यूपी सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए चलाई गई रोजगार योजना, जाने क्या मिले फायदे

यूपी सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए चलाई गई रोजगार योजना, जाने क्या मिले फायदे

यूपी (Uttar Pradesh) सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों (Migrant Workers) के लिए चलाई गई रोजगार योजना (Employment Scheme) के तहत कानपुर देहात (Kanpur Dehat) में भी 50,000 से ज्यादा श्रमिकों को जल्द रोजगार मिल जाएगा। 

इसकी आरंभ हो भी चुकी है। जिले की बड़ी औद्योगिक इकाई एएफ़पीएल और फ्रंटियर में कई श्रमिकों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि कई अन्य को जल्द ही ऑफर पत्र देने की तैयारी है। कानपुर देहात में अब तक 4347 प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है। अपने घर के पास ही मां-बाप के साथ रहकर जॉब मिलने पर श्रमिक खुश हैं व सरकार की धन्यवाद दे रहे हैं।

दरअसल, कोरोना वायरस के फैलने के बाद सारे देश में लॉकडाउन जब हुआ तो सबसे ज्यादा कठिनाई उन श्रमिकों को हुई जो अपने परिवार व घर को छोड़कर दो वक्त की रोटी कमाने के लिए अन्य प्रदेशों की तरफ गए थे। पलायन के बाद अब अपने-अपने गांव लौट आए इन प्रवासी मजदूरों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की थी। जिसके लिए योगी सरकार ने योगी सरकार ने सबसे जरूरी योजना चलाई। जिसके तहत सभी श्रमिकों को यूपी में ही व रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। इस योजना के फायदा से आभार श्रमिक अपने जिले और अपने गांव में अपने मां-बाप के साथ रहकर उनकी सेवा भी कर पा रहे हैं साथ ही वक्त की रोटी भी कमा सकेंगे। सरकार की इस योजना के बाद हर श्रमिक योगी सरकार का धन्यवाद अदा कर रहा है।

जिले की बड़ी औद्योगिक इकाईयों में मिल रहा रोजगार जिले की बड़ी औद्योगिक इकाई में से एक एएफ़पीएल में कार्य कर रहे यह श्रमिक जूतों की सिलाई कर रहे हैं। इस इकाई की सप्लाई अमेरिका , स्पेन व लंदन में है। इस वक्त इस औद्योगिक इकाई में लगभग 6000 से ज्यादा श्रमिक कार्य कर रहे हैं जो भिन्न-भिन्न शिफ्टों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क लगाकर निडरता के साथ अपने कार्य को कर रहे हैं। इस इकाई में कार्य करने वाले एक मेहनतकश ने बताया कि वह अब तक हरियाणा में रहकर अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए कार्य कर रहा था। लॉकडाउन में उसे पलायन के लिए विवश होना पड़ा। वह अपने गांव कानपुर देहात तो लौट आया लेकिन पता नहीं था कि आखिर क्या होगा? कैसे रोजगार मिलेगा? कैसे बूढ़े मां बाप के लिए रोटी आएगी? ऐसे में सरकार की योजना के तहत रोजगार मिला।



ऐसा ही कुछ नजारा औद्योगिक इकाई फ्रंटियर में भी दिखाई दिया।   यहां रेलवे का बड़े पैमाने पर कार्य चलता है। यहां पर कार्य करने वाले अमित आज बेहद खुश हैं। क्योंकि उन्हें कार्य वहां मिला जहां से चंद घंटों की दूरी पर अपने घर पहुंच जाते हैं। श्रमिक खुश हैं क्योंकि रोजगार तो मिला ही मिला, अब प्रातः काल व शाम के वक्त का खाना भी परिवार के साथ खाने का सुख मिल रहा है। श्रमिक अब दुगनी ऊर्जा से कार्य कर रहे हैं।

श्रमिकों को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाई फ्रंटियर के मैनेजर पवन अग्रवाल ने बताया कि सरकार की इस योजना का फायदा औद्योगिक इकाइयों को भी हो रहा है। उन्होंने बोला कि हमारे जिले में हर एक कार्य के सबसे बेहतर कर्मचारी रहते हैं। सरकार की जो योजना है कि हर हाथ को कार्य व अपने ही जिले में रोजगार के बाद हमारी इकाई में भी साक्षात्कार लेने के बाद लगभग डेढ़ सौ श्रमिक की नियुक्ति हुई। 500 से अधिक का डाटा जमा है, जिनका जल्द साक्षात्कार कर उन्हें भी रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

10,000 से ज्यादा श्रमिकों का अब तक रजिस्ट्रेशन

अगर आंकड़ों की बात करें तो जिले में 10,000 से ज्यादा श्रमिकों का अब तक रजिस्ट्रेशन हो चुका है। जिन का पूरा डाटा औद्योगिक इकाइयों के मालिकों तक पहुंच गया है। जल्द ही सरकार की योजना के तहत इस जिले में श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। जिला उद्योग निदेशक चंद्रभान सिंह ने बताया कि सरकारी योजना के तहत हमारा उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराए जाए। औद्योगिक इकाइयों के आंकड़ों के अनुसार जिले में बड़ी व नामी कंपनियों की इकाईयां उपस्थित हैं जो हजारों की संख्या में श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराएंगी।