घर में उपस्थित तमाम डिवाइसेस में कौन-से सबसे ज्यादा खतरे में है आप , जानिए यहाँ

घर में उपस्थित तमाम डिवाइसेस में कौन-से सबसे ज्यादा खतरे में है आप , जानिए यहाँ

जो भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इंटरनेट से कनेक्टेड है, वो वायरस अटैक की रिस्क पर है. घर में उपस्थित तमाम डिवाइसेस में कौन-से सबसे ज्यादा खतरे में है, जानिए.

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  1. इन्हें कम्प्यूटर वायरस एक खास वजह से बोला जाता है, कारण यह है कि मैलवेर को डिजाइन ही कम्प्यूटर में घुसपैठ करने के लिए किया था, इसलिए कम्प्यूटर इनकी चपेट में सबसे ज्यादा आते हैं. कम्प्यूटर में घुसकर यह उसे उपयोग के लायक नहीं छोड़ते व इन्फर्मेशन चुरा लेते हैं या पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं. व्यापार, स्कूल व घरों में कार्य में आने वाले कम्प्यूटर ही सबसे ज्यादा शिकार बनते हैं. बचने के लिए सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर अपडेट रखना महत्वपूर्ण है. कई लोग एक पीसी का उपयोग करते हैं, तो सभी को अपने पासवर्ड अलग रखना चाहिए व एक ही एडमिनिस्ट्रेटर होना चाहिए.

  2. कम्प्यूटर के बाद स्मार्टफोन्स व टैबलेट्स भी सरलता से इन्फेक्ट होते हैं. क्रिमिनल्स सरलता से इन पर अतिक्रमण कर सकते हैं क्योंकि इनमें वेब ब्राउजिंग की क्षमता कम्प्यूटर जैसी ही होती है. एक गलत क्लिक किया या एक फिशिंग ईमेल खोल दिया, तो Smart Phone या टैब वायरस से प्रभावित हो जाता है. अटैक होने पर संदेहास्पद एप तुंरत हटाना चाहिए व सेफ मोड में रीबूट करना चाहिए.

  3. स्मार्ट टीवी तेजी से बढ़ रहे हैं. इनकी अपनी खूबियां हैं लेकिन सुरक्षा समस्याएं भी हैं. अगर एक गलत एप डाउनलोड कर ली है तो आपका टीवी हर वो बात सुन सकता है, जो आपके ड्रॉइंगरूम में हो रही है. अगर आपके टीवी में वेबकैम व माइक्रोफोन है तो इन्हें तब कवर करके रखना चाहिए जब उपयोग ना किया जा रहा हो. स्मार्ट टीवी में एंटी-मैलवेर डाउनलोड नहीं किया जा सकता. अच्छा ये है कि इस पर वो जानकारियां होती ही नहीं हैं, जिनके लिए वायरस छोड़े जाते हैं.

  4. माइक्रोवेव, फ्रिज, लाइट्स जैसे स्मार्ट अप्लायंसेस पर अमूमन अटैक नहीं होते हैं, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट मैलवेर इनका उपयोग प्रभावित करते हैं. इनमें जो अटैक देखने को मिले हैं वो कुछ अलग तरह के हैं. हैकर्स इन डिवाइस पर अतिक्रमण करने के बाद एक खास वेबसाइट पर तयशुदा वक्त पर ऐसी ही कई हैक्ड डिवाइसेस से एक जैसी रिक्वेस्ट भेजते हैं, जिससे वेबसाइट क्रैश हो जाती है. बचने के लिए इन डिवाइसेस के यूज़रनेम व पासवर्ड बदलते रहना चाहिए.

  5. स्मार्ट स्पीकर को हैक करना कठिन है. हैकर को गूगल सर्वर या अमेजन को हैक करना होगा, तभी कोई संवाद हासिल होने कि सम्भावना है.