हिंदुस्तान अब चंद्रमा पर अपने दूसरे मिशन को लेकर तैयार, जानिये कब लॉन्च होगा चंद्रयान 2

हिंदुस्तान अब चंद्रमा पर अपने दूसरे मिशन को लेकर तैयार, जानिये कब लॉन्च होगा चंद्रयान 2

हिंदुस्तान अब चंद्रमा पर अपने दूसरे मिशन को लेकर तैयार है. 15 जुलाई को चंद्रयान 2 लॉन्च होगा. इससे पहले भारतीय स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने ट्विटर पर एक क्विज आयोजित की. इसमें पूछा गया कि आप चांद पर अपने साथ क्या लेकर जाना चाहेंगे? कई लोगों नेजवाब भी दिए. ज्यादातर ने जवाब दिया- तिरंगा.

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कुछ यूजर्स ने कहा- हिंदुस्तान का नक्शा, भोजन व ऑक्सीजन के साथ कुछ महत्वपूर्ण चीजें चांद पर ले जाना चाहेंगे. कुछ ने कहा- बरगद का पेड़ तो कुछ कहे मातृभूमि की मिट्टी वबच्चों के सपने. कुछ यूजर्स ने कहा- हम स्कूप ले जाना चाहेंगे ताकि चांद से पानी वापस ला सकें.

चंद्रयान-1 दस वर्ष पहले लॉन्च हुआ
चंद्रयान-2 श्रीहरिकोटा (आंध्रप्रदेश) में सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च होगा. जीएसएलवी एमके-थ्री के जरिए चांद के साउथ पोलर रीजन में जाएगा. चंद्रयान-1 मिशन दस वर्ष पहले लॉन्च किया गया था. चंद्रयान-2 इसका एडवांस वर्जन है.

नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने का प्रयास- इसरो
इसरो ने कहा- चंद्रयान-2 एक कोशिश है, अंतरिक्ष की समझ को व बढ़ाने के साथ-साथ वैज्ञानिकों की नयी पीढ़ी को प्रोत्साहित करने का. इसके जरिए हमारी प्रयास स्पेस मिशन को गहराई से समझने के लिए तैयार की गई तकनीक को टेस्ट करने का प्रदर्शन भी है.

मिशन पर खर्च होंगे 603 करोड़ रुपए
चंद्रयान-2 को जीएसएलवी एमके-3 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा. 380 क्विंटल वजनी स्पेसक्राफ्ट में 3 मॉड्यूल ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) व रोवर (प्रज्ञान) होंगे. ऑर्बिटर में 8, लैंडर में 3 व रोवर में 2 यानी कुल 13 पेलोड होंगे. सारे चंद्रयान-2 मिशन में 603 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. जीएसएलवी की मूल्य 375 करोड़ रु। है.

बाहुबली रॉकेट है जीएसएलवी एमके-3
जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल एमके-3 करीब 6000 क्विंटल वजनी रॉकेट है. यह पूरी तरह लोडेड करीब 5 बोइंग जंबो जेट के बराबर है. यह अंतरिक्ष में बहुत ज्यादा वजन ले जाने में सक्षम है. लिहाजा इसे बाहुबली रॉकेट भी बोला जा रहा है.

तीनों मॉड्यूल कई इस्तेमाल करेंगे
इसरो के मुताबिक- ऑर्बिटर अपने पेलोड के साथ चांद का चक्कर लगाएगा. लैंडर चंद्रमा पर उतरेगा व वह रोवर को स्थापित करेगा. ऑर्बिटर व लैंडर मॉड्यूल जुड़े रहेंगे. रोवर, लैंडर के अंदर रहेगा. रोवर एक चलने वाला उपकरण रहेगा जो चांद की सतह पर इस्तेमाल करेगा. लैंडर व ऑर्बिटर भी प्रयोगों में प्रयोग होंगे.