देश के युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए हुई शुरू शूटिंग

 देश के युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए हुई शुरू शूटिंग

। देश के युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए हो रहे खेलो इंडिया में पहली बार यूनिवर्सिटी गेम्स को शामिल किया है. यह गेम्स भुवनेश्वर में 21 फरवरी से होंगे. लेकिन देश के लिए ओलिंपिक में सबसे बड़ी उम्मीद वाला खेल शूटिंग यहां नहीं होगा. यूनिवर्सिटी गेम्स में 17 खेल होंगे. इस बारे में कई यूनिवर्सिटी के साथ-साथ नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने भी खेल मंत्री को लेटर लिखा है.

10 मी एयर राइफल में टोक्यो ओलिंपिक का टिकट हासिल करने वाली अंजुम मुदगिल ने बोला कि हमारे खिलाड़ियों ने बड़े इवेंट में मेडल जीते हैं. खेलो इंडिया गेम्स एक बड़ा प्लेटफॉर्म है व यहां पर शूटिंग को शामिल किया जाना चाहिए. हमारे शूटर्स को यहां पर अच्छा कंपीटिशन मिलेगा व वे बेहतर तैयारी भी कर सकेंगे. वहीं, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल की गोल्ड मेडलिस्ट गौरी श्योरान ने भी गेम्स में शूटिंग को शामिल करने के लिए बोला है.

भारत ने पिछले वर्ष सबसे ज्यादा पदक जीते

उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान ने पिछले वर्ष सबसे ज्यादा मेडल जीते हैं. इसलिए शूटिंग से ही मेडल की सबसे ज्यादा उम्मीद है. साई के प्रवक्ता ने कहा, ‘खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स पहली बार हो रहे हैं. इसे पहले एसोसिएशन ऑफ भारतीय यूनिवर्सिटी (एआईयू) के द्वारा ही आयोजित किया जाता था. हमने शूटिंग को छोड़ने का निर्णय एआईयू से परामर्श के बाद ही लिया था.’

दिल्ली में कराई जा सकती है
सूत्रों के अनुसार, भुवनेश्वर में शूटिंग के लिए सुविधाएं नहीं है. इसलिए इसे शामिल नहीं किया है. अगर ऐसा है तो शूटिंग को दिल्ली में कराया जा सकता है. नेशनल गेम्स इस बार गोवा में होने है. वहां के शूटिंग इवेंट भी दिल्ली और पुणे में कराए जाने की बात चल रही है.