'राजधानी' के लिए रेल मंत्री से बात करेंगे सीएम योगी

'राजधानी' के लिए रेल मंत्री से बात करेंगे सीएम योगी

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय और विश्व के सबसे बड़े प्लेटफार्म वाले शहर गोरखपुर से राजधानी ट्रेन के गुजरने के लिए प्रयास का सिलसिला अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। जागरण से बातचीत में मुख्यमंत्री ने इसे लेकर रेल मंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। सोमवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इसे लेकर वह पहले भी प्रयास कर चुके हैं। इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए वह रेलमंत्री से एक बार फिर चर्चा करेंगे। उनकी पूरी कोशिश होगी कि राजधानी ट्रेन गोरखपुर से होकर भी गुजरे।

इन्‍होंने भी की है राजधानी की मांग

इससे पहले राज्यसभा सदस्य जयप्रकाश निषाद भी रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से मिलकर गोरखपुर के लिए राजधानी ट्रेन की मांग कर चुके हैं। सांसद रवि किशन, कमलेश पासवान और पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने इसे लेकर रेलमंत्री को पत्र लिखा है। गोरखपुर के सभी विधायक इसे लेकर पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक से मिलने की तैयारी में हैं। इसके अलावा अन्‍य राजनीत‍िक दलों के पदाध‍िकारी, रेल संगठनों के पदाध‍िकारी, गोरखपुर के उद्योगपत‍ि और व्‍यापारी भी गोरखपुर से राजधानी चलाने की मांग कर चुके हैं।


मुख्यमंत्री का आशीर्वाद लेकर लखनऊ गए कैफुलवरा

राज्य उर्दू अकादमी के नव नियुक्त अध्यक्ष चौधरी कैफुलवरा ने सोमवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। उसके बाद कार्यभार ग्रहण करने के लिए लखनऊ रवाना हो गए। वह मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करेंगे। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें नए उत्तरदायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। कहा कि उर्दू साहित्य और भाषा की समृद्धि की दिशा में काम करने के लिए योजना बनाएं और उसपर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें। सभी को साथ लेकर चलें और कोई भी समस्या हो तो जरूर बताएं।

 
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कैफुलवरा का वहां पहले से मौजूद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह से परिचय भी कराया। कैफुलवरा ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके इस निर्णय से पूरे समाज में हर्ष की लहर है। इसे लेकर उन्हें प्रदेशभर से बधाई मिल रही है। इस दौरान चौधरी जैद, चौधरी रजीउद्दीन, चौधरी उम्मेद, चौधरी अनस, चौधरी मोइनुद्दीन, चौधरी बेलाल व डा. मनी सारस्वत मौजूद रहे।


गोरखपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक द‍िन में 34 हजार लोग बीमार

गोरखपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक द‍िन में 34 हजार लोग बीमार

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग तेजी से बीमार हुए हैं। 15 दिन में 34638 लोग बीमार मिले हैं। उनका इलाज किया गया। लोगों को शुद्ध जल के लिए 282548 क्लोरीन की गोलियां बांटी गई हैं। 24677 ओआरएस के पैकेट बांटे गए हैं। राहत की बात यह है कि लोग दवाओं से ठीक हो रहे हैं। अभी तक किसी को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है।

सतर्क हुईं स्‍वास्‍थ्‍य टीमें

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। चिकित्सकों की 65 टीमें बनाई गई हैं। 19 सचल दल तैयार किए गए हैं। बाढ़ चौकियों पर 206 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि किसी भी समय मरीज अपना इलाज करा सकें। हर बाढ़ चौकी व स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

एंटी स्नेक वेनम भी उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि सांप के काटने की स्थिति में तत्काल इलाज हो सके। शुरुआत में वायरल फीवर के ज्यादा मरीज मिल रहे थे, इस समय त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। दाद, खाज, खुजली व शरीर पर चकत्ते पड़ने की शिकायत लेकर बाढ़ चौकियों व मेडिकल कैंपों में लोग आ रहे हैं। सभी को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


जल भराव के बावजूद गांवों में पहुंच रही टीमें

शुरुआत में जब पानी ज्यादा था तो टीमें नाव से गांवों में जाकर मरीजों का इलाज करती थीं। अब पानी कम हो गया है, नाव नहीं जा सकती, इसलिए पानी से होकर पैदल टीमें गांवों में पहुंच रही हैं। डायरिया, उल्टी-दस्त आदि के मरीज भी बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। उन्हें दवा देने के साथ ही एहतियात बरतने की भी सलाह दी जा रही है। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने को कहा जा रहा है।

 
हो रही जांच

सीएमओ ने बताया कि रैपिड किट से गांवों में डेंगू, मलेरिया व कोराना आदि की जांच की जा रही है। अभी तक इन क्षेत्रों में इन बीमारियों के मरीज नहीं मिले हैं। लोगों कोरोना से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं, इनका पालन करने से अनेक प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 18 टीमों ने किया मरीजों का इलाज

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की 18 टीमें पहुंचीं। 2123 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें 1112 महिलाएं और 1011 पुरुष हैं। इनमें 144 बच्‍चे, चार गर्भवती और 188 वृद्ध भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा करीब 600 लोग त्वचा रोग के पीडि़त मिले। इन्हें दाद, खाज, खुजली, शरीर पर दाने और चक्कत्ते पडऩे की समस्या थी। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि बुखार के 217 रोगी मिले। 140 लोग उल्टी-दस्त व 1173 अन्य बीमारियों से ग्रसित मिले। 18619 क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया गया। 1673 ओआरएस के पैकेट बांटे गए। 750 हैंडपंपों को विसंक्रमित किया गया।