दो हजार के नोट सरलता से मार्केट से हटाए जा सकते हैं : एससी गर्ग

दो हजार के नोट सरलता से मार्केट से हटाए जा सकते हैं : एससी गर्ग

आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव एससी गर्ग ने बोला है कि दो हजार के नोट सरलता से मार्केट से हटाए जा सकते हैं. उन्होंने दावा किया कि लोगों ने दो हजार के नोट जमा कर लिए हैं, जिसकी वजह से अब ये ज्यादा चलन में नहीं हैं. इन्हें बिना किसी बड़े व्यवधान के सरलता से बंद किया जा सकता है.Image result for एससी गर्ग

गर्ग ने बोला कि इस समय ज्यादा चलन में नहीं होने के चलते इनके मार्केट से हटने पर किसी तरह की लेनदेन की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.पूर्व सचिव ने बोला कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण एक बड़ी गलती थी. इसकी वजह से क्रेडिट का विस्तार नहीं हो पाया, जिससे नुकसान उठाना पड़ा.

गर्ग ने सरकार को यह सलाह भी दी है कि सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रम या तो बंद कर दिए जाएं या इन्हें व्यक्तिगत क्षेत्र को बेच दिया जाए. उन्होंने इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया है. इसके लिए अच्छी नीतियां व प्रोग्राम बनाए जाने चाहिए. इसके अतिरिक्त गर्ग ने सरकार को कर संबंधी घोषणाओं को बजट का भाग नहीं बनाने का सुझाव भी दिया है.

बता दें कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को लेस-कैश बनाने के इरादे से नोटबंदी की थी लेकिन इसके बाद नकदी के चलन कम होने के बजाय बहुत ज्यादा बढ़ गया है. इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष मार्च के अंत में चलन में बैंक नोटों का मूल्य बढ़कर 21,109 अरब रुपये हो गया है जबकि नोटबंदी के अच्छा बाद मार्च 2017 में यह आंकड़ा 13,102 अरब रुपये था.

इस तरह महज दो वर्ष में ही चलन में बैंक नोटों के मूल्य में वजनदार 61 फीसद की वृद्धि हो गयी है.खास बात यह है कि 500 रुपये के नोट का चलन बढ़ गया है जबकि 2000 रुपये के नोट के प्रयोग में कमी आ गई. वहीं, अभी लगभग कुछ महीने पहले समाचार आई थी कि रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नए नोट की छपाई में भी भारी कटौती की है.

गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी का निर्णय करते हुए 500 रुपये व 1000 रुपये के पुराने नोट को बंद करने व 500 रुपये तथा दो हजार रुपये के नये नोट जारी करने का निर्णय किया था.