जानिये योग के तहत की गई क्रियाओं से  शरीर को होते है कौन से लाभ...

जानिये योग के तहत की गई क्रियाओं से  शरीर को होते है कौन से लाभ...

भ्रम : योग करने के लिए शरीर का लचीला होना महत्वपूर्ण है?
सच : महत्वपूर्ण नहीं कि योग के लिए आपका शरीर लचीला हो. यदि नियमित योगासन करने के बावजूद भी शरीर लचीला नहीं हुआ है तो होने कि सम्भावना है आप ठीक ढंग से योग न कर रहे हों. योग का मुख्य कार्य ही शरीर में अकडऩ दूर कर दर्द में कमी व लचीलापन लाना है. वैसे लचीला शरीर रोगमुक्त होने का इशारा होता है.


भ्रम : योग के तहत की गई क्रियाओं से से धीरे-धीरे लाभ होता है.
सच : असल में वर्कआउट का सीधे तौर पर प्रभाव मांसपेशियोंं व हड्डियों पर होता है. जिससे तेजी से शरीर पर प्रभाव दिखता है. योग का असर सबसे पहले मस्तिष्क पर होता है. जिससे शरीर में उपस्थित छह चक्र (मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपूरक, अनाहत, विशुद्धि और आज्ञा) उत्तेजित और सकारात्मक सोच बनती है. इन चक्रों को ऊर्जा की कुंडली भी कहते हैं. इससे ग्रंथियों का काम सुचारू होता है.


भ्रम : योगासन का अर्थ केवल स्ट्रेचिंग है.
सच : ऐसा नहीं है. योगासन, योग व आसन शब्द से मिलकर बना है. इसके तहत प्राणायाम आदि करने से मानसिक शांति मिलती है व आसन और मुद्राओं को बनाने से शारीरिक स्तर पर लाभ होता है.


भ्रम : भोजन करने के तुरंत बाद योगाभ्यास नहीं करना चाहिए.
सच : सही, भोजन के तुरंत बाद रक्तसंचार शरीर के अन्य अंगों के बजाय पाचनतंत्र की ओर अधिक होता है. भोजन को पचने में 3-4 घंटे लगते हैं. जिससे शरीर में योग के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं होती.


भ्रम : योग से ज्यादा वजन कम नहीं होता है?
सच : किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी से एंडोक्राइन गं्रथि सक्रिय होती है. इससे चर्बी घटने लगती है व साथ ही अधिक वजन में भी कमी आती है. आनुवांशिक बीमारियों, खानपान और जीवनशैली की वजह से वजन कम होने कि सम्भावना है.