सीएम योगी आज आएंगे गोरखपुर, विजयदशमी विजय जुलूस की करेंगे अगुवाई

सीएम योगी आज आएंगे गोरखपुर, विजयदशमी विजय जुलूस की करेंगे अगुवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर आएंगे। मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम करेंगे। बुधवार को वह विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार की शाम को कुशीनगर से गोरखपुर पहुंचेंगे। गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रात्रि विश्राम करेंगे। बुधवार को दोपहर 12 बजे जंगल कौड़िया में बने महंत अवेद्यनाथ राजकीय महाविद्यालय एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की कांस्य प्रतिमा का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री यहां जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उसी दिन शाम को मुख्यमंत्री कालीबाड़ी मंदिर में पर्यटन विकास योजना के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर जाएंगे।

अष्टमी को करेंगे महानिशा पूजन, नवमी पर पखारेंगे नौ कन्याओं को पांव

अष्टमी के दिन महानिशा पूजा और नवमी के दिन कन्या पूजन के बाद वह विजयदशमी को गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाले विजय जुलूस की अगुवाई करेंगे। मानसरोवर रामलीला मैदान में भगवान राम के तिलक के बाद शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा से लेकर विजयदशमी तक चलने वाला अनुष्ठान सम्पन्न होगा।


14 अक्टूबर को होगा कन्या पूजन

नवरात्र की प्रतिपदा को गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना के बाद परंपरागत पूजा का दायित्व मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ को सौंपने के बाद मुख्यमंत्री शासकीय दायित्व के निर्वहन के लिए लखनऊ चले गए थे। विजयदशमी तक के आयोजन को अपने हाथों से सम्पन्न कराने के लिए नवरात्र की अष्टमी तिथि यानी 13 अक्टूबर को फिर मंदिर पहुंच रहे हैं। अष्टमी की रात वह मंदिर के शक्तिपीठ में महानिशा पूजन और हवन से अष्टमी पूजा का समापन करेंगे। नवमी तिथि यानी 14 अक्टूबर की सुबह मंदिर में कन्या पूजन का आयोजन हाेगा, जिसमें गोरक्षपीठाधीश्वर मां भगवती की प्रतीकस्वरूप नौ कन्याओं के पांव पखारकर उनका पूजन करेंगे और फिर अपने हाथ से उन्हें भोजन कराएंगे। इस पूजा में बटुक भैरव के रूप में एक बालक की मौजूदगी भी रहेगी।


विजयदशमी के दिन सुबह से शुरू हो जाएगा आयोजन का सिलसिला

विजयदशमी यानी 15 अक्टूबर को मंदिर में पूजन का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो जाएगा। गोरक्षपीठाधीश्वर सुबह नौ बजे सबसे पहले श्रीनाथ जी का पूरे विधि-विधान से पूजन करेंगे। इसी क्रम में योगी सभी देव-विग्रहों और नाथ योगियों की पूजा भी करेंगे। दोपहर एक से तीन बजे तक तिलकोत्सव का आयोजन होगा। शाम चार बजे गोरक्षपीठाधीश्वर का विजय रथ मानसरोवर मंदिर के लिए रवाना होगा। कोविड प्रोटोकाल के बीच इस विजय जुलूस की भव्यता बरकरार रहे, इसकी तैयारी मंदिर प्रबंधन ने कर ली है। इसके लिए जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है।


अस्त्र-शस्त्र के साथ युवाओं का करतब होगा जुलूस का आकर्षण

विजय जुलूस का आकर्षण हमेशा की तरह परंपरागत अस्त्र-शस्त्र के साथ शामिल युवा होंगे, जो करतब दिखाते हुए चलेंगे। जुलूस का समापन मानसरोवर मंदिर पहुंचकर होगा। जहां पहुंचने के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर सबसे पहले शक्ति की आराधना करेंगे। इसी क्रम में वह रामलीला मैदान पहुंचकर भगवान श्रीराम का तिलक करेंगे और फिर मौजूद जनसमूह को संबोधित करेंगे। गोरखनाथ मंदिर के मीडिया प्रभारी विनय गौतम के मुताबिक इस कार्यक्रम का मंदिर के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से आनलाइन प्रसारण किया जाएगा।


मंदिर में होगा सहभोज का आयोजन

तिलक और संबोधन के बाद विजय जुलूस गोरखनाथ मंदिर लौटेगा, जहां गोरक्षपीठाधीश्वर की ओर से सहभोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शहर के गण्यमान्य लोगों के साथ-साथ आमजन भी हिस्सा लेंगे। सहभोज का उद्देश्य समतामूलक समाज का निर्माण होता है, जो नाथ पीठ की प्राथमिकता है। विजयदशमी की रात में ही मंदिर में पात्र पूजा का आयोजन होगा, जिसमें गोरक्षपीठाधीश्वर साधु-सतों के आपसी विवादों के समाधान के लिए दंडाधिकारी की भूमिका का निर्वहन करेंगे।


