है. अपनी एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में खास स्थान बनाने वाले इस एक्टर की आज पुण्यतिथि

है. अपनी एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में खास स्थान बनाने वाले इस एक्टर की आज पुण्यतिथि

हिंदी सिनेमा के मशूहर एक्टर प्राण की 12 जुलाई को पुण्यतिथि होता है. अपनी एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में खास स्थान बनाने वाले एक्टर प्राण हर फिल्म के लिए भारी फीस लिया करते थे. उनकी फीस हीरो से भी ज्यादा हुआ करती थी लेकिन उन्होंने राज कपूर की फिल्म ‘बॉबी’ मात्र एक रुपए में साइन की थी. उस दौरान राज कपूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे.इसको देखते हुए प्राण ने फीस नहीं ली. प्राण जितना बिग स्क्रीन पर खतरनाक नजर आते थे वह असल जिंदगी में उतने ही नरम दिल थे. प्राण का जन्म दिल्ली के बल्लीमारान इलाके में 12 फरवरी 1920 को हुआ था. बचपन में उनका नाम 'प्राण कृष्ण सिकंद' था. जो फिल्मों में आने के बाद सिर्फ प्राण रह गया था. दिल्ली में उनका परिवार बेहद समृद्ध था. वे बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे, खास तौर पर गणित में.

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यह प्राण की पहली फिल्म बनी व सुपरहिट रही. लाहौर फिल्म इंडस्ट्री में एक खलनायक के तौर पर उभरने वाले प्राण को हिंदी फिल्मों में पहला ब्रेक 1942 में फिल्म 'खानदान' से मिला. दलसुख पंचोली की इस फिल्म में उनकी एक्ट्रेस नूरजहां थीं. बंटवारे से पहले प्राण ने 22 फिल्मों में नेगेटिव भूमिका किया. वे उस समय के बहुत ज्यादा चर्चित विलेन बन चुके थे. आजादी के बाद उन्होंने लाहौर छोड़ दिया व मुंबई आ गए. यह उनके लिये प्रयत्न का समय था.

मुंबई आने के बाद प्राण को फिल्म 'जिद्दी' में मिला था. इस फिल्म के लीड भूमिका में देवआनंद व कामिनी कौशल थे. 'जिद्दी' के बाद इस दशक की सभी फिल्मों में प्राण खलनायक के भूमिका में नजर आए. 1955 में दिलीप कुमार के साथ 'आजाद', 'मधुमती', 'देवदास', 'दिल दिया दर्द लिया', 'राम व श्याम' व 'आदमी' नामक फिल्मों के भूमिका जरूरी रहे तो देव आनंद के साथ 'मुनीमजी' (1955), 'अमरदीप' (1958) जैसी फिल्में पसंद की गई.

फिल्म 'जंजीर' के भूमिका विजय के लिए प्राण ने निर्देशक प्रकाश मेहरा को अमिताभ बच्चन का नाम सुझाया था. इस फिल्म ने अमिताभ का करियर पलट कर रख दिया था. इस भूमिका को पहले देव आनंद व धर्मेन्द्र ने नकार दिया था. प्राण ने अमिताभ की दोस्ती के चलते इसमें शेरखान का भूमिका भी निभाया. इसके बाद अमिताभ बच्चन के साथ 'ज़ंजीर', 'डान', 'अमर अकबर अन्थोनी', 'मजबूर', 'दोस्ताना', 'नसीब', 'कालिया' व 'शराबी' जैसी फिल्में जरूरी हैं.

प्राण को तीन बार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक एक्टर का पुरस्कार मिला. 1997 में उन्हें फिल्मफेयर जीवन टाइम अचीवमेंट खिताब से नवाजा गया. प्राण को हिन्दी सिनेमा में उनके सहयोग के लिए 2001 में हिंदुस्तान सरकार के पद्म भूषण व इसी वर्ष दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. प्राण ने तकरीबन 350 से अधिक फिल्मों में कार्यकिया. कापते पैरों की वजह से वह 1997 से व्हीएल चेयर पर ज़िंदगी गुजार रहे थे.

प्राण की व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो उन्होंने 18 अप्रैल 1945 को शुक्ला सिकंद से विवाह की थी. उनके तीन बच्चे हैं. अरविंद व सुनील व एक बेटी पिंकी. 1998 में प्राण में दिल का दौरा पड़ा था. साल 2013 में 93 वर्ष की आयु में प्राण ने अंतिम सांस ली थी. प्राण जब तक जिए दूसरों की मदद को हमेशा आगे रहे. अमिताभ बच्चन के अतिरिक्त प्राण ने एक बार राज कपूर की भी मदद की थी.

प्राण हर फिल्म के लिए भारी फीस लिया करते थे. उनकी फीस हीरो से भी ज्यादा हुआ करती थी लेकिन उन्होंने राज कपूर की फिल्म ‘बॉबी’ मात्र एक रुपए में साइन की थी. उस दौरान राज कपूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे. इसको देखते हुए प्राण ने फीस नहीं ली. प्राण जितना बिग स्क्रीन पर खतरनाक नजर आते थे वह असल जिंदगी में उतने ही नरम दिल थे.