हर कीमत में जीत की मानिसकता से बदल रहा भारतीय क्रिकेट- सुनील गावस्कर

हर कीमत में जीत की मानिसकता से बदल रहा भारतीय क्रिकेट- सुनील गावस्कर

इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) दुनिया की सबसे कठिन टी-20 लीग सिर्फ इसलिए नहीं है कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इसमें खेल रहे हैं बल्कि इसलिए भी कि इसमें जीतने के इनाम भी काफी अधिक हैं। यह केवल खिलाड़ी के व्यक्तिगत मूल्य की बात नहीं है जिसका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव से भरा हुआ रहता है, बल्कि टूर्नामेंट जीतने या प्लेआफ में जगह बनाने के लिए पुरस्कार भी बहुत बड़े हैं। फ्रेंचाइजी मालिक इसे पूरी तरह से खिलाड़ियों और सहयोगी कर्मचारियों में साझा भी करते हैं। कई खिलाड़ियों, विशेष रूप से अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों के लिए, वह हिस्सा उतना ही हो सकता है जितना कि नीलामी में उनकी कीमत थी जहां उन्हें खरीदा गया था। इस सत्र के बाद एक बड़ी नीलामी आ रही है जिसमें दो नई टीमों को लीग में शामिल किया जाएगा। इसमें खिलाड़ियों को उतनी राशि भी मिल सकती है, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।

आइपीएल में लगभग हर मैच आखिरी ओवर तक जाता है और इसलिए हर रन, हर डाट बाल मायने रखती है और उस प्रयास में कुछ खिलाड़ी अनजाने में कुछ ऐसा कर सकते हैं, जिससे हंगामा हो सकता है। इसमें मुझे कोलकाता और दिल्ली के बीच वह लीग मैच याद आता है जिसमें अश्विन ने एक रन लेने का प्रयास किया वह भी तब जब गेंद दूसरे बल्लेबाज रिषभ पंत को लग कर दूर गई। अब परंपरा यह है कि जब भी गेंद बल्लेबाज को लगती है और क्षेत्ररक्षक से दूर रहती है तो वह रन लेने का प्रयास करते हैं। वहीं क्षेत्ररक्षक भी इस दौरान रन आउट करने के प्रयास में थ्रो करता है। ऐसे में अंपायर इसे डेड बाल नहीं कहते क्योंकि ऐसी संभावना है कि गेंद लगने के बाद भी बल्लेबाज रन आउट हो सकता है। इसलिए जब अतिरिक्त रन लिया गया तो कोलकाता टीम की प्रतिक्रिया हुई, विशेषकर गेंदबाज साउथी ने अपने हिसाब से विरोध जताया। उनकी गेंदबाजी के आंकड़े में ही एक रन जोड़ा गया था और कप्तान इयोन मोर्गन ने स्वाभाविक रूप से सोचा था कि लक्ष्य का पीछा करने के लिए उनके सामने एक रन अतिरिक्त बढ़ गया है। जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि इस लीग में हर एक रन काफी मायने रखता है।


इसके बाद जब अश्विन आउट हुए तो साउथी ने उन्हें छेड़ दिया लेकिन अश्विन पीछे हटने वालों में से नहीं है। इसके अलावा कार्तिक के मामला शांत कराने से पहले इयोन मोर्गन भी मौखिक रूप से इस मामले में कूद पड़े थे। इसके बाद एक बार फिर क्रिकेट की भावना को लोगों ने तूल दिया, जिस पर क्रिकेट पंडित और दिग्गज अपने खेल के दिनों की उस काल्पनिक खेल भावना की रेखा के बारे में बात करते हैं, जिसे केवल वे ही जानते हैं लेकिन बाकी क्रिकेट जगत उससे वाकिफ नहीं है।

अश्विन से सवाल करने वालों ने यह नहीं पूछा कि पंत क्यों भागे? जिसे गेंद लगी थी। अगर परंपरा यह है कि गेंद बल्लेबाज के लगने के बाद रन नहीं लेना है तो दिल्ली के कप्तान पंत को इस बात का पता होना चाहिए था। यह सब कुछ टीम के कुल स्कोर में एक और रन जोड़ने की चाहत के चलते हुआ लेकिन अश्विन को दोष क्यों दिया गया, हो सकता है कि उसने गेंद को अपने कप्तान से टकराते हुए भी न देखा हो क्योंकि वह दूसरे छोर तक पहुंचने के लिए बाध्य रहा होगा और हो सकता है कि उसने केवल उस गेंद को देखा हो जो एक क्षेत्ररक्षक से दूर थी और इसलिए अतिरिक्त रन के लिए वह दौड़ पड़ा। पंत इस स्थिति को खत्म कर सकते थे, लेकिन मैच की उच्च तीव्रता और विशेष रूप से गर्म और आर्द्र रेगिस्तानी वातावरण में, शांत सिर रखना बेहद कठिन है, इसलिए उन्हें अहसास नहीं हुआ कि क्या हुआ था।


