CM योगी ने वीकेंड लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू के साथ दिए कई अहम निर्देश

CM योगी ने वीकेंड लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू के साथ दिए कई अहम निर्देश

लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में वीकेंड लॉकडाउन (Weekend Lockdown) का ऐलान कर दिया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 500 से अधिक सक्रिय केस वाले जिलों में रोज नाइट कर्फ्यू का फरमान सुनाया है। Covid-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-11 को मुख्यमंत्री योगी ने कई अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। इनमें ऑक्सीजन की व्यवस्था लेकर प्रदेश में रणनीति के साथ कोविड-19 गाइललाइंस के पालन की बातें हैं।

सीएम योगी के निर्देश

Covid-19 की विभीषिका के बीच धैर्य और संयम हमारा सबसे बड़ा हथियार है। प्रत्येक शनिवार और रविवार को प्रदेश में साप्ताहिक बंदी ( कोविड-19 कर्फ्यू) कारगर रहेगा। जिन जिलों में 500 से अधिक सक्रिय केस हैं, वहां प्रत्येक दिन रात्रि 8 बजे से अगले दिन प्रातः 7 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी। इस नियम को तत्काल असर से लागू किया जाए। लोग जहां तक महत्वपूर्ण हो, घर से बाहर न निकलें। पर्व और त्योहार घर पर ही मनाएं। निकलें तो मास्क जरूर लगाएं। सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ न हो। इसे कड़ाई से लागू किया जाए।
प्रवासी कामगारों की टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की व्यवस्था करें

महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली से प्रवासी जनों की वापसी हो रही है। सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरते जाते की जरूरत है। इन प्रवासी कामगार/श्रमिक जनों के सुगमतापूर्ण आवागमन की व्यवस्था की जाए। गृह विभाग और परिवहन विभाग समन्वय बनाकर आवश्यक कार्यवाही करें। इन प्रवासी मजदूर जनों की टेस्टिंग और आवश्यकतानुसार ट्रीटमेंट की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।

कोविड संक्रमण से सुरक्षित रखने में टीकाकरण सर्वाधिक प्रभावी है। यूपी में अब तक कोविड टीकाकरण अभियान बेहतर तरीका से संचालित हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक मई से 18 साल की आयु से अधिक के सभी लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था लागू की है। टीकाकरण का यह नया चरण कोविड से जंग में निर्णायक सिद्ध होगा। एक मई से प्रारम्भ हो रहे वृहद टीकाकरण के लिए सभी महत्वपूर्ण प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं।

सीएम योगी का ट्वीट
प्रत्येक प्रदेशवासी के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.

लॉकडाउन के कारण किसी के भी सामने आजीविका का संकट उत्पन्न न हो इसीलिए वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर हमने ' कोविड-19 कर्फ्यू' को पूरी कठोरता से लागू करने का फैसला लिया है.आप सभी का योगदान अपेक्षित है.— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 20, 2021

ऑक्सीजन को लेकर अफवाहों के फेर में न आएं लाेग

कोविड संक्रमण को कम करने के लिए प्रदेश सरकार बदलती परिस्थितियों के बीच लगातर कदम उठा रही है। सभी जिलों में कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल ों को बढ़ाया जा रहा है। आईसीयू और आइसोलेशन बेड में प्रत्येक दिन वृद्धि हो रहा है। प्रदेश में ऑक्सीजन सहित सभी मेडिकल आवश्यकताओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। अफवाहों के फेर में न आएं।

लखनऊ, कानपुर नगर, प्रयागराज, वाराणसी, झांसी, गोरखपुर, मेरठ जनपदों सहित प्रदेश के सभी जिलों में कोविड बेड की संख्या को दोगुना करने की जरूरत है। फौरी तौर पर सभी जिलों में 200-200 बेड का विस्तार किया जाए। यह बेड ऑक्सीजन की सुविधा से लैस हों। इस प्रकार से 75 जिलों में तत्काल करीब 15,000 बेड का वृद्धि हो सकेगा। सचिव स्तर के एक ऑफिसर की तैनाती प्रदेश में बेड विस्तार के काम के लिए लगाई जाए। चिकित्सा एजुकेशन मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री इस विषय में सभी जिला प्रशासनों से संवाद स्थापित कर कार्यवाही सुनिश्चित कराएं।

लखनऊ के अस्पतलों को लेकर अहम निर्देश

लखनऊ के केजीएमयू तथा बलरामपुर चिकित्सालय को पूरी क्षमता के साथ डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के तौर पर पूरी क्षमता के साथ संचालित करें। इसी प्रकार, एरा, टीएस मिश्रा, इंटीग्रल, हिन्द तथा मेयो मेडिकल कॉलेज को पूरी क्षमता के साथ डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में क्रियाशील रखा जाए। यहां इलाजरत नॉन कोविड मरीजों को यथासंभव शिफ्ट किया जाए। वर्तमान में 4500 से अधिक बेड लखनऊ में मौजूद हैं और नए हॉस्पिटल को एल-2 और एल-3 श्रेणी में जोड़कर बेड्स बढ़ाये जाएं। लखनऊ में सभी हॉस्पिटलों के लिए भिन्न-भिन्न नोडल ऑफिसर नियुक्त की जाए। इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के माध्यम से यहां की स्थितियों पर लगातार नजर रखी जाए।

