कानपुर टेस्ट की पहली और दूसरी पारी में दोनों ने किया निराश, नहीं टूटी रहाणे और पुजारा के बल्ले की खामोशी

कानपुर टेस्ट की पहली और दूसरी पारी में दोनों ने किया निराश, नहीं टूटी रहाणे और पुजारा के बल्ले की खामोशी

भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज कप्तान अजिंक्य रहाणे और उपकप्तान चेतेश्वर पुजारा एक बार फिर ग्रीनपार्क टेस्ट में खुद को साबित नहीं कर सके। पहली पारी में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले टीम के सबसे प्रमुख बल्लेबाज दूसरी पारी में भी जल्द पवेलियन लौटकर टीम को मझधार में छोड़ गए। क्रिकेट प्रेमियों को इन दोनों बल्लेबाजों से लंबी पारी की उम्मीद थी, लेकिन उनके बल्ले की खामोशी नहीं टूटी। भरोसेमंद चेतेश्वर पुजारा टेस्ट की पिछली 36 और कप्तान अजिंक्य रहाणे 21 पारियों से कोई शतक नहीं लगा पाए हैं।

कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में पहला दिन भले ही भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा हो, लेकिन कप्तान अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी ने टीम को निराश किया। वहीं, दूसरी पारी में भी ये बल्लेबाज खामोश रहे। पहली पारी में चेतेश्वर पुजारा ने 88 गेंदों का सामना करते हुए 26 रन बनाकर न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउथी का शिकार बने। वहीं, कप्तान अजिंक्य रहाणे 63 गेंदों पर 35 रन ही बना सके और तेज गेंदबाज काइल जेमिसन ने उन्हें चलता किया। वहीं, टेस्ट मैच के चौथे दिन दूसरी पारी में उतरे रहाणे चार रन पर पगबाधा हुए। पुजारा 22 रन बनाकर जेमिसन की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए।

नहीं दिखा पा रहे कोई करिश्मा

वर्ष 2021 की बात करें तो रहाणे 12 मैचों में महज 20 के औसत से 407 रन ही बना सके हैं। इसमें कोई शतकीय पारी शामिल नहीं हैं। वहीं, रहाणे के बल्ले से भी शतक निकले अरसा हो गया। उन्होंने अपना अंतिम शतक 26 दिसंबर, 2020 को मेलबर्न में आस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था। उसके बाद खेले 12 टेस्ट मैच में उनका बल्ला खामोश रहा है। अब मुंबई टेस्ट मैच में विराट कोहली की वापसी होगी और श्रेयस अय्यर की टीम से बाहर होना मुश्किल लग रहा है ऐसे में क्या रहाणे और पुजारा का क्या होगा ये एक बड़ा सवाल है। 


गोलकीपर सविता मिली सकती है कप्तानी, चीन को मिला पेनाल्टी शूटआउट

गोलकीपर सविता मिली  सकती है कप्तानी,  चीन को मिला  पेनाल्टी शूटआउट

विस्तार अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया मस्कट में 21 से 28 जनवरी तक होने वाले महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भारत की 18 सदस्यीय टीम की अगुवाई करेंगी। अनुभवी दीप ग्रेस एक्का को उप कप्तान नियुक्त किया गया है।  '


हॉकी इंडिया की ओर से बुधवार को घोषित 18 सदस्यीय टीम में 16 टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने वाली खिलाड़ी शामिल हैं। नियमित कप्तान रानी रामपाल बेंगलुरु में चोट से उबर रही हैं। इसलिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया है। भारत को जापान, मलयेशिया और सिंगापुर के साथ पूल ए में रखा गया है। 

भारतीय टीम अपने खिताब के बचाव का अभियान टूर्नामेंट के पहले दिन मलयेशिया के खिलाफ करेगी। प्रतियोगिता में शीर्ष चार में रहने वाली टीमें स्पेन और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप 2022 के लिए क्वालिफाई करेंगी।

21 से 28 जनवरी तक मस्कट में खेला जाएगा महिलाओं का यह टूर्नामेंट। 18 सदस्यीय टीम में चोट के चलते रानी को नहीं किया गया शामिल। 21 को मलयेशिया के खिलाफ अभियान का आगाज करेगी भारतीय टीम। दो बार भारतीय टीम ने अब (2004, 2017) तक जीती है ट्रॉफी। 2017 में हुए पिछले संस्करण में भारत ने चीन को पेनाल्टी शूटआउट में 5-4 से हराकर जीता था खिताब।

टीम 
गोलकीपर: सविता पूनिया (कप्तान), रजनी एतिमारपू। 
डिफेंडर: दीप ग्रेस एक्का (उप कप्तान), गुरजीत कौर, निक्की प्रधान, उदिता। 
मिडफील्डर: निशा, सुशीला चानू, मोनिका, नेहा, सलीमा टेटे, ज्योति, नवजोत कौर। 
फॉरवर्ड: नवनीत कौर, लालरेम्सियामी, वंदना कटारिया, मारियाना कुजूर, शर्मिला देवी।

भारत का कार्यक्रम
vs मलयेशिया 21 जनवरी
vs जापान 23 जनवरी
vs सिंगापुर 24 जनवरी
सेमीफाइनल 26 जनवरी
फाइनल 28 जनवरी