वर्किंग वुमन के लिए बेस्ट है यह सेक्स टिप्स, जरुर देखे

वर्किंग वुमन के लिए बेस्ट है यह सेक्स टिप्स, जरुर देखे

ज़िंदगी का फलसफ़ा अभी सुलझा भी न था कि रिश्तों की कश्मकश ने उलझा दिया। चंद पलों की देरी हुई व एक मुहब्बत को उसने पलभर में अजनबी बना दिया… ऐसा आपके साथ न हो, आपकी मुहब्बत और रिश्ता न स़िर्फ बरक़रार, बल्कि ताउम्र तरोताज़ा भी रहे, इसके लिए हम लाए हैं यह संभोग गाइड (Sex Guide), जो आपकी मदद करेगी अपने सबसे ख़ास संबंध को सहज व हमेशा ख़ुशगवार बनाए रखने में।

डबल इन्कम, नो किड्स’ के बाद अब ‘डबल इन्कम, नो सेक्स’ का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। व़क़्त की कमी, आर्थिक ज़रूरत व शोहरत की इच्छा ने सबसे ज़्यादा प्रभाव आपसी रिश्तों पर डाला है। दहलीज़ लांघकर स्त्रियों ने अपनी पहचान बनाने की दिशा में क़दम तो बढ़ा दिए, मगर बदले में उनके अपने संबंध ही दांव पर लग रहे हैं। चूंकि रिश्तों को सहेजने का ज़िम्मा भी समाज में स्त्रियों को ही दिया गया है, ऐसे में उनकी किरदार व जरूरी हो जाती है।

सेक्स की अहमियत

शादीशुदा ज़िंदगी में प्यार व विश्‍वास के साथ संभोग की भी उतनी ही सम्मान होती है। शोधों से साबित हुआ है कि शादियां टूटने का एक बड़ा कारण होता है संभोग लाइफ़ में प्रॉब्लम। ऐसे में संभोग की सम्मान को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। स्त्रियों के बाहर कार्य करने से सबसे ़ज़्यादा उनकी संभोग लाइफ़ ही प्रभावित हो रही है। ऐसे में अपनी संभोग लाइफ़ को हमेशा तरोताज़ा बनाए रखना बेहद ज़रूरी है, ताकि आपकी शादीशुदा ज़िंदगी पर कोई आंच न आए। इन चंद बातों को ध्यान में रखेंगे तो आपकी संभोग लाइफ़ हमेशा आनंददायक बनी रहेगी।

डिप्रेशन को हावी न होने दें

लॉस एंजल्स के सिडार्स सिनाए मेडिकल सेंटर के एमडी एंडोक्रिनोलॉजिस्ट व मेडिसिन विभाग-अध्यक्ष ग्लेन डी। ब्राउन्स्टेन के अनुसार, स्त्रियों की सेक्सड्राइव मल्टीडायमेंशनल होती है। संभोग भले ही एक शारीरिक क्रिया है, लेकिन स्त्रियों के लिए वो भावनात्मक पहलू से जुड़ी होती है। कोई भी मामला उनकी संभोग लाइफ़ को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इसलिए यदि कामकाजी स्त्रियों को ऑफ़िस से संबंधित कोई समस्या हो, तो उन्हें इसका प्रभाव अपनी व्यक्तिगत ज़िंदगी पर नहीं होने देना चाहिए। आप द़फ़्तर व वहां की समस्याओं को घर में न लेकर आएं। कोई स्ट्रेस हो भी, तो उसे अपने पति के साथ बांट लें।

फ़िटनेस बेहद ज़रूरी

भावनात्मक संतुलन के लिए फिज़िकल फ़िटनेस भी ज़रूरी है। न स़िर्फ करियर, बल्कि व्यक्तिगत ज़िंदगी में भी फ़िटनेस का अहम् भूमिका है। विशेषज्ञों की राय है कि यदि आप शारीरिक रूप से फ़िट नहीं हैं, तो संभोग में आपकी रुचि कम होती जाती है। ख़ासतौर से महिलाएं संभोग के व़क़्त भी अपने शरीर व लुक्स को लेकर काफ़ी कॉन्शियस रहती हैं। ऐेसे में ये ज़रूरी है कि कार्य के साथ-साथ आप अपनी फ़िटनेस बरक़रार रखें। जिम जाने का व़क़्त न हो, तो प्रातः काल हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ या योगासन करें। इससे चुस्ती-फुर्ती बनी रहेगी व आप डिप्रेशन और स्ट्रेस से भी दूर रह सकेंगी। पॉज़िटिव एनर्जी आपकी संभोग लाइफ़ को बेहतर बनाएगी।