कुछ दिनों बाद एक और घटना हुई जो सुíखयों में नहीं आई क्योंकि इसमें दो अनकैप्ड भारतीय युवा शामिल थे। यशस्वी जायसवाल ने गेंद पर प्वाइंट की दिशा में कट शाट मारा और थ्रो के आने से पहले ही वह अपनी क्रीज पर टिके रहे। विकेटकीपर ने थ्रो को पकड़ा और जायसवाल के अपने पिछले पैर को उठाने का वह इंतजार कर रहे थे ताकि जैसे ही उनका पैर हवा में उठे और वह स्टंप्स की गिल्लियां उड़ाकर आउट होने की अपील कर सकें। और उन्होंने ऐसा किया भी। इस स्थिति में ध्यान दें कि एक रन लेने का कोई प्रयास नहीं किया गया था क्योंकि शाट खेलने के बाद जायसवाल उसी स्थिति में रुके थे और गेंद को रोककर कीपर को फेंकने की पूरी क्रिया कुछ ही सेकेंड में हो गई। अंपायर ने अपील को सही ढंग से नकार दिया और टीवी अंपायर के पास भी नहीं गए क्योंकि जायसवाल द्वारा चलने का कोई प्रयास नहीं किया गया था लेकिन यह तथ्य कि विकेटकीपर का इस तरह सोचना ही परेशान करने वाला है क्योंकि हर कीमत पर जीतने की यह मानसिकता आपको जीत दिला सकती है लेकिन टीम को सामान्य क्रिकेट जगत में सबसे अलोकप्रिय भी बना देगी।


यही वह दबाव है जो आइपीएल लेकर आता है और ऐसे खिलाड़ी पैदा करता है जो अधिक से अधिक दबाव के अभ्यस्त हो जाते हैं। यह उन तीखे अभ्यासों को भी प्रोत्साहित कर सकता है जिनके बिना भी क्रिकेट खेला जा सकता है। भारतीय क्रिकेट खेल के सभी प्रारूपों में दुनिया पर हावी होने के लिए तैयार है और यह सभी भारतीय क्रिकेट समर्थकों के लिए सबसे रोमांचकारी होगा, लेकिन उम्मीद है कि यह उस तरह का क्रिकेट होगा जैसा कि पिछली सदी के सातवें और आठवें दशक में वेस्टइंडीज ने खेला था। वे विरोधी टीम को हथौड़े से मारकर उसे खोखला कर देते थे लेकिन फिर भी वह क्रिकेट जगत की सबसे पसंदीदा टीम थे।


चेन्नई ने फाइनल में कोलकाता को किया पस्त, बनी इस सीजन की चैंपियन

चेन्नई ने फाइनल में कोलकाता को किया पस्त, बनी इस सीजन की चैंपियन

इंडियन प्रीमियर लीग के 14वें सीजन के फाइनल में दुबई में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 27 रन से हराते हुए चौथी बार आइपीएल खिताब जीता। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई ने फाफ डु प्लेसिस की दमदार 86 रन की पारी के दम पर 20 ओवर में 192 रन का स्कोर खड़ा किया। जवाब में कोलकाता की टीम 9 विकेट पर 165 रन ही बना पाई। पिछले सीजन (2020) में आइपीएल से बाहर होने वाली चेन्नई पहली टीम थी और इस बार खिताब जीतकर पहला स्थान हासिल किया।

धौनी की कप्तानी के सामने मोर्गन पूरी तरह से फीके नजर आए तो वहीं माही सबसे बड़ी उम्र में आइपीएल फाइनल खिताब जीतने वाले कप्तान भी बने। चेन्नई ने इससे पहले साल 2010, 2011 और 2018 में खिताब जीते थे। खिताब जीतने वाली टीम सीएसके को 20 करोड़ रुपये ईनाम के तौर पर दिए गए तो वहीं उप-विजेता टीम केकेआर को 12.5 करोड़ रुपये मिले। 

इस मैच में डुप्लेसिस को उनकी बेहतरीन पारी के लिए प्लेयर आफ द मैच का खिताब दिया गया।  इसके अलावा रितुराज गायकवाड़ को इमर्जिंग प्लेयर आफ द सीजन का खिताब मिला। राजस्थान रायल्स ने इस सीजन में फेयरप्ले का अवार्ड अपने नाम किया। दिल्ली के बल्लेबाज शिमरोन हेटमायर को सुपर स्ट्राइकर आफ द सीजन का खिताब मिला और उनका स्ट्राइक रेट 168 का रहा। हर्षल पटेल गेम चेंजर आफ दी सीजन का खिताब जीतने में सफल रहे साथ ही वो प्लेयर आफ द सीरीज भी बने। वेंकटेश अय्यर पावर प्लेयर आफ द सीजन बने।

