पूर्व भारतीय हॉकी कोच एमके कौशिक का मृत्यु

पूर्व भारतीय हॉकी कोच एमके कौशिक का मृत्यु

पूर्व भारतीय हॉकी खिलाड़ी और कोच एमके कौशिक का मृत्यु हो गया है. वह कोविड-19 से संक्रमित थे. एमके कौशिक को Covid-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनको बुधवार को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वह वर्ष 1980 में मास्को ओलंपिक की गोल्ड विजेता भारतीय टीम का भाग रहे थे. एमके कौशिक को वर्ष 2002 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उनके अंदर 17 अप्रैल को कोविड-19 के लक्षण दिखे थे, लेकिन आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजन टेस्ट के नतीजे नेगेटिव आए थे. इसके बाद 24 अप्रैल को उनकी छाती का सीटी स्कैन कराया और कोविड के कारण निमोनिया का पता चला था.

मास्को ओलंपिक 1980 में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के मेम्बर कौशिक को 17 अप्रैल को Covid-19 के लिये पॉजिटिव पाया गया था और उन्हें यहां एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. उनके बेटे ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''उन्हें आज प्रातः काल वेंटीलेटर पर रखा गया लेकिन अभी उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली.' कौशिक ने हिंदुस्तान की सीनियर पुरुष और महिला टीमों को कोचिंग दी थी. उनके कोच रहते हुए भारतीय पुरुष टीम ने बैकाक एशियाई खेल 1998 में स्वर्ण पदक जीता था. उन्हें 1998 में अर्जुन पुरस्कार और 2002 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. 


17 साल की भारतीय बल्लेबाज ने वो कर दिखाया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में अब तक नहीं हुआ

17 साल की भारतीय बल्लेबाज ने वो कर दिखाया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में अब तक नहीं हुआ

 लंबे समय के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम को टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला है। इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्टल में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में भले ही भारतीय टीम की हालत सही नहीं है, लेकिन एक 17 साल की खिलाड़ी ने वो कर दिखाया है, जो महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में आज तक नहीं हुआ। इतना ही नहीं, 17 साल की ये खिलाड़ी अपना पहला ही टेस्ट मैच खेल रही थी।

दरअसल, हम बात कर रहे हैं लेडी सहवाग के नाम से फेमस हो चुकीं शेफाली वर्मा की, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि, उन्होंने कोई छक्कों की झड़ी नहीं लगाई है, लेकिन उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर तीन छक्के जड़े, जो कि महिला टेस्ट क्रिकेट में एक विश्व रिकॉर्ड है। एक मैच में अभी तक सिर्फ 1 या 2 छक्के ही खिलाड़ी जड़ पाते थे, लेकिन शेफाली वर्मा ने एक ही मैच में तीन छक्के जड़कर रिकॉर्ड बनाया है।


दाएं हाथ की बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 2 छक्के जड़े, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने एक छक्का जड़ा। पहली पारी में उन्होंने 96 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 63 रन बनाए। हैरान करने वाली बात ये रही कि इनमें से 50 रन उन्होंने चौके-छक्कों से बटोरे। शेफाली ने मेजबान टीम के खिलाफ 11 चौके और एक छक्का जड़ा। वहीं, पहली पारी में उन्होंने 13 चौके और 2 छक्के जड़े थे।

बात अगर इस मुकाबले की करें तो मेजबान इंग्लिश टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 121.2 ओवर में 9 विकेट खोकर 396 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 231 रन बनाकर ढेर हो गई। ऐसे में भारतीय टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा और दूसरी पारी में भी भारतीय टीम ने खबर लिखे जाने तक 35 ओवर में 2 विकेट खोकर 112 रन बना लिए हैं। भारत अभी भी 53 रनों से पिछड़ा हुआ है और मैच का चौथा दिन है।