इसलिए होता है महिलाओ को पीरियड्स 

इसलिए होता है महिलाओ को पीरियड्स 

मेनोपॉज के सामान्य लक्षणों में हॉट फ्लेश व वेजाइना में ड्रार्इनेस शामिल है. साथ ही नींद में गड़बड़ी भी हो सकती है. इन लक्षणों का कॉम्बिनेशन अक्सर गंभीर चिंता या अवसाद का कारण बन सकता है. इसलिए पुरुषों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि मेनोपॉज क्या है? क्यों‍कि यह जानने में मदद कर सकता है कि स्त्रियों के ज़िंदगी में आयु बढ़ने के साथ-साथ मेनोपॉज के साथ क्या हो होता है. मेनोपॉज हमेशा सरल नहीं होता है, इस दौरान कई स्त्रियों को बेहद परेशानियों को सामना करना पड़ता है. इसलिए थोड़ी सहानुभूति से वह एक लंबा रास्ता तय कर सकती है.

मेनोपॉज एक रात में नहीं होता है

सबसे पहली बात मेनोपॉज सिर्फ रात भर में नहीं होता है. यह वास्तव में पेरिमेनोपॉज से प्रारम्भ होता है, जिसमें सालों लग सकते हैं. एक महिला को केवल इस बात से आराम महसूस होता है कि अब उनके पीरियड्स समाप्त हो चुके हैं.

मेनोपॉज अपने साथ लाता है परेशानियां

दूसरे, मेनोपॉज आयु बढ़ने का एक भाग है जिसमें महिलाएं सिर्फ गुजरती नहीं है. वास्तव में, इसके साथ स्त्रियों को वर्षों अनिद्रा, चिंता व मूड स्विंग्स के साथ बिताने पड़ते हैं.

सभी स्त्रियों के पीरियड्स एक जैसे नहीं होते हैं

सभी स्त्रियों को पीरियड्स के दौरान भिन्न-भिन्न समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है. पुरुषों के लिए यह महसूस करना जरूरी है कि हर महिला एक ही तरह के लक्षण का अनुभव नहीं करती है. विभिन्न स्त्रियों के पीरियड्स व उनका आराम का लेवल बॉडी के हिसाब से भिन्न-भिन्न होता है.

मेनोपॉज शारीरिक असुविधा का कारण बनता है

हालांकि, एक पुरुष के दृष्टिकोण से, ऐसा लग सकता है कि एक महिला पीरियड्स से छुटकारा पाने के लिए बेहद खुश होती है. लेकिन इस दौरान स्त्रियों को बहुत सारे शारीरिक व मानसिक बदलावों से गुजरना पड़ता है जो उसके लिए थोड़ा कठिन होता है.

मेनोपॉज में स्त्रियों में शारीरिक लक्षण भी दिखते हैं

पुरुषों को यह भी समझना चाहिए किमेनोपॉज के दौरानएक महिला के शरीर में कई तरह के शारीरिक परिवर्तन जैसे सिरदर्द, वेजाइना में ड्राईनेस व बालों में परिवर्तन शामिल हैं. हॉट फ्लैशेज, इमोशनल परिवर्तन व वजन का बढ़ना भी मेनोपॉज के कुछ लक्षण हैं जो आकस्मित प्रकट होते हैं, व स्त्रियों को इससे छुटकारा पाना होता है.


अगर पुरुषों को लगता है कि मेनोपॉज का मतलब है पीएमएस की तरह होता है, यानिपीरियड्स से पहलेहोने वाले कुछ लक्षण. लेकिन स्त्रियों का बोलना है कि मेनोपॉज बिना किसी राहत के पीएमएस है. मेनोपॉज का एक साइड इफेक्‍ट यह है कि कुछ महिलाएं स्‍लो मेटाबॉल्जिम का अनुभव करती हैं. इससे उनका वजन बढ़ सकता है. इसके अलावा, मेनोपॉज से अक्सर ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है व स्त्रियों में एस्ट्रोजेन के लेवल में कमी के कारण हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है.