12वीं पास के लिए 58000 सरकारी नौकरियां, आज ही आया है रिजल्ट

12वीं पास के लिए 58000 सरकारी नौकरियां, आज ही आया है रिजल्ट

नई दिल्ली यूपी में सरकारी जॉब (sarkari naukri) की राह देख रहे 12वीं पास युवाओं के पास बहुत बढ़िया मौका है एक तरफ जहां आज उत्तर प्रदेश बोर्ड ने कक्षा 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार ने 12वीं पास स्टूडेंट्स के लिए 58000 पदों पर भर्ती निकाली है ये भर्ती ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सहायक/एकाउंटेंट-कम-डाटा-एंट्री आपरेटर के पदों को भरने के लिए निकाली गई है खास बात यह है इन भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन 10वीं और 12वीं की मेरिट के आधार पर किया जाएगा इसके लिए किसी तरह की इम्तिहान नहीं देनी होगी आवेदन 2 अगस्त से किए जा सकेंगे

इन पंचायत सहायकों की नियुक्ति संबंधित ग्राम पंचायत के प्रधान द्वारा आवेदन पत्र आमंत्रित करके की जाएगी जिसके बाद पंचायतों में जन सेवा केन्द्र और बीसी सखी के लिए जगह सुलभ कराने वाले सचिवालयों के संचालन के लिए पंचायत सहायक-कम-एकाउंटेंट-कम-डाटा एंट्री आपरेटर के पदों को भरा जाएगा इन पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश बोर्ड से इंटरमीडिएट की इम्तिहान उत्तीर्ण होनी चाहिए या फिर समकक्ष योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं

18 से 40 साल के उम्मीदवार कर सकेंगे आवेदन

आवेदन के लिए अभ्यर्थी की आयु एक जुलाई 2021 को 18 साल से कम और 40 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए जबकि एससी, एसटी और ओबीसी के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु में पांच साल की छूट होगी आवेदन पत्र सादे कागज पर ग्राम पंचायत या संबंधित विकास खंड या जिला पंचायत राज ऑफिसर ऑफिस में जमा करना होगा इसमें शैक्षिक अर्हता, आयु एवं जाति संबंधी प्रमाण पत्र लगा होना जरूरी है

स्थानीय निवासी ही कर सकेंगे आवेदन

गौर करने वाली बात यह है कि यह भर्तियां पंचायत स्तर पर निकाली गई हैं ऐसे में अभ्यर्थियों को जिस पंचायत के लिए आवेदन करना है उसी का निवासी होना आवश्यक है


गोरखपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक द‍िन में 34 हजार लोग बीमार

गोरखपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एक द‍िन में 34 हजार लोग बीमार

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोग तेजी से बीमार हुए हैं। 15 दिन में 34638 लोग बीमार मिले हैं। उनका इलाज किया गया। लोगों को शुद्ध जल के लिए 282548 क्लोरीन की गोलियां बांटी गई हैं। 24677 ओआरएस के पैकेट बांटे गए हैं। राहत की बात यह है कि लोग दवाओं से ठीक हो रहे हैं। अभी तक किसी को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है।

सतर्क हुईं स्‍वास्‍थ्‍य टीमें

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। चिकित्सकों की 65 टीमें बनाई गई हैं। 19 सचल दल तैयार किए गए हैं। बाढ़ चौकियों पर 206 स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि किसी भी समय मरीज अपना इलाज करा सकें। हर बाढ़ चौकी व स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

एंटी स्नेक वेनम भी उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि सांप के काटने की स्थिति में तत्काल इलाज हो सके। शुरुआत में वायरल फीवर के ज्यादा मरीज मिल रहे थे, इस समय त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। दाद, खाज, खुजली व शरीर पर चकत्ते पड़ने की शिकायत लेकर बाढ़ चौकियों व मेडिकल कैंपों में लोग आ रहे हैं। सभी को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


जल भराव के बावजूद गांवों में पहुंच रही टीमें

शुरुआत में जब पानी ज्यादा था तो टीमें नाव से गांवों में जाकर मरीजों का इलाज करती थीं। अब पानी कम हो गया है, नाव नहीं जा सकती, इसलिए पानी से होकर पैदल टीमें गांवों में पहुंच रही हैं। डायरिया, उल्टी-दस्त आदि के मरीज भी बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। उन्हें दवा देने के साथ ही एहतियात बरतने की भी सलाह दी जा रही है। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करने को कहा जा रहा है।

 
हो रही जांच

सीएमओ ने बताया कि रैपिड किट से गांवों में डेंगू, मलेरिया व कोराना आदि की जांच की जा रही है। अभी तक इन क्षेत्रों में इन बीमारियों के मरीज नहीं मिले हैं। लोगों कोरोना से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं, इनका पालन करने से अनेक प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 18 टीमों ने किया मरीजों का इलाज

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की 18 टीमें पहुंचीं। 2123 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें 1112 महिलाएं और 1011 पुरुष हैं। इनमें 144 बच्‍चे, चार गर्भवती और 188 वृद्ध भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा करीब 600 लोग त्वचा रोग के पीडि़त मिले। इन्हें दाद, खाज, खुजली, शरीर पर दाने और चक्कत्ते पडऩे की समस्या थी। सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने बताया कि बुखार के 217 रोगी मिले। 140 लोग उल्टी-दस्त व 1173 अन्य बीमारियों से ग्रसित मिले। 18619 क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया गया। 1673 ओआरएस के पैकेट बांटे गए। 750 हैंडपंपों को विसंक्रमित किया गया।