क्या खाएं, क्या ना खाएं

खाने-पीने का संभोग से क्या संबंध? अगर आप भी ऐसा सोचती हैं, तो ग़लत है। कहते हैं कि ‘जैसा हो अन्न, वैसा हो मन। ’ कामकाजी स्त्रियों को अपनी डायट प्लान करके रखनी चाहिए। कामकाजी स्त्रियों का खान-पान अक्सर अनियमित हो जाता है या जब जो मिला, खा लिया वाली हालत रहती है। इसका सीधा प्रभाव उनकी हेल्थ पर पड़ता है, ख़ासतौर से पाचन क्रिया पर। ये छोटी-छोटी चीज़ें उनकी संभोग लाइफ़ को प्रभावित करती हैं, क्योंकि हेल्दी डायट का संबंध शारीरिक ऊर्जा और ताक़त से है, जो संभोग लाइफ़ में अहम् भूमिका अदा करती हैं। हमेशा हल्का, सुपाच्य भोजन लें। फ्रूट्स ़ज़्यादा खाएं, ख़ूब पानी पीएं।

पार्टनर से कम्युनिकेट करें

बिज़ी शेड्यूल में न आपके पास इतना व़क़्त होता है, न आपके पति के पास कि एक-दूसरे को पर्याप्त समय दे सकें। लेकिन फ़ोन के जरिए, प्यार भरे मैसेजेस के जरिए बीच-बीच में कॉन्टैक्ट करती रहें। इससे संबंध में ताज़गी बनी रहेगी, जो आप दोनों को व क़रीब लाएगी। साथ ही एक-दूसरे को कॉम्प्लिमेंट दें, तऱक़्क़ी होने पर शुभकामना दें, ग़िफ़्ट्स देने के लिए किसी ख़ास दिन का इंतज़ार न करें, बल्कि किसी भी दिन ग़िफ़्ट देकर उन्हें सरप्राइज़ दें।

हर वीकेंड हो हनीमून

पूरे ह़फ़्ते आप दोनों बिज़ी रहते हैं, लेकिन वीकेंड पर ऐसा कुछ स्पेशल करें कि ह़फ़्ते भर का स्ट्रेस भी दूर हो जाए व आप दोनों कुछ हसीन पल भी तन्हाई में गुज़ार सकें। रिसर्च में साबित हुआ है कि एक हनीमून की बजाय छोटे-छोटे कई हनीमून आपके रिलेशनशिप के लिए बेहतर हैं। वीकेंड में या तो इर्द-गिर्द ही कहीं घूमने निकल जाएं, फ़िल्म व कैंडल रोशनी डिनर का कार्यक्रम बना लें। या फिर द़फ़्तर से कुछ दिनों की छुट्टी लेकर आप दोनों बाहर जाने का कार्यक्रम भी बना सकती हैं।

पति का योगदान ज़रूरी

आपके पार्टनर को भी ये एहसास होना चाहिए कि भावनात्मक स्तर पर स्त्रियों को दिनभर की छोटी-छोटी बातें काफ़ी प्रभावित करती हैं, जिसका प्रभाव संभोग लाइफ़ पर पड़ता है। ऐसे में पुरुषों को भी चाहिए कि यदि उनकी पत्नी कामकाजी है तो वो उसे योगदान करें। पति का यह सपोर्ट आप दोनों के रिश्तों को व मज़बूती देगा।

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कुछ टिप्स पुरुषों के लिए

पुरुष अपनी सोच के आधार पर प्यार में स्त्रियों की चाहत का अंदाज़ा लगा लेते हैं, जो अक्सर ग़लत साबित होते हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि पुरुष अपने इन भ्रमों को दूर कर लें-

मुझे पता है कि वो क्या चाहती है?

अधिकांश पुरुष इसी भ्रम में जीते हैं कि उन्हें अपनी पत्नी की ज़रूरतें पता हैं। बेहतर होगा कि ख़ुद समझने की बजाय आप बात करके जानें कि आपकी पत्नी की क्या अपेक्षाएं हैं।

उसकी सभी ज़रूरतों को मैं पूरा कर सकता हूं।

यानी आपके पास वो सब कुछ है, जो आपकी पत्नी को चाहिए। पर होने कि सम्भावना है कि आपसे वो कुछ व चाहती हो, आपकी आदतों में कुछ परिवर्तन की उम्मीद करती हो।

सेक्स से जुड़ी भावनाएं स्त्री-पुरुष दोनों के लिए समान हैं।

हक़ीक़त यह है कि पुरुषों के लिए संभोग एक शारीरिक क्रिया होती है, जबकि स्त्रियों के लिए भावनात्मक।

सेक्स के समय शांत रहना फ़ायदेमंद रहता है।