कानपुर में पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुए CM योगी

कानपुर में पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुए CM योगी

अपने पूर्वजों का सम्मान ना करने वालों की कोई पहचान नहीं होती। यह बात सोमवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। वह पूर्व सांसद स्वर्गीय चौधरी हरमोहन सिंह यादव की जन्म शताब्दी के मौके पर आयोजित समारोह को वर्चुअल रूप में संबोधित कर रहे थे।

मेहरबान सिंह का पुरवा में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुखराम सिंह यादव व उनके बेटे मोहित यादव द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा थी कि वह कार्यक्रम में आएं लेकिन लखनऊ में जरूरी कार्य की वजह से नहीं आ सके। उन्होंने कहा कि चौधरी हरमोहन सिंह यादव ने अपना जीवन समाज और देश के लिए जिया। वह आजादी के समय समाज के वंचित, दबे कुचले लोगों की आवाज थे। जब लोग 1970 से 1980 के कालखंड की बात करते हैं तो लोगों के लिए आवाज उठाने वाले एक व्यक्ति का नाम सामने आता है जो चौधरी हरमोहन सिंह का है। उनका जीवन स्वयं या परिवार के लिए नहीं, पूरे समाज के लिए था। वह समाज के लिए समर्पित व्यक्ति थे और ऐसे व्यक्ति का जीवन ही दूसरों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत बनता है। वहीं कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने चौधरी हरमोहन सिंह यादव अमर रहें के नारे के साथ अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि मोहित यादव उत्तर प्रदेश में भविष्य की राजनीति में जरूरी भूमिका का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां 14 प्रदेशों से यादव समाज के लोग आए हैं। जिस तरह से यह कार्यक्रम हो रहा है, उससे साफ है कि यह यादव परिवार अपने बुजुर्गों का सम्मान करना जानता है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग अपने बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते और बहुत से लोगों को यह सिर्फ चुनाव के मौके पर समझ में आता है। उन्होंने कहा कि आज का असली समाजवाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। राम मनोहर लोहिया ने समाजवाद का जो सपना देखा था, उसमें गरीबों को राशन, आवास की सोच थी। आज प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री गरीबों को राशन और आवास मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम परिवार के रूप में लोगों को जोड़ते हैं बाजार के रूप में नहीं जहां सबकुछ बिकता है। उन्होंने समारोह में आए सभी यादव महासभा के पदाधिकारियों से जुड़ कर राष्ट्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यादव समाज की जो भी मांगें होंगी उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।


भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यह परिवार आज से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का परिवार हो गया है। अब इसे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन की धरती पर उतरते हैं और वहां भारत माता की जय का नारा लगता है, यही तो चौधरी हरमोहन सिंह का सपना था। मोहित यादव की बढ़ाई करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें जरा भी अहंकार नहीं है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य सुखराम सिंह ने कानपुर देहात में बन रहे मेडिकल कालेज का नाम अपने पिता चौधरी हरमोहन सिंह यादव के नाम पर करने की मांग की। इस पर उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से बात कर इस पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया। चौधरी सुखराम सिंह यादव ने अपने भाषण की शुरुआत भाजपा की जगह सपा का संबोधन करते हुए की लेकिन उन्होंने तुरंत अपनी गलती ठीक करते हुए कहा कि यह एक आदत सी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह सपा से राज्यसभा सदस्य हैं और जब तक मुलायम सिंह यादव चाहेंगे सपा में रहेंगे लेकिन बेटा मोहित बालिग है, उसका रुझान स्वतंत्र देव सिंह ने बदल दिया है। वह बालिग है और जहां चाहे वहां जाए। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ जैसा मुख्यमंत्री उन्होंने अपने पूरे जीवन में नहीं देखा जिनका अपना कोई परिवार नहीं है लेकिन हर परिवार उनका अपना परिवार है। उन्होंने कहा कि आज राजनीति में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें अपने ऊपर अहंकार है। उन्हें नहीं मालूम की राजनीति कैसे बनाई या बिगाड़ी जाती है। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने जिसका साथ दिया उसे आगे बढ़ाया और जिससे नाराज हुआ उसे पीछे करने का भी काम किया। उन्होंने संजीत यादव हत्याकांड की जांच में तेजी लाने और हर्ष यादव की हत्या के मामले में 10 लाख और मुआवजा देने की मांग की। कार्यक्रम में सांसद देवेंद्र सिंह भोले, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, राज्यसभा में भाजपा के सचेतक डा. अशोक बाजपेई, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, विवेक द्विवेदी, सुनील बजाज, डा. बीना आर्या रहीं।