17 साल की भारतीय बल्लेबाज ने वो कर दिखाया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में अब तक नहीं हुआ

17 साल की भारतीय बल्लेबाज ने वो कर दिखाया, जो महिला टेस्ट क्रिकेट में अब तक नहीं हुआ

 लंबे समय के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम को टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला है। इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्टल में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में भले ही भारतीय टीम की हालत सही नहीं है, लेकिन एक 17 साल की खिलाड़ी ने वो कर दिखाया है, जो महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में आज तक नहीं हुआ। इतना ही नहीं, 17 साल की ये खिलाड़ी अपना पहला ही टेस्ट मैच खेल रही थी।

दरअसल, हम बात कर रहे हैं लेडी सहवाग के नाम से फेमस हो चुकीं शेफाली वर्मा की, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि, उन्होंने कोई छक्कों की झड़ी नहीं लगाई है, लेकिन उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर तीन छक्के जड़े, जो कि महिला टेस्ट क्रिकेट में एक विश्व रिकॉर्ड है। एक मैच में अभी तक सिर्फ 1 या 2 छक्के ही खिलाड़ी जड़ पाते थे, लेकिन शेफाली वर्मा ने एक ही मैच में तीन छक्के जड़कर रिकॉर्ड बनाया है।


दाएं हाथ की बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 2 छक्के जड़े, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने एक छक्का जड़ा। पहली पारी में उन्होंने 96 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 63 रन बनाए। हैरान करने वाली बात ये रही कि इनमें से 50 रन उन्होंने चौके-छक्कों से बटोरे। शेफाली ने मेजबान टीम के खिलाफ 11 चौके और एक छक्का जड़ा। वहीं, पहली पारी में उन्होंने 13 चौके और 2 छक्के जड़े थे।

बात अगर इस मुकाबले की करें तो मेजबान इंग्लिश टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 121.2 ओवर में 9 विकेट खोकर 396 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 231 रन बनाकर ढेर हो गई। ऐसे में भारतीय टीम को फॉलोऑन खेलना पड़ा और दूसरी पारी में भी भारतीय टीम ने खबर लिखे जाने तक 35 ओवर में 2 विकेट खोकर 112 रन बना लिए हैं। भारत अभी भी 53 रनों से पिछड़ा हुआ है और मैच का चौथा दिन है।


इस महिला एथलीट का चौंकाने वाला खुलासा! 'कंडोम की सहायता से जीता ओलंपिक मेडल'

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टोक्यो: ऑस्ट्रेलिया के लिए ओलंपिक में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतने का कारनामा कर चुकीं एथलीट जेसिका फॉक्स ने अपनी सफलता का दंग कर देने वाला राज बताया है जेसिका फॉक्स के अनुसार उन्होंने कंडोम की सहायता से ओलंपिक मेडल जीता था जेसिका फॉक्स की बात करें तो वह जापान में जारी टोक्यो ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर चुकी हैं

मेडल जीतने के लिए किया कंडोम का इस्तेमाल 

जेसिका फॉक्स कैनो स्लेलम में इस्तेमाल होने वाले कायक बोट (कश्ती) को ठीक करने के लिए कंडोम का इस्तेमाल करती हैं जेसिका फॉक्स ने बताया कि मुझे आशा है कि आप लोग शायद नहीं जानते होंगे कि एक कॉन्डम को कायक बोट्स को रिपेयर के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है '

वायरल हो रहा वीडियो 

जेसिका फॉक्स ने बताया कि ये कार्बन को बहुत ज्यादा स्मूद फिनिश देता है फॉक्स का ये वीडियो फैंस के बीच बहुत ज्यादा वायरल हो रहा है और इस घटना के बाद वे ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं 27 वर्ष की फॉक्स सिडनी से ताल्लुक रखती हैं और वे  टोक्यो ओलंपिक के कैनोन स्लेलम इवेंट में 106.73 टाइम के साथ तीसरे जगह पर रहीं

फॉक्स का ओलंपिक खेलों में रिकॉर्ड शानदार 

फॉक्स इस ओलंपिक्स में गोल्ड की आशा लगा रही थी यही कारण है कि वे इस इवेंट के समाप्त होने के बाद बहुत ज्यादा अधिक निराश नजर आई थीं हालांकि उनका एक इवेंट अभी बचा हुआ है हालांकि वे इस रेस में वे फास्टेस्ट थीं, लेकिन टाइम पेनल्टी के चलते उन्हें तीसरे जगह से संतोष करना पड़ा   बताते चलें कि फॉक्स तीन बार की कैनोन स्लेलम K1 वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं उन्होंने वर्ष 2012 में लंदन ओलंपिक्स में सिल्वर पदक हासिल किया था   इसके अतिरिक्त वे वर्ष 2016 में हुए रियो ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज जीतने में सफल रही थीं