माहवारी संबंधी समस्या में राहत दिलाता है ये जंगली प्याज

माहवारी संबंधी समस्या में राहत दिलाता है ये जंगली प्याज

जंगली प्याज खाने में कड़वा होता है. ये पित्त को बढ़ाता व कफ को बाहर निकालता है. जंगली प्याज को खाने से उल्टी, शरीर पर सूजन व दिल और पेशाब संबंधी समस्याओं में लाभकारी है. जंगली प्याज की जड़ का चूर्ण, कलौंजी के बीजों का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर प्रतिदिन गुड़ के साथ आधा चम्मच सुबह-शाम लेने से माहवारी में भी फायदा मिलता है.Image result for माहवारी संबंधी समस्या

पोषक तत्त्व : इसमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन विटामिन सी, बी6, मैगनीज प्रचुर मात्रा में मिलता है. इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटैशियम भी मिलता है.
ध्यान रखें : पित्त, खांसी व गुर्दे संबंधी रोग में जंगली प्याज नहीं लेना चाहिए. अधिक इस्तेमालकरने पर पेट में जलन होने लगती है.

प्रयोग -
पैरों के तलवों में जलन होने पर जंगली प्याज को पत्थर पर घिसकर दो बार लगाने से आराम मिल सकता है. स्कीन संबंधी समस्या में भी ये अच्छा है. प्याज की जड़ का चूर्ण सुबह-शाम 200 मिलीग्राम की मात्रा में लें. जड़ का रस 2-3 बार स्कीन पर लगाने से आराम मिल सकता है.

फायदे -
कमर व घुटनों के दर्द में जंगली प्याज को सरसों के ऑयल में काला होने तक पकाएं. इसके बाद ठंडा होने के बाद इसको लगाने से बहुत ज्यादा लाभ मिलता है. इसके अतिरिक्त दिल रोग, चोट, गुर्दे वपेशाब में रुकावट संबंधी समस्याओं में लाभदायक है.