IPL में मिले पैसों से अपने पिता का इलाज करवा रहा है ये युवा गेंदबाज, कहा...

IPL में मिले पैसों से अपने पिता का इलाज करवा रहा है ये युवा गेंदबाज, कहा...

कोविड-19 महामारी ने पूरे भारत में कहर मचा रखा है और लगातार इससे पॉजिटिव होने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। आइपीएल 2021 को भी कोविड-19 महामारी की वजह से ही स्थगित किया गया और इस लीग में खेलने वाले खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसी कड़ी में राजस्थान रॉयल्स के लिए पहली बार आइपीएल में खेलने वाले युवा तेज गेंदबाज चेतन सकारिया भी शामिल हैं। दरअसल चेतन के पिता कोविड पॉजिटिव हो गए और उसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अब चेतन अपने पिता कांजीभाई का इलाज करवा रहे हैं और इसमें आइपीएल से मिले पैसों से उन्हें काफी मदद मिली। 

चेतन सकारिया ने कहा कि, वो भाग्यशाली हैं कि उन्हें वक्त पर आइपीएल का पेमेंट मिल गया और इसकी वजह से वो अपने पिता का इलाज करवा पा रहे हैं। द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए चेतन सकारिया ने कहा कि, मैं भाग्यशाली हूं क्योंकि कुछ दिनों पहले ही मेरे फ्रेंचाइजी ने मेरे हिस्से का भुगतान कर दिया था। मैंने तुरंत घर पैसे भेजे और इससे मेरे पिता के इलाज में काफी मदद हुई। चेतन के मुताबिक उनके पिता एक सप्ताह पहले ही कोविड पॉजिटिव हुए थे और अगर आइपीएल नहीं होता तो वो अपने पिता का इलाज करवा पाने में सक्षम नहीं थे। 


आइपीएल के बंद किए जाने के मामले पर बोलते हुए चेतन सकारिया ने कहा कि, कुछ लोग कह रहे हैं कि इसे बंद कर देना चाहिए, लेकिन मैं उन्हें ये बताना चाहता हूं कि मैं अपने परिवार में कमाने वाले एकमात्र व्यक्ति हूं। क्रिकेट मेरी कमाई का एकमात्र जरिया है। मैं अपने पिता को आइपीएल से मिले पैसों से ही बेहतर इलाज दे सकता हूं और अगर ये टूर्नामेंट एक महीने और नहीं होता तो मैं शायद उनका इलाज नहीं करवा पाता। मैं बेहद गरीब परिवार से हूं और मेरे पिता ने पूरी जिंदगी ऑटो चलाया और इस लीग की वजह से ही मेरी पूरी जिंदगी बदल गई। चेतन को इस सीजन में राजस्थान की टीम के एक करोड़ 20 लाख में खरीदा था।  


17 साल की भारतीय बल्लेबाज ने वो कर दिखाया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में अब तक नहीं हुआ

17 साल की भारतीय बल्लेबाज ने वो कर दिखाया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में अब तक नहीं हुआ

 लंबे समय के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम को टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला है। इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्टल में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में भले ही भारतीय टीम की हालत सही नहीं है, लेकिन एक 17 साल की खिलाड़ी ने वो कर दिखाया है, जो महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में आज तक नहीं हुआ। इतना ही नहीं, 17 साल की ये खिलाड़ी अपना पहला ही टेस्ट मैच खेल रही थी।

दरअसल, हम बात कर रहे हैं लेडी सहवाग के नाम से फेमस हो चुकीं शेफाली वर्मा की, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि, उन्होंने कोई छक्कों की झड़ी नहीं लगाई है, लेकिन उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर तीन छक्के जड़े, जो कि महिला टेस्ट क्रिकेट में एक विश्व रिकॉर्ड है। एक मैच में अभी तक सिर्फ 1 या 2 छक्के ही खिलाड़ी जड़ पाते थे, लेकिन शेफाली वर्मा ने एक ही मैच में तीन छक्के जड़कर रिकॉर्ड बनाया है।


दाएं हाथ की बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 2 छक्के जड़े, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने एक छक्का जड़ा। पहली पारी में उन्होंने 96 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 63 रन बनाए। हैरान करने वाली बात ये रही कि इनमें से 50 रन उन्होंने चौके-छक्कों से बटोरे। शेफाली ने मेजबान टीम के खिलाफ 11 चौके और एक छक्का जड़ा। वहीं, पहली पारी में उन्होंने 13 चौके और 2 छक्के जड़े थे।

बात अगर इस मुकाबले की करें तो मेजबान इंग्लिश टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 121.2 ओवर में 9 विकेट खोकर 396 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 231 रन बनाकर ढेर हो गई। ऐसे में भारतीय टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा और दूसरी पारी में भी भारतीय टीम ने खबर लिखे जाने तक 35 ओवर में 2 विकेट खोकर 112 रन बना लिए हैं। भारत अभी भी 53 रनों से पिछड़ा हुआ है और मैच का चौथा दिन है।