TISS ने नेशनल एंट्रेंस टेस्ट के पैटर्न में किए परिवर्तन

TISS ने नेशनल एंट्रेंस टेस्ट के पैटर्न में किए परिवर्तन

टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस (TISS) ने नेशनल एंट्रेंस टेस्ट (TISSNET) के पैटर्न में परिवर्तनकिए हैं. इसकी घोषणा संस्थान ने आधिकारिक वेबसाइट पर की गई. इसी के साथ मास्टर्स इन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट एंड लेबर रिलेशन व मास्टर्स इन ऑर्गेनाइजेशन डेवलपमेंट चेंज एंड लीडरशिप के लिए नयी इम्तिहान 'मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट' (TISS-MAT) की आरंभ की है. Image result for TISS ने नेशनल एंट्रेंस टेस्ट के पैटर्न में किए परिवर्तन

नबता दें कि इम्तिहान के लिए जारी नया एग्जाम पैटर्न अब उम्मीदवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है. नेशनल एंट्रेंस टेस्ट देशभर में 4 जनवरी को आयोजित किया जाएगा. नया पैटर्न आवेदन प्रक्रिया प्रारम्भ होने के दो सप्ताह बाद आया है. उम्मीदवार इम्तिहान के लिए सारे वर्ष तैयारी करते हैं. अब नया पैटर्न आने के बाद विद्यार्थियों को बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.

टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस के विद्यार्थी संघ ने इन बदलावों की निंदा करते हुए बोला कि परिवर्तन बिना किसी विद्यार्थी अगुवाई के किए गए हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है. संघ ने प्रशासन से इन बदलावों को वापस लेने की मांग भी रखी है.

इससे पहले टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस के सभी कोर्स में दाखिले के लिए एक ही प्रवेश इम्तिहान होती थी. उम्मीदवारों के चुनाव के लिए प्रवेश इम्तिहान को 40 फीसदी वेटेज दिया जाता था. लेकिन अब इम्तिहान केवल एक फिल्ट्रेशन प्रोसेस के रूप में कार्य करेगी. सेलेक्शन पूरी तरह से निबंध लेखन व साक्षात्कार में प्राप्त अंकों पर निर्भर करेगा.

नेशनल एंट्रेंस टेस्ट में सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी व गणित मुख्य विषय है. लेकिन मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए इकोनॉमी व एचआर से संबंधित विषय भी पढ़ने होंगे. विद्यार्थी संघ ने एक लेटर जारी कर बोला कि बिना अनुभव के मैनेजमेंट एप्टीटंयूड टेस्ट को पास करना बहुत कठिन होगा.इम्तिहान में केवल 60 दिन बचें है. अब सारे देश के कोचिंग इंस्टिट्यूट इसका लाभ उठाकर पैसा कमाएंगे.