रवि बिश्नोई इस सीजन में सबसे बेहतरीन कैच पकड़ने वाले फील्डर करार दिए गए। उन्होंने अहमदाबाद में सुनील नरेन का कैच डीप मिड-विकेट पर फुल लेंथ डाइव करते हुए लिया था। आइपीएल 2020 में केएल राहुल सबसे ज्यादा छक्के (30) लगाने वाले खिलाड़ी रहे। वहीं 32 विकेट लेने वाले हर्षल पटेल ने पर्पल कैप तो वहीं सबसे ज्यादा 635 रन बनाने वाले रितुराज गायकवाड़ ने आरेंज कैप हासिल किया। हर्षल पटेल मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर आफ दी सीन भी रहे। 

अच्छी शुरुआत के बाद हारी कोलकाता

चेन्नई से मिले बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरे कोलकाता के लिए हमेशा की तरह वेंकटेश अय्यर और शुभमन गिल ने दमदार शुरुआत की। दोनों ने पावरप्ले के 6 ओवर में बिना विकेट गंवाए 55 रन बना डाले। वेंटकेश ने अपनी पारी को जारी रखते हुए 31 गेंद पर टूर्नामेंट का चौथा अर्धशतक पूरा किया। शार्दुल ठाकुर ने एक ही ओवर में पहले कोलकाता को दो झटके दिए। पहले वेंकटेश और फिर नितीश राणा को उन्होंने आउट किया। सुनील नरेन इसके बाद महज 2 रन बनाकर बाउंड्री पर बड़ा शाट खेलने की कोशिश में जडेजा को कैच दे बैठे।  

वेंकटेश के बाद दूसरे ओपनर गिल ने भी अपना अर्धशतक पूरा किया। 40 गेंद पर 6 चौका लगाकर उन्होंने अपने पचास रन पूरे किए। इसके ठीक बाद दीपक चाहर की गेंद पर विकेट के पीछे लैप शाट लगाने की कोशिश में गिल lbw होकर वापस लौटे। टीम का पांचवां विकेट दिनेश कार्तिक के रूप में गिरा जब वह जडेजा को बड़ा शाट लगाने की कोशिश में बाउंड्री पर अंबाती रायडु द्वारा लपके गए। शाकिब अल हसन को जडेजा ने शून्य पर lbw कर ओवर का दूसरा विकेट हासिल किया। चेन्नई की तरफ से इस मैच में शार्दुल ठाकुर ने तीन, हेजलवुड व जडेना ने दो-दो जबकि चाहर व ब्रावो ने एक-एक विकेट लिए। 

IPL 2021 Final Match LIVE स्कोरकार्ड

चेन्नई की पारी, डुप्लेसिस का अर्धशतक

टास हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम के लिए ओपनर रितुराज गायकवाड़ और फाफ डुप्लेसिस ने शानदार कार्य किया। दोनों ने पावरप्ले के 6 ओवरों में बिना विकेट खोए 50 रन जोड़े। हालांकि, 9वें ओवर की पहली गेंद पर रितुराज गायकवाड़ 32 रन के निजी स्कोर पर सुनील नरेन की गेंद पर शिवम मावी के हाथों कैच आउट हो गए। चेन्नई के ओपनर फाफ डुप्लेसिस ने 35 गेंदों में दमदार अर्धशतक पूरा किया। सीएसके को दूसरा झटका रोबिन उथप्पा के रूप में लगा जो 15 गेंदों में 31 रन बनाकर आउट हुए। डुप्लेसिस 86 रन बनाकर आउट हुए जबकि मोइन अली ने नाबाद 37 रन बनाए। केकेआर की तरफ से सुनील नरेन ने दो जबकि शिमव मावी ने एक विकेट लिए। 

दोनों टीमों ने प्लेइंग इलेवन में नहीं किए कोई बदलाव

आइपीएल के 14वें सीजन के फाइनल मैच के लिए सीएसके ने अपनी प्लेइंग इलेवन में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया। वो दिल्ली के खिलाफ पहले क्वालीफायर में जिस टीम के साथ उतरे थे उसी टीम के साथ फाइनल में भी उतरे। वहीं केकेआर भी दिल्ली के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में जिस प्लेइंग इलेवन के साथ मैदान पर उतरी थी उसी कांबिनेशन के साथ सीएसके खिलाफ उतरी। 

सीएसके की प्लेइंग इलेवन-

रितुराज गायकवाड़, फाफ डुप्लेसिस, राबिन उथप्पा, मोइन अली, अंबाती रायुडू, एम एस धौनी (कप्तान/विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, ड्वेन ब्रावो, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, जोस हेजलवुड।

केकेआर की प्लेइंग इलेवन-

शुभमन गिल, वेंकटेश अय्यर, नीतिश राणा, राहुल त्रिपाठी, इयोन मोर्गन (कप्तान), दिनेश कार्तिक, शाकिब अल हसन, सुनील नरेन, लाकी फर्ग्यूसन, शिवम मावी, वरुण चक्रवर्ती।