी के विकास व प्रगति का एक्सप्रेस वे है। यह नए यूपी के निर्माण का और यूपी की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का एक्सप्रेस वे है। यह एक्सप्रेस वे आधुनिक होती यूपी का प्रतिबिंब होने के साथ ही उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति के संकल्पों का जीता–जागता प्रमाण है। यह यूपी की शान है और यह यूपी का कमाल है। इससे पहले पीएम मोदी सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर सुपर हरक्युलिस सी-130 जे विमान से उतरे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहां पर उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने संबोधन पूर्वी भाषा से शुरू कर वहां पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने कहा कि जौने धरती पर हनुमान जी कालनेमी के बध कि किए रहे उ धरती के लोगन के हम पांव लागित है। उन्होंने कहा कि 341 किलोमीटर लम्बाई वाला पूर्वांचल एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेस वे यूपी की शान है, यह यूपी का कमाल है, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को यूपी की जनता को समर्पित करते हुए अपने आप को धन्य महसूस कर रहा हूं। 1857 के लड़ाई मा इहां के लोग अंग्रेजन के छठी के दूध याद देवाई दे रहें। ये धरती के कण-कण मा स्वतंत्रता संग्राम के खुशबू बा। कोइरिपुर के युद्ध भला के भुलाई सकत हये। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सौगात मिलत बा, जेके आप सब बहुत दिन से ओगरत रहिन। आप सभई के बहुत-बहुत बधाई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुलतानपुर के अरवल कीरी करवत में गाजीपुर से लखनऊ तक 341 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन करते हुए कहा कि तीन वर्ष पहले जब मैंने एक्सप्रेस वे का शिलान्यास किया था, तब खुद नहीं सोचा था कि एक दिन उसी एक्सप्रेस वे पर विमान से मैं खुद उतरूंगा, लेकिन योगी सरकार ने इसे सच कर दिखाया। देश का संपूर्ण विकास करने के लिए देश का संतुलित विकास भी उतना ही जरूरी है। पूर्वी भारत में विकास की इतनी संभावना होने के बावजूद इन क्षेत्रों को विकास का लाभ नहीं मिला।

पूर्वांचल के लोगों के लिए तो लखनऊ पहुंचना भी महाभारत जीतने जैसा होता था। पहले की सरकारों ने यूपी को ऐसा बना दिया था कि यहां राह नहीं होती थी, यहां राहजनी होती थी। जिस तरह से यूपी में विकास हो रहा है उससे साफ है कि यूपी का भाग्य बदलना शुरू हो गया है। पहले कितनी बिजली कटौती होती थी, कौन भूल सकता है कि यूपी में कानून व्यवस्था की क्या हालत थी, यहां मेडिकल सुविधा की क्या व्यवस्था थी। मुझे मालूम था कि जिस तरह से योगी आदित्यनाथ की सरकार आने से पहले वाली सरकारों ने विकास में भेदभाव किया, अपने परिवार का लाभ किया, ऐसे लोगों को यूपी के लोग रास्ते से हटा देंगे।

विपक्ष को भी दी काम करने की नसीहत : प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मैं देख रहा हूं कि कुछ लोग अपना आपा खो रहे हैं, विचलित हो रहे हैं, यह सब वही लोग हैं लोग अपने समय में सफल नहीं हुए तो योगी आदित्यनाथ जी की सफलता देख कर परेशान हैं। सब अपने परिवार के विकास में लगे रहे। कभी प्रदेश व देश को अपना परिवार नहीं समझा। पीएम मोदी ने कहा कि सुल्तानपुर के सपूत श्रीपति मिश्रा जी के साथ भी तो यही हुआ था, परिवारवादी लोगों ने उनका अपमान किया था, जिसे यूपी के लोग कभी नहीं भुला सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज तो प्रदेश में विकास हो रहा है तो इसका सबसे अधिक लाभ हमारी बहनों-बेटियों को मिल रहा है। घर, बिजली पानी, शौचालय, रसोइ गैस मिलने से उनको सबसे बड़ी परेशानी से छुटकारा मिला है। अगर कोई अपना घर बनाता है तो मिट्टी की जांच करता है, अन्य पहलुओं को देखता है। पहले की सरकारों ने यहां बिना कनेक्टिविटी की जानकारी किए ही बस वादे कर दिए जिससे विकास कोसों दूर रहा। पिछले मुख्यमंत्रियों के लिए विकास वहीं तक सीमित था जहां उनका घर था। लेकिन आज जितना पश्चिम का सम्मान है, उतनी ही पूर्वांचल के लिए भी प्राथमिकता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे आज यूपी की इस खाई को पाट रहा है, यूपी को जोड़ रहा है। यूपी में अब कोई जातिवाद नहीं, कोई क्षेत्रवाद नहीं, सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ योगी जी की सरकार काम कर रही है। भाजपा सरकार में जिस तरह से उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसप्रदेश बनाया जा रहा है, वह आजादी के बाद पहली बार हो रहा है।


