धोनी ने अफगानिस्तान के विरूद्ध मैच में 28 रन बनाने के लिए किया इतने गेंदों का सामना

धोनी ने अफगानिस्तान के विरूद्ध मैच में 28 रन बनाने के लिए किया इतने गेंदों का सामना

भारतीय टीम के ने धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचानाओं का शिकार हो रहे महेंद्र सिंह धोनी का बचाव करते हुए बुधवार को बोला है कि पूर्व कैप्टन ने स्थिति को ध्यान में रखकर बल्लेबाजी की थी व उनकी बल्लेबाजी को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है. धोनी ने आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 के पिछले मैच में अफगानिस्तान के विरूद्ध धीमी बल्लेबाजी की थी जिसे लेकर उनकी बहुत ज्यादा आलोचना हुई है.
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भारत को अब वर्ल्ड कप में गुरुवार को विंडीज के विरूद्ध ओल्ड ट्रेफर्ड में उतरना है. मैच की पहले अरुण ने कहा, ‘मुझे लगता है कि धोनी ने स्थिति के हिसाब से बल्लेबाजी की. विकेट की स्थिति ही ऐसी थी. हमने जो लक्ष्य दिया था, हम उसे बचाने में भी पास रहे. जब धोनी व केदार जाधव बल्लेबाजी कर रहे थे तब अगर हम विकेट खो देते तो चीजें बहुत ज्यादा अलग होतीं. इसलिए मुझे नहीं लगता कि इसे लेकर ज्यादा चिंतित होने की आवश्यकता है.’

धोनी ने अफगानिस्तान के विरूद्ध मैच में 28 रन बनाने के लिए 52 गेंदों का सामना किया. हालांकि, हिंदुस्तान ने 11 रनों से मैच अपने नाम किया था. उस मैच में विराट ने 63 गेंदों पर 67 रन बनाए थे. अरुण ने कहा, ‘मुझे लगता है कि कोहली इस समय खेल के सभी प्रारूप में नंबर-1 बल्लेबाज हैं. इसलिए वे जिस तरह से खेलते हैं उसे देखकर दूसरे की तुलना करना ठीक नहीं है.’

भारत के बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण को अगले मैच में क्रिस गेल, निकोलस पूरन, शिमरन हेटमायेर जैसे तूफानी बल्लेबाजों का सामना करना है. अरुण अपने गेंदबाजों को लेकर आत्मविश्वास से भरे हुए हैं. उन्होंने कहा, ‘उनके भी अपने मजबूत पहलू हैं. यह गेंदबाजों के लिए भी बड़ी चुनौती है, खासकर तब जब वह आप पर तेजी से रन बनाना चाहते हैं. लेकिन जब भी बल्लेबाज आपको मारने की सोचता है व आप ध्यान से सोचते हो तो गेंदबाजों के पास मौका होता है. मुझे लगता है कि हमारे गेंदबाज इसी तरफ देख रहे होंगे.’

अरुण से जब पूछा गया कि क्या टीम प्रबंधन ने धोनी से उनके स्ट्राइक रेट के बारे में बात की है तो अरुण ने कहा, ‘सभी बल्लेबाजों व सपॉर्ट स्टाफ तथा मुख्य कोच रवि शास्त्री के बीच लगातार बातें होती रहती हैं. मैं इस बात की ज्यादा गहराई में नहीं जा सकता कि हम क्या बात करते हैं लेकिन सुधार के लिए हमारे बीच चर्चा होती रहती है.’ अफगानिस्तान के विरूद्धहिंदुस्तान के दोयम दर्जे के प्रदर्शन का बचाव करते हुए अरुण ने कहा, ‘‘अगर आप हमारे पहले तीन मैच देखेंगे तो हमने बड़े स्कोर किए. अफगानिस्तान के विरूद्ध विकेट धीमी थी, उन स्थितियों में बल्लेबाजी करना सरल नहीं था. मुझे लगता है कि यहां सवाल दशा के साथ तालमेल बिठाने का था.’