देश के लोग गाड़ी की ईएमआई देने से बेहतर ओला-ऊबर से सफर करना करते है पसंद : निर्मला सीतारमण

देश के लोग गाड़ी की ईएमआई देने से बेहतर ओला-ऊबर से  सफर करना करते है पसंद : निर्मला सीतारमण

आर्थिक मंदी व उसमें ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा मंदी देश का सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गई है. कई प्लांट बंद हो गए हैं. साथ ही कई कंपनियों ने महीने में अवकाश के दिन बढ़ा दिए हैं. इसके अतिरिक्त लाखों नौकरियां जा चुकी हैं व लाखों लोगों की नौकरियां जाने का खतरा बढ़ा हुआ है.

अब इस मुद्दे में देश की वित्त मंत्री बाकी कारणों के साथ ओला-ऊबर के बढ़ते चलन को भी जिम्मेदार बताया है. उन्होंने बोला है कि अब देश के लोग गाड़ी की ईएमआई देने से बेहतर ओला-ऊबर से सफर करना ज्यादा पंसद करते हैं. उन्होंने व फैक्टर्स को भी इसके लिए जिम्मेदार बताया है.

वित्त मंत्री ने ऑटो सेक्टर के लिए इन्हें बताया जिम्मेदार
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन सारे होने पर पर पत्रकारों से बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने बोला कि ऑटो सेक्टर गंभीर समस्या से गुजर रहा है. इसका हल निकालना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है.

उन्होंने ऑटो सेक्टर में गिरावट के लिए लोगों के माइंडसेट में बदलाव, बीएस-6 मॉडल, रजिस्ट्रेशन फी से संबंधित मामलों को जिम्मेदार बताया है. उन्होंने बोला कि हमारे सामने सिर्फ ऑटो सेक्टर नहीं है. हम सभी सेक्टर्स की परेशानियों को लेकर गंभीर हैं. अगस्त व सितंबर में बड़े ऐलान किए गए हैं. जरुरत पडऩे पर व भी राहत भरे ऐलान किए जाएंगे.

मारुति चेयरमैन ने बोला कि
वहीं दूसरी ओर मारुति के चेयरमैन आरसी भार्गव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं कि ऑटो सेक्टर में डिमांड व स्लोडाउन ओला-ऊबर की वजह से आया है. उन्होंने इसके लिए सरकार की पॉलिसी को जिम्मेदार बताया है.

उन्होंने बोला कि पेट्रोल व डीजल के बढ़ते दाम व उन पर लगने वाला टैक्स, रोड टैक्स, पेट्रोल-डीजल सेेस की वतह से भी लोग गाडिय़ों से भागने लगे हैं. वहीं उन्होने इस बात को भी बोला कि GST दरों में कमी करने से कोई नहीं पडऩे वाला है.

उन्होंने बोला कि गाडिय़ों में सेफ्टी विशेषता एड करने से उनकी लागत बढ़ गई है. जिसकी वजह से दोपहिया वाहन चलाने वाले लोग गाडिय़ों की ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि लगातार 10वें महीने अगस्त में भी कारों की बिक्री में कमी आई है.