यूपी टीईटी 2021 पेपर लीक होने पर विपक्ष का सरकार पर हमला

यूपी टीईटी 2021 पेपर लीक होने पर विपक्ष का सरकार पर हमला

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) 2021 का पेपर रविवार को इंटरनेट पर लीक होने के बाद भले ही सरकार ने परीक्षा को रद कर दिया है, लेकिन विपक्ष ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। बहुजन समाज पार्टी के साथ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भाजपा सरकार को शिक्षा तथा भर्ती की बड़ी विरोधी बताया है।

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के साथ ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पेपर लीक होने के मामले में ट्वीट किया है। इनमें भी मायावती ने भाजपा सरकार के कार्यकाल की तुलना समाजवादी पार्टी के कार्यकाल से कर दी है। तीनों नेताओं ने इसको लेकर ट्वीट भी किया है।

मायावती ने कहा कि जिस प्रकार समाजवादी पार्टी की सरकार में नकल आम बात होती थी, उसी प्रकार भाजपा सरकार में भी पेपर लीक होने से यूपी में शिक्षकों की भर्ती के लिए आज की उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) का रद हो जाना अति-गंभीर मामला। उन्होंने कहा कि करीब 21 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ उचित नहीं। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार इस ताजा घटना को पूरी गंभीरता से लेकर इसकी अति-शीघ्र उच्च-स्तरीय जांच कराए। इतना ही बसपा की मांग है कि सरकार सभी दोषियों को सख्त कानूनी सजा सुनिश्चित करे तथा आगे यथाशीघ्र इस परीक्षा को सुचारू रूप से कराने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करे।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी टीईटी 2021 की परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से रद होना बीसों लाख बेरोजगार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। भाजपा सरकार में पेपर लीक होना, परीक्षा व परिणाम रद होना आम बात है। उत्तर प्रदेश में शैक्षिक भ्रष्टाचार के चरम पर है। बेरोजगारों का इंकलाब होगा। बाइस में बदलाव होगा।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि भर्तियों में भ्रष्टाचार, पेपर आउट ही भाजपा सरकार की पहचान बन चुका है। आज यूपी टेट का पेपर आउट होने की वजह से लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर गया। हर बार पेपर आउट होने पर योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने भ्रष्टाचार में शामिल बड़ी मछलियों को बचाया है, इसलिए उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। 


Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

मकर संक्रांति पर्व को लेकर थोक और फुटकर बाजारों में ग्राहकों की रौनक रही। गजक, तिल के लड्डू, पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत गुड़ और शक्कर के बने उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई।

नया चावल और उड़द-मूंग की दाल भी खूब बिकी। हालांकि, बाजार में महंगाई की मार भी दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम रही, तमाम ग्राहक मास्क तक नहीं लगाए थे। 

कानपुर नमकीन, बेकरी, गजक, पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में गुड़ और शक्कर के दाम बढ़े हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 10-15 फीसदी दाम तेज हैं। गुड़ की गजक 240 रुपये किलो बिकी। गुड़ रोल और पंजाबी चिक्की का भाव 260 रुपये किलो रहा।

काले तिल का लड्डू 280 और सफेद तिल का लड्डू 260 रुपये किलो में बिका। बाजार में ग्राहकों की पसंद को देखते हुए चॉकलेट, खोवा, मेवा गजक भी हैं। इसके दाम अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार 400 से 600 रुपये किलो तक है। महामंत्री शंकर लाल मतानी ने बताया कि बाजार में अच्छी संख्या में ग्राहक थे।

दोनों प्रकार के तिल के लड्डू, रामदाना, लइया की भी अच्छी डिमांड देखने को मिली। चावल और दाल कारोबारी सचिन त्रिवेदी ने बताया कि खिचड़ी में नया चावल ही इस्तेमाल में आता है। इसके चलते चावल और दालों की अच्छी बिक्री हुई।