इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया में हार्दिक पांड्या को क्यों नहीं मिली जगह

इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया में हार्दिक पांड्या को क्यों नहीं मिली जगह

नई दिल्ली: टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) के फैंस को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा, जब बीसीसीआई (BCCI) और चयनकर्ताओं ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC Final) और इंग्लैंड दौरे (England Tour) के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया. दरअसल हार्दिक पांड्या को 20 सदस्यीय टीम में स्थान नहीं दी गई. टीम में जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जड़ेजा ओर हनुमा बिहारी जैसे खिलाड़ियों की वापसी हुई है.


हार्दिक के चयन पर पहले से ही था संशय
पिछले बहुत ज्यादा समय से देखा जा रहा है कि हार्दिक पांड्या कंधे में चोट के चलते गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं और आईपीएल 2021 में मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हुए उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. आईपीएल के खेले गए 29 मैचों में वह स्ट्रगल करते नजर आए. हार्दिक ने अंतिम बार 2018 में टेस्ट खेला था और टेस्ट टीम में उनकी स्थान प्रारम्भ से ही अस्थाई रही है.


क्यों नहीं हुआ हार्दिक पांड्या का चयन?
हार्दिक पांड्या पिछले बहुत ज्यादा समय से अपनी चोट से उभर नहीं पा रहे हैं और इसी के चलते वह एक बतौर गेंदबाज टेस्ट टीम में स्थान नहीं बना पा रहे हैं. वह वनडे और टी20 में बतौर बल्लेबाज स्थान बना सकते हैं, लेकिन टीम में स्थान पाने के लिए हार्दिक को गेंदबाजी करनी होगी. बीसीसीआई के सूत्रों का बोलना है कि पांड्या अभी गेंदबाजी करने की दशा में नहीं है. इंग्लैंड के विरूद्ध उसे टीम में रखा गया ताकि वह गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाल सके, लेकिन वह इस्तेमाल पास नहीं रहा. इसलिए अब इंग्लैंड दौरे के लिए चुनी गई टेस्ट टीम में उनके नाम पर विचार नहीं किया गया.


कंधे की चोट से परेशान हैं हार्दिक
हार्दिक पांड्या अपनी बैक सजर्री से तो उभर चुके हैं, लेकिन अभी भी उनका कंधा परेशान कर रहा है, जिसके चलते वह वैसे गेंदबाजी नहीं कर रहे हैं. हार्दिक को स्वयं का पता है कि यदि वह गेंदबाजी करेंगे तो उनकी कठिनाई बढ़ सकती है. इसलिए वह वैसे अपनी बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान दे रहे हैं. टीम प्रबंधन उन्हें आनें वाले टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक समय देना चाहता है ताकि वह जल्द ही से जल्द पूरी तरह ठीक हो सकें.


17 साल की भारतीय बल्लेबाज ने वो कर दिखाया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में अब तक नहीं हुआ

17 साल की भारतीय बल्लेबाज ने वो कर दिखाया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में अब तक नहीं हुआ

 लंबे समय के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम को टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला है। इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्टल में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में भले ही भारतीय टीम की हालत सही नहीं है, लेकिन एक 17 साल की खिलाड़ी ने वो कर दिखाया है, जो महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में आज तक नहीं हुआ। इतना ही नहीं, 17 साल की ये खिलाड़ी अपना पहला ही टेस्ट मैच खेल रही थी।

दरअसल, हम बात कर रहे हैं लेडी सहवाग के नाम से फेमस हो चुकीं शेफाली वर्मा की, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि, उन्होंने कोई छक्कों की झड़ी नहीं लगाई है, लेकिन उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर तीन छक्के जड़े, जो कि महिला टेस्ट क्रिकेट में एक विश्व रिकॉर्ड है। एक मैच में अभी तक सिर्फ 1 या 2 छक्के ही खिलाड़ी जड़ पाते थे, लेकिन शेफाली वर्मा ने एक ही मैच में तीन छक्के जड़कर रिकॉर्ड बनाया है।


दाएं हाथ की बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 2 छक्के जड़े, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने एक छक्का जड़ा। पहली पारी में उन्होंने 96 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 63 रन बनाए। हैरान करने वाली बात ये रही कि इनमें से 50 रन उन्होंने चौके-छक्कों से बटोरे। शेफाली ने मेजबान टीम के खिलाफ 11 चौके और एक छक्का जड़ा। वहीं, पहली पारी में उन्होंने 13 चौके और 2 छक्के जड़े थे।

बात अगर इस मुकाबले की करें तो मेजबान इंग्लिश टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 121.2 ओवर में 9 विकेट खोकर 396 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 231 रन बनाकर ढेर हो गई। ऐसे में भारतीय टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा और दूसरी पारी में भी भारतीय टीम ने खबर लिखे जाने तक 35 ओवर में 2 विकेट खोकर 112 रन बना लिए हैं। भारत अभी भी 53 रनों से पिछड़ा हुआ है और मैच का चौथा दिन है।