फंसे लोन के लिए बैंक का ऊंचा प्रावधान करना इसकी वजह बताई जा रही

फंसे लोन के लिए बैंक का ऊंचा प्रावधान करना इसकी वजह बताई जा रही

इलाहाबाद बैंक घाटा दूसरी तिमाही में बढ़ गया है। बैंक का घाटा चालू वित्त साल की दूसरी तिमाही में बढ़कर 2,103.19 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. फंसे लोन के लिए बैंक का ऊंचा प्रावधान करना इसकी वजह बताई जा रही है. इससे पिछले वित्त साल की इसी अवधि में बैंक को 1,816.19 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. हालांकि, चालू वित्त साल की पिछली अप्रैल-जून तिमाही में बैंक को 128 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था.

समीक्षावधि में बैंक की कूल आय 4,725.23 करोड़ रुपये रही. इससे पिछले वित्त साल की इसी अवधि में बैंक को 4,492.23 करोड़ रुपये की आय हुई थी. इस दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) या फंसा लोन उसके सकल लोन का 19.05 फीसद रही. इससे पिछले वित्त साल की इसी अवधि में यह 17.53 फीसद थीं. समीक्षावधि में बैंक का शुद्ध एनपीए उसके शुद्ध लोन का 5.98 फीसद रहा. वहीं, बैंक का फंसे लोन के लिए प्रावधान बढ़कर 2,721.97 करोड़ रुपये हो गया जो इससे पिछले वित्त साल की इसी अवधि में 1,991.88 करोड़ रुपये था.