कश्मीर मामले पर पाक का पक्ष लेने वाला चाइना अब अपने सुर रहा बदल

कश्मीर मामले पर पाक का पक्ष लेने वाला चाइना अब अपने सुर रहा बदल

कश्मीर मामले पर पाक का पक्ष लेने वाला चाइना अब अपने सुर बदल रहा है. अगले कुछ दिनों में चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हिंदुस्तान दौरे पर आने वाले हैं. चाइना के रूख में परिवर्तन का कारण इसे माना जा रहा है. दरअसल चाइना ने कश्मीर को लेकर यूएन में रखे अपने रुख से उल्टा बयान दिया है. पाक के पीएम इमरान खान के चीनी राष्ट्रपति से मिलने पहुंचने के मौके पर मंगलवार को चाइना ने बोला कि कश्मीर मामले को वार्ता से सुलझाना चाहिए.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने इमरान-जिनपिंग की भेंट पर कहा, कश्मीर को लेकर चाइना का रुख स्पष्ट है, इसे दोनों राष्ट्रों को वार्ता से ही सुलझाना होगा. वहीं इससे पहले छह अक्तूबर को चाइना ने बयान जारी कर अनुच्छेद 370 को समाप्त करने व लद्दाख को अलग केन्द्र शासित प्रदेश बनाने का विरोध जताया था. अब जबकि चीनी राष्ट्रपति की हिंदुस्तान यात्रा प्रस्तावित है चाइना ने अपना नजरिया बदल लिया है. पाकिस्तान पीएम इमरान खान दो दिन की यात्रा पर चाइना पहुंचे हैं.

चीनी राजदूत सुन वेडॉन्ग ने दोनों राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित नहीं होने देने की वकालत की. चीनी राजदूत सुन वेडॉन्ग ने बोला कि दोनों राष्ट्रों को अपने मतभेदों का हल क्षेत्रीय स्तर पर ही बातचीत के जरिए तलाशना चाहिए व संयुक्त रूप से क्षेत्र में शांति कायम रखने की दिशा में कार्य करना चाहिए.

राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हिंदुस्तान दौरे पर शुक्रवार को पहुंचना है, मगर अभी तक दोनों ही राष्ट्रों की तरफ से उनके आगमन की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है. इसे कश्मीर मामले पर दोनाें पक्षों के बीच असहजता का इशारा माना जा रहा है. आसार है कि चाइना बुधवार को जिनपिंग के 24 घंटे लंबे भारतीय दौरे की घोषणा कर सकता है. बता दें कि चाइना पाक एक-दूसरे को सदाबहार मित्र मानते हैं.