यूपी के विकास पर ध्यान ही नहीं दिया गया : पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिस तरह से राजनीति हुई, जिस तरह से लंबे समय तक सरकारें चलीं, उन्होंने यूपी के सर्वांगीण विकास पर ध्यान ही नहीं दिया। यूपी का यह क्षेत्र तो माफियावाद और यहां के लोगों को गरीबी के हवाले कर दिया गया था। जिस तरह से यूपी में विकास हो रहा है उससे साफ है कि यूपी का भाग्य बदलना शुरू हो गया है। पहले कितनी बिजली कटौती होती थी, कौन भूल सकता है कि यूपी में कानून व्यवस्था की क्या हालत थी, यहां मेडिकल सुविधा की क्या व्यवस्था थी। मुझे मालूम था कि जिस तरह से योगी आदित्यनाथ जी की सरकार आने से पहले वाली सरकारों ने विकास में भेदभाव किया, अपने परिवार का लाभ किया, ऐसे लोगों को यूपी के लोग रास्ते से हटा देंगे। यहां की पूर्व की सरकारों को मुझे देख कर हैरानी होती थी कि आखिर यूपी को किस बात की सजा दी जा रही है। यह एक्सप्रेसवे यूपी के विकास का एक्सप्रेसवे है, यह एक्सप्रेसवे यूपी के प्रगति का एक्सप्रेसवे है, यह एक्सप्रेसवे यूपी की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का एक्सप्रेसवे है। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पहले जब मैंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया था तब मैंने नहीं सोचा कि इस एक्सप्रेसवे पर ही मैं विमान से उतरूंगा भी।

योगी सरकार की जमकर तारीफ और अखिलेश को घेरा : ‘यूपी के ओजस्वी, तेजस्वी और कर्मयोगी योगी’ कहकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ को अलंकृत किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इस तरह का काम यूपी में पहली बार हो रहा है। आज डबल इंजन की सरकार यूपी के लोगों को अपना मानकर काम कर रही है। यूपी सरकार ने जिस तरह कोरोना वैक्सीन लगवाने का काम किया है वह प्रशंसनीय है। यूपी 14 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाकर देश ही नहीं, दुनिया में अग्रणी है। अखिलेश यादव पर हमला करते हुए कहा कि यूपी के लोगों ने वैक्सीन पर किसी भी राजनीति को हावी नहीं होने दिया। हम जानते हैं कि यहां की जनता सबकुछ समझती है और आगे भी उनके मंसूबों को भी परास्त करेगी। यूपी सरकार ने दो साल में 30 लाख ग्रामीण परिवारों के यह स्वच्छ जल पहुंचा दिया है।

पिछली सरकारों ने पूर्वांचल को किस बात की सजा दी : प्रधानमत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता से सीधे सवाल करते हुए कहा कि पूर्वांचल क्षेत्र को गंगा का आशीर्वाद मिला हुआ है लेकिन यहां सात-आठ साल पहले की स्थिति को देखकर लगता है कि पिछली सरकारों ने यहां के लोगों को किस बात की सजा दी है। अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि इनकी सरकार ने हमारी विकास योजनाओं पर कोई काम नहीं किया। यही नहीं उन्हें हमारे साथ खड़े होने में डर लगता था। हम समझ सकते हैं कि यह संकोच क्यों था क्योंकि उनके पास काम के नाम पर कुछ था ही नहीं। उन्होंने विकास को केवल अपने परिवार और अपने क्षेत्र तक ही सीमित रखा।

यूपी में विकास की नई बयार : प्रधानमंत्री ने जनता से सीधे संवाद करते हुए कहा कि यूपी में पहले कितनी बिजली कटौती होती थी, इसे कौन भूल सकता है। कानून व्यवस्था की क्या हालत थी। यूपी मेडिकल सुविधाओं की स्थिति क्या थी। हालात ऐसे बना दिए गए थे कि सड़कों पर राह नहीं, राहजनी होती थी। अब राहजनी करने वाले जेल में हैं। अब राहजनी नहीं गांव-गांव में राह और सड़क बन रही है। यूपी में हजारों गांवों को नई सड़कों से जोड़ा गया है। नए मेडिकल कालेज बन रहे हैं, एम्स बन रहे हैं, नए शिक्षा संस्थान बन रहे हैं। कुछ दिन पहले कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। आज पूर्वांचल एक्सप्रेस का उद्घाटन करने का अवसर मिला है। इससे किसान की मदद होगी, व्यापारी के लिए सुविधा होगी। इसका लाभ श्रमिकों और उद्यमियों को भी होगा। इस एक्सप्रेस वे ने निर्माण में हजारों लोगों को रोजगार दिया, अब शुरू होने पर लाखों लोगों को रोजगार देगा। यूपी का डिफेंस कारीडोर भी विकास के अवसर लाने वाला है।


पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पूर्वी यूपी की जीवन रेखा बनेगी : सुलतानपुर के अरवल कीरी करवत में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार भारत को दुनिया के सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए अपना सहयोग करने में जुटी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे इसमें एक बड़ा माध्यम साबित होगा। यह एक्सप्रेस वे केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, जिसका आजादी के बाद से लगातार उपेक्षा की गई, उसके विकास की जीवन रेखा बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज से तीन वर्ष पहले एक्सप्रेस वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री ने किया था। इस बीच में दो वर्ष से कोरोना जैसी महामारी से उत्तर प्रदेश समेत पूरा देश प्रभावित है, लेकिन प्रधानमंत्री की प्रेरणा से जीवन और जीविका को बचाने के लिए महामारी के दौरान किए गए प्रबंधन का परिणाम है कि यह एक्सप्रेस वे सभी बाधाओं के बावजूद बनकर तैयार हो सका। उन्होंने कहा कि जब वायुसेना के विशेष विमान ने एक्सप्रेस वे को छुआ और प्रधानमंत्री उतरे, तभी पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन हो गया।

यह नए उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्ष के अंदर प्रदेश में विकास के लगातार काम किया जा रहे हैं। प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेस को जल्द ही जोड़ने का काम शुरू किया जा रहा है। गंगा एक्सप्रेस वे, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ेगी, उसका भी काम कुछ ही दिनों में शुरू होने जा रहा है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चार शहरों में मेट्रो की व्यवस्था की जा रही है। अगले महीने कानपुर में मेट्रो की सुविधा जनता को मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में लखनऊ और वाराणसी एयरपोर्ट ही वायुसेवा से जुड़े थे। आज भारत सरकार की उड़ान योजना का लाभ लेते हुए नौ एयरपोर्ट बनाकर शुरू करा दिया गया है, जबकि 11 नए एयरपोर्ट पर कार्य किया जा रहा है। यह नए उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर है, जो बिना भेदभाव के सभी लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही आस्था का भी सम्मान किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि एक्सप्रेस वे के दोनों किनारों पर औद्योगिक गलियारे बनाए जाएंगे। यहां विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित होंगे। लाजिस्टिक सुविधा बेहतर होने से स्थानीय कारोबारियों, छोटे व्यापारियों आदि को भी लाभ होगा। पूर्वांचल के छोटे-छोटे जिलों से अब लखनऊ और दिल्ली की दूरी घट गई है। दस घंटे का सफर महज साढ़े तीन से चार घंटे में तय किया जा सकेगा। इस पूर्वांचल एकसप्रेसवे का लाभ बिहार के सीमावर्ती जिलों को भी सीधे मिल सकेगा।


Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

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मकर संक्रांति पर्व को लेकर थोक और फुटकर बाजारों में ग्राहकों की रौनक रही। गजक, तिल के लड्डू, पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत गुड़ और शक्कर के बने उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई।

नया चावल और उड़द-मूंग की दाल भी खूब बिकी। हालांकि, बाजार में महंगाई की मार भी दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम रही, तमाम ग्राहक मास्क तक नहीं लगाए थे। 

कानपुर नमकीन, बेकरी, गजक, पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में गुड़ और शक्कर के दाम बढ़े हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 10-15 फीसदी दाम तेज हैं। गुड़ की गजक 240 रुपये किलो बिकी। गुड़ रोल और पंजाबी चिक्की का भाव 260 रुपये किलो रहा।

काले तिल का लड्डू 280 और सफेद तिल का लड्डू 260 रुपये किलो में बिका। बाजार में ग्राहकों की पसंद को देखते हुए चॉकलेट, खोवा, मेवा गजक भी हैं। इसके दाम अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार 400 से 600 रुपये किलो तक है। महामंत्री शंकर लाल मतानी ने बताया कि बाजार में अच्छी संख्या में ग्राहक थे।

दोनों प्रकार के तिल के लड्डू, रामदाना, लइया की भी अच्छी डिमांड देखने को मिली। चावल और दाल कारोबारी सचिन त्रिवेदी ने बताया कि खिचड़ी में नया चावल ही इस्तेमाल में आता है। इसके चलते चावल और दालों की अच्छी बिक्री हुई।