क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद धोनी इस मैदान पर खेलेंगे नयी पारी, बीजेपी नेता का दावा

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद धोनी इस मैदान पर खेलेंगे नयी पारी, बीजेपी नेता का दावा

क्या महेन्द्र सिंह धोनी क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद देश सेवा के लिए पॉलिटिक्स का रूख करेगें ? क्या माही बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं। हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि ये दावा खुद बीजेपी नेता की ओर से ही किया जा रहा है।
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दावा

बिहार भाजपा के एक बड़े नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री का दावा है कि महेन्द्र सिंह धोनी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करेगें। बिहार विधान परिषद के मेम्बर व पूर्व केन्द्रीय मंत्री संजय पासवान ने बोला है कि धोनी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करें इसके लिए कई बार उनसे बात की गई है।

धोनी से पहले भी मिले हैं भाजपा नेता

गौरतलब है कि बीजेपी के जनसंपर्क अभियान के दौरान बड़े नेता भी धोनी से मुलाकात कर चुके हैं। पासवान ने बोला कि समाज के जो भी भूमिका मॉडल्स हैं चाहे वो खेल से हों या फिल्म जगत से, एजुकेशन से हों या साहित्य जगत से उनको साथ लेने का कोशिश किया जा रहा है। धोनी हमारे साथ आते हैं तो पार्टी के लिए बहुत ज्यादा अच्छा होगा। पासवान ने बोला कि वो किसी नेता से ज्यादा जनता को प्रभावित करेंगे। हमारी पार्टी का कोशिश है कि हर फील्ड के भूमिका मॉडल्स को जोड़ें।

कांग्रेस बोली

माही की भाजपा में एंट्री पर कांग्रेस का बोलना है कि अगर महेन्द्र सिंह धोनी को पॉलिटिक्स में आना है तो वही तय करेगें कि उन्हे किस दल को अपनाना है। कांग्रेस पार्टी नेता प्रेमचंद मिश्रा का बोलना है कि बीजेपी के नेताओं को देश के सभी नामी-गिरामी व्यक्तियों को पार्टी में शामिल कराने का टास्क मिला हुआ है। ऐसी चर्चा पिछले वर्ष भी थी जब अमित शाह धोनी से मिलने पहुंचे थे। चुनाव से पहले भाजपा ने पिछले साल, देश के कई नामी गिरामी लोगों से मुलाकात कर भाजपा के कार्यकाल में हुए कार्य के बारे में जानकारी दी थी। इस प्रोग्राम का नाम था सम्पर्क से समर्थन।

फैन्स बोले

ये तो बात हुई नेताओं की लेकिन माही के पॉलिटिक्स में जाने की बात सुन कर उनके फैन्स भी बहुत ज्यादा खुश दिखायी दे रहे हैं। फैन्स चाहते हैं कि माही क्रिकेट की तरह ही पॉलिटिक्स में भी एक लंबी व धमाकेदार पारी खेलें लेकिन एक ठीक टीम के लिए। बहरहाल महेन्द्र सिंह धोनी आगे क्या करेगें ये तो वक्त ही बतायेगा लेकिन माही के पॉलिटिक्स में आने की समाचार मात्र से सत्ता के गलियारे के साथ देश में भी चर्चा का मार्केट गर्म हो चला है।