अंकिता ध्यानी ने स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए किया क्वॉलाफाई

अंकिता ध्यानी ने स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए किया क्वॉलाफाई

पौड़ी के दूरस्थ गांव मेरूड़ा निवासी अंकिता ध्यानी ने बुधवार को स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वॉलाफाई कर लिया है. गुंटूर (आंध्र प्रदेश) में 35वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंकिता ने 1500 मीटर दौड़ को क्वॉलिफाइंग टाइम में पूरा किया. अंडर 18 आयु वर्ग में उन्होंने 4.27 मिनट में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता. अंकिता अगस्त्युमनि गर्ल्स हॉस्टल में ट्रेनिंग ले रहीं हैं. इससे पहले पंवार वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वॉलिफाई कर चुके हैं.

वहीं, बुधवार को अंडर-16 में अनीषा ने 2000 मीटर में तीसरा जगह हासिल कर कांस्य पदक जीता था. वहीं, वालक अंडर-20 आयु वर्ग में अनिकेत काला ने 17.97 मीटर की दूरी तक गोला फेंक कर स्वर्ण जीता है.

नेशनल में उत्तराखंड को पहली बार मिले 6 स्वर्ण
35वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उत्तराखंड के एथलीटों ने 6 स्वर्ण पदक सहित कुल 19 पदक जीते हैं. इसमें 8 रजत व 5 कांस्य पदक शामिल हैं. पहली बार उत्तराखंड के खिलाड़ी 6 स्वर्ण जीतने में पास हुए हैं. उत्तराखंड 127 अंक के साथ ओवरऑल आठवें जगह पर रहा. उत्तराखंड एथलेटिक्स संघ के सचिव केजेएस कलसी ने खिलाड़ियों व कोचों को शुभकामना दी है.

एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप शर्मा, चीफ कोच गुरु फूल सिंह, जिला खेल ऑफिसर राजेश ममगाईं, कोषाध्यक्ष एमसी शाह, अंतर्राष्ट्रीय एथलीट पाकिंदर सिंह, कोच अनूप बिष्ट, कोच लोकेश कुमार, उप क्रीड़ाधिकारी महेशी, प्रीतम बिंद आदि ने भी खिलाड़ियों को शुभकामना दी है.

उत्तराखंड की नयी गोल्डन गर्ल बनीं अंकिता
अंकिता ध्यानी उत्तराखंड की गोल्डन गर्ल बन गई हैं. अंकिता के पिता महिमानंद किसान हैं व मां लक्ष्मी देवी गृहणी हैं. भाइयों को देखकर अंकिता ने 2016 में गांव से करीब आधा किमी दूर सड़क पर जाकर दौड़ना प्रारम्भ किया.

अंकिता ने अगस्त्यमुनि हॉस्टल का ट्रायल दिया. तब से हॉस्टल कोच महेषी के निर्देशन अंकिता तैयारी कर रही हैं. वह इस वर्ष चार स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं. जनवरी में अंकिता ने द्वितीय खेलो इंडिया यूथ गेम्स में वर्ष का पहला व दूसरा, सितंबर में नेशनल जूनियर एथलेटिक्स में तीसरा, अब वर्ष का चौथा सोना अपने नाम किया है.