राकेश टिकैत के 'चचाजान' वाले बयान का असदुद्दीन ओवैसी ने दिया जवाब, जानें- क्या कहा?

राकेश टिकैत के 'चचाजान' वाले बयान का असदुद्दीन ओवैसी ने दिया जवाब, जानें- क्या कहा?

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बुधवार को बोला कि वह मुसलमानों (Muslims) का वोट काटने के लिए नहीं बल्कि उन्हें राजनीति में हिस्सेदारी दिलाने के लिए यूपी विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh assembly elections) के मैदान में उतर रहे हैं भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) द्वारा उन्हें 'बीजेपी का चचा जान' कहे जाने पर ओवैसी ने बोला कि टिकैत को ऐसी राजनीति बंद करनी चाहिए

ओवैसी ने बोला कि ''उत्तर प्रदेश में जितने भी समाज हैं, उनका एक नेता है, उन सभी का सियासी सशक्तिकरण है और उनकी एक आवाज भी है मगर मुसलमानों के साथ ऐसा बिल्कुल भी नहीं है हमारा मकसद मुसलमानों को सियासी सहभागिता दिलाना है '' मुसलमानों के वोट काटने के लिए चुनाव मैदान में उतरने के स्वयं पर लग रहे आरोप का उत्तर देते हुए ओवैसी ने कहा, "मुसलमान किसी सियासी दल के बंधुआ या कैदी नहीं हैं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मुझ पर मुस्लिम वोट काटने का आरोप लगा रहे हैं लेकिन वह यह क्यों नहीं बताते कि 2019 के लोकसभा चुनाव में 75 प्रतिशत मुसलमानों ने समाजवादी पार्टी को वोट दिया मगर इसके बावजूद उनकी पत्नी और दोनों भाई चुनाव कैसे हार गए? अखिलेश जी यह क्यों नहीं कहते कि उन्हें हिंदू वोट नहीं मिला इसलिए वह हार गए "

सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की सहभागिता का सबसे कम फीसदी उत्तर प्रदेश में- ओवैसी

इस प्रश्न पर कि मुसलमानों की बात करना क्या उनकी रणनीति का भाग है, ओवैसी ने कहा, "सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की सहभागिता का सबसे कम फीसदी यूपी में ही है यहां केवल दो फीसदी मुस्लिम ही स्नातक तक पहुंच पाते हैं इसके लिए कौन उत्तरदायी है? और कथित धर्मनिरपेक्ष दलों ने मुसलमानों का वोट तो लिया लेकिन बदले में उनके सशक्तिकरण के लिए कुछ नहीं किया एआईएमआईएम इसी कमी को दूर करने के लिए यूपी के चुनाव मैदान में उतरी है "


आधुनिक वार्निग प्रणाली से कारों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की तैयारी, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

आधुनिक वार्निग प्रणाली से कारों की तेज रफ्तार पर ब्रेक लगाने की तैयारी, दुर्घटनाओं पर लगेगी लगाम

विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आइआइटी) के शोधकर्ता वाहनों के लिए अपनी तरह के पहले 'स्मार्ट स्पीड वार्निंग सिस्टम' को विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं, जो सड़क के बुनियादी ढांचे और भौगोलिक स्थिति के आधार पर चालक को वाहन की तेज गति से हो सकने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिहाज से सतर्क करेगा।सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 70 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं वाहन की तेज गति के कारण होती हैं। ऐसी दुर्घटनाओं को कम से कम करने के लिए सरकार ने एक जुलाई, 2019 के बाद बिकने वाली सभी नई कारों में गति नियंत्रण उपकरण लगाना अनिवार्य कर दिया है। वाहन की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक होने पर यह उपकरण चेतावनी स्वरूप बीच-बीच में बीप की आवाज करेगा और 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार होने पर बीप की आवाज लगातार होगी।


हालांकि आइआइटी गुवाहाटी और आइआइटी बंबई के शोधकर्ताओं का मानना है कि गति नियंत्रण उपकरण में उतनी बुद्धिमता नहीं है कि यह पहाड़ी क्षेत्रों, मैदानी इलाकों या रेगिस्तानी स्थानों समेत हर जगह प्रभावी रूप से काम कर सके।आइआइटी गुवाहाटी में सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर अखिलेश कुमार मौर्य ने कहा, 'स्मार्ट स्पीड वार्निंग सिस्टम विकसित करने की जरूरत है जो सड़क के ढांचे के मुताबिक गति के बारे में बता सके और तेज गति से हो सकने वाले हादसों को रोका जा सके।'