प्रयागराज, वाराणी, कानपुर में भी रहें तैयार

प्रयागराज के स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज और यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज में 800 से अधिक बेड मौजूद हैं। इसे और बढ़ाया जाना चाहिए। निजी हॉस्पिटल ों के बेड इसके अलावा हैं। वाराणसी में आरटीपीसीआर का पॉजिटिविटी रेट अधिक है, यहां और अधिक टेस्ट किए जाने की आवश्यकता है। कोविड संक्रमण की गति जिस प्रकार बढ़ रही है, उस हालात में यहां और अधिक आइसोलेशन और आईसीयू बेड्स की जरूरत पड़नी तय है। कानपुर में जीएसवीएम, रामा, नारायणा मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ निजी हॉस्पिटल ों के संसाधनों का भी कोविड के लिए उपयोग में लाया जाए।

यह सुखद है कि जिन मरीजों को कोविड टीकाकरण के दो डोज लग चुके हैं, यदि कतिपय कारणों से पुनः संक्रमित हुए हैं, तो भी चार से पांच दिनों में स्वस्थ हो जा रहे हैं। हॉस्पिटल ों की डिस्चार्ज पॉलिसी इसी के अनुरूप तैयार की जानी चाहिए।

एल-1, एल-2 और एल-3 हॉस्पिटल की भिन्न-भिन्न मॉनिटरिंग करते ऑक्सीजन मौजूद कराया जाए। ऑक्सीजन की सुचारू आपूर्ति के लिए यह महत्वपूर्ण है कि ऑक्सीजन की आपूर्ति संस्थागत रूप से हो। प्रत्येक हॉस्पिटल में न्यूनतम 36 घंटों का ऑक्सीजन बैकअप जरूर रहे।

ऑक्सीजन रीफिलिंग में निवेश का स्वागत

वर्तमान समय की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश स्थित एमएसएमई सहित सभी छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों में उत्पादित होने वाली ऑक्सीजन का इस्तेमाल केवल मेडिकल काम के लिए हो। इन ऑक्सीजन प्लांट को इनके निकटतम हॉस्पिटल से जोड़ा जाए। इस विषय में व्यापक कार्ययोजना आज ही तैयार कर ली जाए। जो निजी इकाइयां ऑक्सीजन रीफिलिंग के क्षेत्र में निवेश करना चाहती हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। ऑक्सीजन उत्पादनकर्ताओं के लाइसेंस के स्वतः नवीनीकरण करने के विषय में तत्काल आदेश कर दिया जाए।

सभी ऑक्सीजन प्लांट पर पुलिस सुरक्षा हो। ऑक्सीजन वाले वाहनों की जीपीएस मॉनिटरिंग की जाए। ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी और फायदा खोरी रोकने के लिए हर संभव कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए।

यूपी में 100 बेड से अधिक के हॉस्पिटल ों में ऑक्सीजन प्लांट अनिवार्य

देश में पांच नए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की कार्यवाही प्रारंभ हो गई है। भविष्य के दृष्टिगत 100 बेड से अधिक क्षमता वाले सभी हॉस्पिटल ों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना को जरूरी किया जाए। एयर सेपरेशन यूनिट जैसी आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित किया जाए. प्रदेश में इसकी क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए।

यूपी की विशाल आबादी तथा भविष्य की सम्भावित स्थिति का आकलन करते हुए हिंदुस्तान सरकार को समय से ऑक्सीजन आपूर्ति की मांग भेजी जाए. कोशिश करें कि हमें मोदीनगर, पानीपत, रुड़की आदि यूपी के निकटवर्ती शहरों से ही आपूर्ति हो। चिकित्सा एजुकेशन मंत्री ऑक्सीजन के डिमांड और सप्लाई के संतुलन को सुनिश्चित करें। किसी प्रकार के सियासी हस्तक्षेप की जरूरत हो, यो तत्काल सूचित करें।

होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों के साथ नियमित संवाद महत्वपूर्ण है। होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों को दिए जाने वाले मेडिकल किट में 07 दिन की दवा होनी चाहिए। वर्तमान में दवाओं की कोई कमी नहीं है। इसकी प्रत्येक दिन समीक्षा की जाए।

दो दिन में रेमेडेसीविर के 20000 वॉयल अहमदाबाद से होंगे प्राप्त

रेमिडेसीवीर सहित किसी भी प्रकार के जीवनरक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं है। सभी जिलों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित रखी जा रही है। जुबिलियंट फार्मा, कैडिला, माइलान और सिप्ला जैसी निर्माता कंपनियों से लगातार सम्पर्क बनाए रखा जाए। जुबिलियंट फार्मा की ओर से आज रेमेडेसीवीर की आपूर्ति कर दी जाएगी जबकि कैडिला से परसों तक अहमदाबाद से 20,000 वॉयल और प्राप्त हो जाएंगे। शेष कम्पनियों से सतत संवाद बनाकर प्रदेश में रेमेडेसीवीर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

