महिलाओ में होने वाली वैजिनल डिस्चार्ज की बदबू व खुजली की कई वजह होती है जाने

महिलाओ में होने वाली वैजिनल डिस्चार्ज की बदबू व खुजली की कई वजह होती है जाने

महिलाओ में होने वाली वैजिनल डिस्चार्ज की बदबू व खुजली की कई वजह होती हैमहिलाओं में मोटे तौर पर तीन तरह केडिस्चार्जहोते हैं. सबसे ज्यादा आम डिस्चार्ज है वल्वो वैजाइनल कैंडिडाइटिस, जो वैजाइना में इन्फेक्शन से होता है. दूसरी तरह का डिस्चार्ज है ट्राइकोमोनल वैजिनाइटिस व तीसरी बैक्टीरियल वैजिनोसिस. वैजाइना में फ्लोरा होते हैं, जो पीएच नॉर्मल रखने में मदद करते हैं. इनमें परिवर्तन आने पर बेकार बैक्टीरिया की संख्या बढ़ने लगती है. ट्राइकोमोनस वेजिनालिस व बैक्टीरियल वैनिनोसिस वैजाइना में इन्फेक्शन की वजह से होते हैं. ये तीनों डिस्चार्ज भिन्न-भिन्न कारणों से होते हैं व इनके उपचार के लिए भी अलग ढंग अपनाए जाते हैं. इस समस्या में कठिनाई तो होती है लेकिन इससे घबराने की आवश्यकता नहीं. इनके उपचार में टैबलेट दी जाती हैं, ट्यूब दिए जाते हैं व पेसरी (वैजाइना में डाली जाती हैं.) के जरिए दवाएं दी जाती हैं.Image result for महिलाओ में होने वाली वैजिनल डिस्चार्ज की बदबू व खुजली की कई वजह होती है जाने

१। वल्वोवैजाइनल कैंडिडाइटिस

इस तरह के डिस्चार्ज में गाढ़ा व दही जैसा डिस्चार्ज होता है लेकिन उसमें से स्मेल नहीं आती. इसमेंवेजाइनामें बहुत ज्यादा खुजली होती है (प्रूपाइटिस). इसके उपचार के तौर पर क्लोट्राइमेजॉल दी जाती है (क्रीम व पेसरी दोनों विकल्पों के जरिए यह दवा दी जाती है । माइटनोजॉल भी पेसरी व क्रीम के तौर दी जाती है, वहीं प्लूकनाजॉल खाने की टैबलेट के तौर पर दी जाती है.इसको सेक्शुअली ट्रांसमिटेज डिजीज नहीं माना जाता, लेकिन इसमें सलाह दी जाती है कि स्त्रियों को यह डिजीज होने पर उनके पार्टनर को भी इसकी जाँच करा लेनी चाहिए.

2. ट्राइकोमोनल वैजिनोसिस

सेक्स से संक्रमण होने पर ट्राइकोमोनल वैजिनोसिस डिजीज हो जाती है. इसमें डिजीज के होने पर इचिंग व इरिटेशन होती है, इसमें बदबू भी आती है व इसमें डिस्फ्यूरिया यानी पेशाब करने में कठिनाई जैसे लक्षण नजर आते हैं. इसमें वेजाइना में रेट स्पॉट्स दिखाई देते हैं. इसमें डिस्चार्ज पतला, क्रीमी, हरे रंग का व झागदार होता है.

3. बैक्टीरियल वेजीनोसिस

ट्राइकोमोनास वैजिनोसिस की तरह यह बीमारी भी संक्रमण से होती है. इसमें भी मेल पार्टनर्स को भी उपचार कराने के लिए सलाह दी जाती है. इसमें डिस्चार्च दूधिया रंग का होता है, पतला होता है व उसमें मछली जैसी बदबू आती है. यह इन्फेक्शन वेजाइना में लेक्टो बेसिलियस बैक्टीरिया की कमी के कारण होता है. दरअसल इस बैक्टीरिया की कमी होने पर वैजाइना में बेकार बैक्टीरिया प्रभावी होने से पीएच बदल जाता है