वीआईपी हलचल से खचाखच भरी रहने वाली इस रोड पर चुप्पी सी छाई

वीआईपी हलचल से खचाखच भरी रहने वाली इस रोड पर चुप्पी सी छाई

जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और पुनर्गठन बिल को मंजूरी के बाद से बहुत कुछ बदल चुका है. यहां की मशहूर गुपकार रोड पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है. सियासीहलचलों से मसरूफ रहने वाली गुपकार रोड पर सन्नाटा पसरा हुआ है.

Image result for श्रीनगर की गुपकार रोड पर खामोशियों

वीआईपी हलचल से खचाखच भरी रहने वाली इस रोड पर चुप्पी सी छाई हुई है. ना ही लाल बत्तियों व सायरन वाली वीआईपी कारों की मूवमेंट व ना ही नौकरशाहों व आम लोगों की आवाजाही हो रही है. बता दें गुपकार रोड पर प्रदेश के तीन पूर्व सीएम डाक्टर फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती का घर है.

फारूक व उमर के घर एक दूसरे के पास है लेकिन महबूबा मुफ्ती का घर करीब डेढ़ किलोमीटर आगे है. इसे फेयरव्यू के नाम से जाना जाता है. इन तीनों के घर पर हमेशा मिलने वालों का तांता बंधा रहता था लेकिन 5 अगस्त के बाद से इनके घरों के आसपास पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है. इतना ही नहीं इस वीआईपी रोड के दोनों व कंटीली तारें लगाकर बैरिकेडिंग की गई है. किसी को भी आवाजाही की अनुमति नहीं दी जा रही है. इन वीआईपी के घरों के बाहर तैनात रहने वाले सुरक्षा कर्मियों को भी ज्यादा हलचल दिखाई नहीं दे रही है.

गुपकार की ओर जाने वाली रास्ते पर लगी बैरिकेडिंग के पास तैनात एक पुलिस के ऑफिसर ने बताया कि महबूबा मुफ्ती को चश्माशाही और उमर अब्दुल्ला को हरी निवास में रखा गया है. साथ ही कई सियासी नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है. इसके चलते यहां आने जाने वालों का सिलसिला पूरी तरह से प्रभावित हुआ है. कोई मिलने भी नहीं आता, जो अंदर है वो अंदर ही व जो बाहर है, वो भी नहीं आते.

ईद पर भी नहीं आया कोई

बताते चलें कि नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डाक्टर फारूक अब्दुल्ला अपने घर पर नजरबंद हैं. उनसे मिलने कोई नहीं आ रहा है. एक पुलिस कर्मी ने बोला कि 11 दिन पहले डाक्टरफारूक अब्दुल्ला घर की बालकनी से मीडिया से बात करते दिखे थे. लेकिन ईद पर भी यहां कोई नहीं आया व तबसे लेकर यहां सन्नाटा पसरा हुआ है.