पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा गया गृह मंत्रालय का परामर्श विपक्ष शासित राज्यों में ''गहरा षड्यंत्र व ''सत्ता हथियाने की चाल : TMC

 पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा गया गृह मंत्रालय का परामर्श विपक्ष शासित राज्यों में ''गहरा षड्यंत्र व ''सत्ता हथियाने की चाल : TMC

पश्चिम बंगाल में बीजेपी व तृणमूल के कार्यकर्ताओं में जारी हिंसक झडपों के बीच गवर्नर केसरी नाथ त्रिपाठी ने सोमवार को पीएम नरेन्द्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की व उन्हें प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी दी. वहीं तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को सोमवार को लिखे एक लेटर में आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार को भेजा गया गृह मंत्रालय का परामर्श विपक्ष शासित राज्यों में ''गहरा षड्यंत्र व ''सत्ता हथियाने की चाल है. उधर, भाजपा के बंगाल प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बंगाल में पांच पार्टी कार्यकर्ताओं की मर्डर के बाद सोमवार को मांग की कि केंद्र सरकार प्रदेश के दशा के अध्ययन के लिए केन्द्रीय दल भेजे तथा राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में विचार करे.पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बोला है कि केंद्र, बीजेपी के कैडर पश्चिम बंगाल में हिंसा भड़काने की प्रयास कर रहे हैं.

त्रिपाठी की इस मुलाकात को राजनीतिक गलियारों में जरूरी माना जा रहा है क्योंकि बीजेपी के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने बोला है कि वहां हालत काबू में नही है व केन्द्र सरकार वहां की स्थिति के अध्ययन के लिए एक समिति भेजे. त्रिपाठी ने बोला “मैंने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात के लिए समय मांगा था.शपथ ग्रहण समारोह के दिन मैं प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से पर्सनल रूप से मिलकर उनको शुभकामना नही दी पाया था. आज प्रधनमंत्री ने समय दिया तो उनसे मिलने आया.” उन्होंने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था की हालत की जानकारी दी. वह गृह मंत्री शाह से भी मिले व उन्हें भी सारी चीज स्थिति से अवगत कराया.


विपक्ष शासित राज्यों में सत्ता हथियाने का षड्यंत्र है गृह मंत्रालय का परामर्श: टीएमसी
तृणमूल कांग्रेस पार्टी के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी ने लेटर में लिखा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जमीनी सच जाने बिना या प्रदेश सरकार से रिपोर्ट लिए बिना निष्कर्ष निकाल लिया. उन्होंने लिखा, ''हम तृणमूल कांग्रेस पार्टी की ओर से गृह मंत्रालय के परामर्श पर कड़ी असहमति पंजीकृत कराते हैं व अपील करते हैं कि इसे तत्काल वापस लिया जाए. चटर्जी ने परामर्श की आलोचना करते हुए कहा, ''हमारे पास यह मानने का कारण है कि यह राजनीतिक रूप से बीजेपी के विरोधी दलों के शासन वाले राज्यों में सत्ता हथियाने के लिए चली गई चाल है. इतना ही नहीं, यह प्रदेश सरकार को बदनाम करने व अलोकतांत्रिक, अनैतिक तथा असंवैधानिक उपायों से पश्चिम बंगाल का प्रशासन हथियाने के लिए रचा गया एक गहरा षड्यंत्र है.

गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को जारी किया था परामर्श
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को गत रविवार को परामर्श जारी कर प्रदेश में चुनाव के बाद से जारी हिंसा पर 'गहरी चिंता जाहीर की थी व उससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने को बोला था. यह परामर्श शनिवार को संदेशखाली में हुई हिंसा की पृष्ठभूमि में जारी किया गया था.

भाजपा का बंगाल में 'काला दिवस'
बीजेपी ने सोमवार को अपने दो कार्यकर्ताओं की मृत्यु के विरोध में उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उप मंउल में 12 घंटे का बंद रखा जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ.बीजेपी बंद के दौरान दुकानें बंद रहीं. सड़कें वीरान नजर आईं व बंद समर्थकों ने रेल पटरी पर एकत्र होकर सियालदाह को जोड़ने वाली रेल सेवाओं को रोका.

बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार संभव :भाजपा
कैलाश विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से बोला कि वैचारिक रूप से हम इस बात के पक्षधर हैं कि चुनी हुई सरकार को अपना कार्यकाल पूरा करने देना चाहिए. प्रदेश के लोगों के जानमाल की सुरक्षा प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी होती है पर जिस तरह से सीएम ममता बनर्जी कसम खाकर विरोधियों को मिटा देने की बात कह रहीं हैं, चाहे तानाशाही ही फैल जाये. तब फिर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के बारे में सोचा जाना चाहिए. उन्होंने बोला कि केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल के दशा के अध्ययन के लिए केन्द्रीय दल को भेजना चाहिए. वहां के दशाबेहद बेकार हो चुके हैं, चुनाव बीत चुके हैं लेकिन राजनीतिक हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है व सीएम द्वारा बेहद आपत्तिजनक एवं भड़काऊ बयान दिये जा रहे हैं.

सत्रहवीं लोकसभा चुनाव के दौरान तृणमूल व बीजेपी के कार्यकतार्ओं के बीच अनेक झड़पें हुई व चुनाव के बाद भी दोनों में हिंसक प्रयत्न जारी रहा जिसमें पिछले दिनों चार लोग मारे गये थे. इस घटना से प्रदेश में तनाव उत्पन्न हो गया है व स्थिति विस्फोटक होती जा रही है.