खांसी व नजले से राहत पाने के लिए चबाए यह कोमल पत्ता

खांसी व नजले से राहत पाने के लिए चबाए यह कोमल पत्ता

भारत में कई घरों में तुलसी का पौधा पाया जाता है. वहीं, हिन्दू परिवारों में इस पौधे की पूजा भी की जाती है. इसके पीछे की एक वजह यह भी है कि तुलसी एक औषधीय पौधा माना जाता है, जिसका प्रयोग कई बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता है. आयुर्वेद के मुताबिक तुलसी के पौधे का हर भाग आपकी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी साबित हो सकता है.तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती व बीज सभी का अपना-अपना महत्व है, तो आइए इस गुणकारी पौधे के स्वास्थ्यवर्धक फायदों के बारे में जानते हैं.

1- खांसी अथवा गला बैठने पर तुलसी की जड़ सुपारी की तरह चूसी जाती है.
2- श्वांस रोगों में तुलसी के पत्ते काले नमक के साथ सुपारी की तरह मुंह में रखने से आराम मिलता है.
3- तुलसी की हरी पत्तियों को आग पर सेंक कर नमक के साथ खाने से खांसी तथा गला बैठना अच्छा हो जाता है.
4- तुलसी के पत्तों के साथ 4 भुनी लौंग चबाने से खांसी जाती है.
5- तुलसी के कोमल पत्तों को चबाने से खांसी व नजले से राहत मिलती है.
6- खांसी-जुकाम में - तुलसी के पत्ते, अदरक व काली मिर्च से तैयार की हुई चाय पीने से तुरंत फायदा पहुंचता है.
7- 10-12 तुलसी के पत्ते तथा 8-10 काली मिर्च के चाय बनाकर पीने से खांसी जुकाम, बुखार अच्छा होता है.
8- फेफड़ों में खरखराहट की आवाज़ आने और खांसी होने पर तुलसी की सूखी पत्तियां 4 ग्राम मिश्री के साथ देते हैं.
9- काली तुलसी का स्वरस लगभग डेढ़ चम्मच काली मिर्च के साथ देने से खाँसी का वेग एकदम शान्त होता है.
10- 10 ग्राम तुलसी के रस को 5 ग्राम शहद के साथ सेवन करने से हिचकी, अस्थमा एवं श्वांस रोगों को सही किया जा सकता है.