अमरीका-ईरान के बीच परमाणु मामले पर छिड़ी जंग थमने का नहीं ले रही नाम, 'आर्थिक आतंकवाद' फैला रहा यह देश

अमरीका-ईरान के बीच परमाणु मामले पर छिड़ी जंग थमने का नहीं ले रही नाम,  'आर्थिक आतंकवाद' फैला रहा यह देश

अमरीका-ईरान के बीच परमाणु मामले पर छिड़ी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. जहां एक ओर जापान के पीएम शिंजो आबे बुधवार को होने वाली अपनी ईरान यात्रा पर दोनों देश के बीच मध्यस्थता की किरदार निभा सकते हैं, वहीं इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अमरीका पर ईरान के विरूद्ध 'आर्थिक आतंक' फैलाने का आरोप लगाया है.

अपने दायित्व पूरा करे EU: रूहानी

हसन रूहानी ने यूरोपीय संघ (EU) से बोला कि वह अमरीका की ओर से ईरान की ओर से फैलाए जा रहे 'आर्थिक आतंक' पर लगाम लगाए. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बोला कि EU, 2015 में हुए परमाणु डील के भीतर मंजूर हुए समझौते के तहतअपना दायित्व पूरा करे. रूहानी का दावा है, 'अमरीका के संयुक्त व्यापक काम योजना (JCPOA) से बाहर निकलने के बाद से वैश्विक शांति पर बुरा असर पड़ा है. अगर EU के मुताबिक JCPOA के तहत ईरान व EU को क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को बरकरार रखना जरूरी है तो उन्हें इसके लिए व्यापक कदम उठाने चाहिए.

अमरीका के दावों से ईरान का किनारा

बता दें कि रूहानी ने यह बयान जर्मन विदेश मंत्री हिके मास के साथ एक मीटिंग दौरान दिया. उन्होंने बोला कि अमरीका ने परमाणु समझौते को साथ धोखाधड़ी की औऱ दूसरी ओर EU ने इसके लिए कोई जिम्मेदाराना कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा, अमरीका ईरान पर भारी प्रतिबंध लगाकर अतिवाद फैला रहा है. वहीं, अमरीका दावा करता है कि ईरान अभी भी परमाणु बम बनाने की योजना में है. इससे मना करते हुए रूहानी ने कहा, 'इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने अपनी 15 रिपोर्ट्स में ईरान की डील के प्रति वफादारी की जाँचकी है.' रूहानी ने यकीन दिलाया कि ईरान क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए कार्य कर रहा है व अफगानिस्तान, इराक व सीरिया जैसे राष्ट्रों में फैले आतंक से लड़ रहा है.