जनपदों से संपर्क बनाकर ऑक्सीजन, रेमडेसिविर एवं अन्य जीवनरक्षक औषधियों का सुचारु एवं पारदर्शितापूर्ण वितरण कराया जाए। ऑक्सीजन तथा जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी में संलिप्त तत्वों के विरूद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई करें।

एम्बुलेंस के रिस्पांस टाइम को कम करने पर विशेष ध्यान दें। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फॉगिंग अभियान के दौरान जनपदों में की जा रही गतिविधियों की फोटोग्राफ्स सहित रिपोर्ट प्राप्त की जाए।

कोविड में ड्यूटी करते हुए दिवंगत हुए कोविड-19 वॉरियर्स की बीमा राशि का लंबित भुगतान तत्काल कराया जाए। यह संवेदना राशि उनके परिवारों के लिए बड़ा संबल होगी।

टेस्टिंग क्षमता में और बढ़ोतरी आवश्यक

प्रदेश में 104 निजी प्रयोगशालाएं तथा 125 सार्वजनिक क्षेत्र की प्रयोगशालाएं कोविड टेस्ट काम में संलग्न हैं। अब तक कुल 03 करोड़ 84 लाख से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके हैं। 18 अप्रैल, 2021 को निजी प्रयोगशालाओं द्वारा लगभग 19 हजार से अधिक आरटीपीसीआर टेस्ट किए गए हैं। टेस्टिंग क्षमता में और बढ़ोतरी आवश्यक है। इस विषय में सभी महत्वपूर्ण कोशिश किए जाएं।

मास्क की महत्ता के बारे में लोगों को जगरूक किया जाए। अपील से न मानने वाले लोगों के विरूद्ध जुर्माना लगाने की कार्रवाई हो। कंटेनमेंट जोन और क्वारन्टीन सेंटर के प्राविधानों को कठोरता से लागू करें। नज़र समितियों से संवाद बनाकर उनसे फीडबैक प्राप्त किया जाए।

हॉस्पिटल ों एवं ऑक्सीजन उत्पादन और रीफिलिंग से जुड़ी इकाइयों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

गेहूं खरीद के दौरान कोविड प्रोटोकॉल पर विशेष ध्यान दिया जाए। गेहूं खरीद प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग की जाए। भुगतान में विलंब न हो।

पंचायत चुनावों में कार्यरत पुलिस बल और अन्य कार्मिकों की सुरक्षा के सभी महत्वपूर्ण इंतज़ाम किए जाएं। पंचायत चुनाव में एक साथ 05 से अधिक लोग एकत्रित न हों।


इलाज में ढिलाई पर सीएम योगी बहुत नाराज, कई डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी

इलाज में ढिलाई पर सीएम योगी बहुत नाराज, कई डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी

कानपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार प्रबंधन को लेकर सीएम ने असंतोष जताया है. उन्होंने सीनियर डॉक्टरों के राउंड नहीं लेने, मरीजों और तीमारदारों के साथ ठीक व्यवहार नहीं करने पर मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को फटकार लगाई है. जिलाधिकारी ने देर रात प्राचार्य प्रो आरबी कमल को नोटिस दी है. 24 घंटे में स्थिति सुधारने को बोला है.

मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अफसरों से चर्चा कर रहे थे. उन्होंने मौतों को लेकर अफसरों पर तल्खी जाहिर की. दरअसल मुख्यमंत्री को स्रोतों से यह जानकारी मिल रही है कि कोविड मरीजों की देखरेख में ढिलाई हो रही है. जूनियर डॉक्टरों के सहारे उपचार चल रहा है. कोविड मरीजों को नहीं देख रहे हैं. मौतों का ब्योरा पोर्टल पर देर से दर्ज हो रहा है. इसे लेकर सीएम ने नाराजगी जताई है. उसी कड़ी में जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने रात नोटिस जारी करके सभी बिंदुओं पर मेडिकल कॉलेज का ध्यान दिलाया है.

एक दर्जन डॉक्टरों पर कार्रवाई की तैयारी 
कानपुर जिलाधिकारी से नोटिस मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन के ऑफिसर हरकत में आए. प्राचार्य प्रो आरबी कमल ने एक दर्जन डॉक्टरों और कर्मचारियों को डाटा फीडिंग में ढिलाई के मुद्दे में नोटिस दी है. प्राचार्य के अनुसार कि डीएम के नोटिस के संज्ञान में उत्तरदायी डॉक्टरों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. अब दो डॉक्टर और दो कर्मचारी डाटा अपडेट करने के लिए 24 घंटे तैनात किए गए हैं.


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