इसलिए होता है आपका कमर दर्द

इसलिए होता है आपका कमर दर्द

कुर्सी पर बैठकर देर तक कार्य करने से गर्दन, कमर, हाथों, जांघों की मांसपेशियों में जकड़न होती है. इससे शरीर का रक्तसंचार प्रभावित होता है. पैरों की धमनियों में तनाव भी बढ़ता है, जिससे रक्तसंचार प्रभावित होता है. इससे कभी-कभी पैर के जोड़ों में दर्द होता है. अक्सर घंटों कुर्सी पर बैठकर हम कार्य करते हैं या कुर्सी मिलते ही आराम के लिए बैठते हैं. पैर पसारकर बैठने या ठीक मुद्रा में न बैठने की आदत भी पड़ जाती है. कुर्सी पर एल (L) शेप में बैठना चाहिए. आराम के लिए पीछे कुशन रख सकते हैं. कुर्सी पर आगे की तरफ न बैठें. सी (C) शेप में नहीं बैठना चाहिए.Image result for कमर दर्द

बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर
घंटों एक ही स्थान एक ही कुर्सी पर बिना ब्रेक के बैठना धूम्रपान से भी अधिक नुकसानदेय है. कंप्यूटर से निकलने वाली हानिकारक किरणें आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं. गलत ढंग से बैठने से शरीर में दर्द, मोटापा, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना, आंखों की लाइट कम होना, उंगलियों व कलाई में दर्द, अनिद्रा, तनाव, ब्लड प्रेशर, स्पॉन्डिलाइटिस व कमर दर्द होने कि सम्भावना है.

बेड पर लेटकर न पढ़ें
कुर्सी पर ज्यादा देर तक बैठने पर बीच-बीच में कंधों को हिलाते रहें. ज्यादा देर तक पैरों को क्रॉस करके न बैठें. दर्द होने कि सम्भावना है. हर घंटे पांच मिनट का ब्रेक लें. उठकर खड़े हो जाएं या टहलें. इससे मांसपेशियां सक्रिय रहती हैं. बेड पर लेटकर पढ़ने से नींद आती है. पढ़ाई तेज लाइट में ही करें.

कंप्यूटर पर कार्य करते समय ठीक मुद्रा में बैठना जरूरी
कंप्यूटर पर कार्य करते समय मुद्रा ठीक रखें. हर आधे घंटे में कंप्यूटर स्क्रीन से नजरें हटाएं. पहले दूर रखी वस्तु पर 10-15 सेकंड तक नजर टिकाएं. उसके बाद पास की वस्तु पर 15 सेकंड फोकस करें. हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड तक 20 फीट दूर देखें. इससे आंखों की मांसपेशियों में भी फैलाव होगा.

कमर दर्द का उपाय
कुर्सी पर घंटों गलत ढंग से बैठने के कारण कमर दर्द होता है. इससे बचने के लिए कुर्सी पर कमर को आगे-पीछे व दाएं-बाएं घुमाने की प्रयास करें. नियमित रूप से सुबह-शाम कमर संबंधी व्यायाम करें. इससे रक्तसंचार सुचारु होता है व दर्द से राहत मिलती है.

अपने हिसाब से रखें टेबल कुर्सी की हाइट
बैठते वक्त कुर्सी व टेबल आपकी हाइट के हिसाब से होनी चाहिए. बुक्स की अलमारी भी कुर्सी से दूर हो ताकी किताब निकालने के लिए बार-बार उठें, ये तरीका भी दर्द से बचाएगा. हर घंटे पानी पीने की आदत डालें.