दून के आरटीओ ऑफिस में इसका दाग देना हो गई एक आम बात विभाग निश्चिंत बैठा है व आमजनता परेशान

दून के आरटीओ ऑफिस में इसका दाग देना हो गई एक आम बात विभाग निश्चिंत बैठा है व आमजनता परेशान

दून के आरटीओ ऑफिस में सर्वर का दगा देना आम बात हो गई है. विभाग निश्चिंत बैठा है व आमजनता परेशान. बुधवार को भी ऐसा ही हुआ. प्रातः काल दफ्तर खुलते ही कार्य सर्वर की दगा से ठप पड़ गया. जिस वजह से टैक्स, परमिट, फिटनेस एवं लाइसेंस के लिए आए सैकड़ों लोग तपती उमस में पूरा दिन इधर से उधर भटकते रहे.

Image result for सर्वर ठप,

आरटीओ में औनलाइन व्यवस्था में आए दिन दिक्कतें आ रहीं. अगस्त-15 में यहां व्यवस्थाएं औनलाइन होने के बाद से अब तक करीब पांच दर्जन मर्तबा सर्वर ठप रहा चुका है. पिछले माह भी सर्वर की खराबी ने एक दिन आरटीओ में कार्य ठप रखा था. इस माह बुधवार को सर्वर की खराबी पूरा दिन जनता के लिए मुसीबत बन गई. कार्य कोई नहीं हुआ व लोग भटकते रहे. बड़ी संख्या में लोग दोपहर ही घर लौट गए व कुछ लोग शाम तक सर्वर चलने का इंतजार करते रहे.

हालांकि, विभागीय ऑफिसर ये दावा कर रहे कि सर्वर दोपहर दो बजे अच्छा हो गया था, लेकिन लोगों की मानें तो शाम तक सर्वर रुक-रुक चलता रहा. इस कारण विभिन्न मदों में फीस भी जमा नहीं हो पाई व लोग परेशान रहे. दरअसल, इस समय आरटीओ में दो सॉफ्टवेयर वाहन और सारथी पर कार्य चलता है. दोनों में डाटा पूरी तरह ओवरलोड रहता है. तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह के बाद विभाग ने इंटरनेट की अलग दो लाइनें कर दीं, लेकिन तब भी सर्वर ठप होने के मुद्दे नहीं थम रहे. एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडे ने बताया कि प्रातः कालतकनीकी खराबी के चलते सर्वर ठप था पर दोपहर में चालू हो गया था. इसके बाद से कार्य सुचारू चले.

तिमाही कर के कारण थी भारी भीड़

इन दिनों आरटीओ में व्यवसायिक वाहनों का तिमाही कर जमा हो रहा है. जिसकी वजह से ऑटो, टैक्सी व बस संचालकों की बहुत ज्यादा भीड़ आरटीओ में कर जमा के लिए पहुंची थी.प्रातः काल से ये लोग सर्वर के चालू होने का इंतजार करते रहे. दोपहर में सर्वर चालू तो हुआ लेकिन रुक-रुक कर चला, जिससे फीस जमा करने में कठिनाई रही. कुछ लोग ऐसे भी थे, जिनकी फीस बुधवार को जमा नहीं हुई तो गुरूवार को उन पर पेनाल्टी लगनी थी. ऐसे लोग इधर से उधर दौड़भाग करते रहे, ताकि जैसे भी फीस जमा हो जाए, लेकिन उनकी उम्मीदों पर भी पानी फिर गया. ऑटो के संचालक मुकेश कुमार ने बताया कि वे प्रातः काल कर जमा करने पहुंच गए थे, लेकिन शाम तक कर जमा नहीं हो पाया. आफताब खान ने बताया कि उनका भी पूरा दिन कर जमा कराने के लिए बर्बाद हो गया. गुरूवार को दोबारा आना पड़ेगा.

वीआइपी कोटे में बनेंगे डीएल

सर्वर बेकार होने की वजह से जिनके ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पाए, अब वह लाइसेंस वीआइपी कोटे में बनाए जाएंगे. आरटीओ ने बताया कि आनलाइन सेवा में प्रतिदिन 150 लोगों के लाइसेंस बनाए जा सकते हैं जबकि वीआइपी कोटे में 50 की संख्या अलग से निर्धारित है. जिन लोगों के लाइसेंस बुधवार को नहीं बन सके, उनके लाइसेंस गुरूवार को वीआइपी कोटे में बन सकेंगे. उन्हें दोबारा आवेदन या दोबारा फीस नहीं देनी पड़ेगी.