भोजपुरी के इस प्रसिद्ध गीतकार को पहली ही कैसेट पर मिली थी चप्पलों से मार

भोजपुरी के इस प्रसिद्ध गीतकार को पहली ही कैसेट पर मिली थी चप्पलों से मार

भोजपुरी के प्रसिद्ध गीतकार विनय बिहारी को बचपन से ही गाने व नाटक करने का शौक था. उनके गांव में जब भी नाटक होता वह जरूर भागलेते. इसके लिए उनको अपने पिता जी के विरूद्ध जाना पड़ता था. पेशे से शिक्षक रहे विनय बिहारी के पिता जी को ये बिल्कुल भी पसंद नहीं आता था कि उनका बेटा नाटक खेले व गाने गाए. लेकिन विनय बिहारी को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था जिसके लिए कई बार पिता से मार भी पड़ी. स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उच्च एजुकेशन के लिए विनय बिहारी पटना गए तो उनको अपने मन की करने की आजादी मिली. वर्ष 1989 में विनय बिहारी ने इंटर की इम्तिहान प्रथम श्रेणी से पास की. इसी वर्ष उनके गाने की पहली कैसेट एसएम सीरीज से आई. एल्बम का नाम था ‘चंपारण के बाबू.’ इसमें विनय बिहारी गीत लिखने के साथ गाए भी थे.

पिता जी को इस बात का जब पता चला तो वह बहुत ज्यादा नाराज हुए थे. इतना गुस्सा हुए थे कि विनय बिहारी की चप्पलों से पिटाई कर दी थी. इस बात को याद करते हुए विनय ने एक साक्षात्कार में बोला था- ‘पिता जो कि जब मेरे पहले कैसेट के बारे में पता चला तो उन्होंने दोनों पैरों के चप्पलों से पिटाई की थी. इतना मारे थे कि दोनों चप्पल टूट गए थे.’ उन दिनों को याद करते हुए विनय ने आगे बोला था कि पिता जी कभी भी गाने को लेकर मेरी तारीफ नहीं की. वह हमेशा विरूद्ध में ही होते थे.

बता दें कि विनय बिहारी ने अब तक 300 से ज्यादा फिल्मों में गीत लिख चुके हैं. वहीं 50 से अधिक फिल्मों में डायलॉग लिखे. साथ ही 15 से ज्यादा फिल्मों में एक्टिंग भी किया. इसके साथ ही वह एक राजनीतिज्ञ भी हैं. वह लौरिया से वर्ष 2010 से 2015 तक विधायक भी रह चुके हैं.