सेब सीजन प्रारम्भ होने से पहले हिमाचली बागवानों को नरेन्द्र मोदी सरकार ने दिन ये बड़ी राहत

सेब सीजन प्रारम्भ होने से पहले हिमाचली बागवानों को नरेन्द्र मोदी सरकार ने दिन ये बड़ी राहत

सेब सीजन प्रारम्भ होने से पहले हिमाचली बागवानों को नरेन्द्र मोदी सरकार ने बड़ी राहत दी है. हिंदुस्तान में अमेरिका से आने वाले सेब पर रविवार से आयात शुल्क 25 प्रतिशत बढ़ रहा है. अब अमेरिकी सेब 75 प्रतिशत आयात शुल्क चुकाने के बाद ही देश भर की मंडियों में आ सकेगा.Related image

इसका सीधा फायदा हिमाचली सेब बागवानों को मिलेगा. अमेरिकी सेब मंडियों में महंगा होने के चलते अब विदेशी सेब से स्पर्धा कम होगी व हिमाचली सेब को रेट भी अच्छे मिलेंगे.

नरेन्द्र मोदी सरकार ने सेब, नाशपाती, बादाम, अखरोट व दालों समेत 29 अमेरिकी वस्तुओं पर 16 जून से जवाबी आयात शुल्क लागू करने का फैसला लिया है. यह निर्णय पिछले वर्ष21 जून को लिया गया था, लेकिन अमेरिका पर दबाव बनाते हुए इसे लागू करने की समय-सीमा आगे बढ़ाई जाती रही.

सेब पर वर्तमान में 50 फीसदी आयात शुल्क

अब बीते दिन इसे लागू करने पर फैसला हो गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल हिंदुस्तान से अमेरिका निर्यात किए जाने वाले इस्पात व एल्युमीनियम उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी थी.

इस पर तब पीएम नरेंद्र मोदी ने निर्णय लिया था कि इसके जवाब में हिंदुस्तान अमेरिका से आयात की जाने वाली 29 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा देगा. इन 29 वस्तुओं में अमेरिकी सेब भी शामिल है.

अमेरिका से आने वाले सेब पर वर्तमान में 50 फीसदी आयात शुल्क है. इसे 25 प्रतिशत व बढ़ाकर 75 फीसदी करने का फैसला हुआ है. इस बारे में दुनिया व्यापार संगठन को सूचित किया जा चुका है. अमेरिका हिंदुस्तान की मंडियों में सेब आयात करने वाला सबसे बड़ा देश है. चाइना से सेब आयात पर पहले ही बंदिश लग चुकी है.

हिमाचल लंबे समय से सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने अथवा इसे विशेष श्रेणी उत्पाद घोषित करने की मांग उठाता आया है. दरअसल हिमाचल अमेरिका जैसी गुणवत्ता वाला सेब पैदा नहीं कर पा रहा है.

पहले भी पीएम नरेंद्र मोदी हिमाचल आकर बागवानों को विदेशी सेब के आयात पर रोक लगाने के इशारा दे चुके थे. यह बीजेपी व कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ा चुनावी मामला भी रहा है.

एक लाख से ज्यादा बागवान जुडे़ हैं 4000 करोड़ के कारोबार से
हिमाचल में सेब के करीब 4000 करोड़ रुपये के कारोबार से एक लाख से ज्यादा किसान-बागवान परिवार जुडे़ हैं. अप्रत्यक्ष रूप से भी सेब कारोबार से लाखों परिवार जुडे़ हुए हैं. यहां हर वर्ष सेब के दो से चार करोड़ कार्टन (पेटियों) की पैदावार होती है.

अमेरिकी सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने के नरेन्द्र मोदी सरकार के इस फैसला का हिमाचल को बड़ा फायदा होगा. सेब बागवानों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो रही है.