देश के किसानों को कृषि मंत्री की खुली चिट्ठी, कहा- भ्रमित करने वालों से रहिए होशियार, पीएम मोदी ने कही यह बात

देश के किसानों को कृषि मंत्री की खुली चिट्ठी, कहा- भ्रमित करने वालों से रहिए होशियार, पीएम मोदी ने कही यह बात

नई दिल्ली। आंदोलन पर उतरे किसानों से लगभग एक सप्ताह से रुकी वार्ता और अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से समाधान निकालने की कवायद के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने देश के किसानों को खुली चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने याद दिलाया है कि नरेंद्र मोदी सरकार हमेशा किसानों के हित में काम करती रही है। आज भी आंदोलित किसानों को भरोसा दिलाने के लिए हर संशोधन करने के लिए तैयार है। तोमर ने कहा, मैं भी किसान परिवार से आता हूं। खेत में पानी देने के लिए देर रात जागना, असमय बारिश का डर और फसल कटने के बाद उसे बेचने के लिए हफ्तों का इंतजार सब देखा है। आठ पेज लंबे पत्र में कृषि मंत्री ने बताया कि आपके सुझावों पर ही ऐतिहासिक कृषि सुधार के कानून लाए गए हैं। इसके बाद भी आपको भ्रमित करने वाले कम नहीं हैं। इनसे होशियार रहने की जरूरत है। आपकी चिंताओं को दूर करना हमारा दायित्व है।

कृषि मंत्री के पत्र लिखने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान भाई-बहनों को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है। सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें। देशवासियों से भी आग्रह है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।

कहा, मोदी सरकार हमेशा किसानों के हित में काम करती रही है

तोमर ने कहा कि कोरोना काल में भी सरकार ने एमएसपी पर रिकार्ड तोड़ खरीद की है। सरकार लगातार खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ा रही है। वहीं कुछ लोग एमएसपी बंद करने का झूठ बोलकर किसानों को गुमराह करने से बाज नहीं आ रहे हैं। राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित ऐसे लोगों के सफेद झूठ को पहचानें और उन्हें सिरे से खारिज करें। तोमर ने फैलाए जा झूठ और सच का एक टेबल भी पत्र के साथ जोड़ा है। पत्र में तोमर ने किसानों की दुश्वारियों को कम करने वाले सरकार के प्रयासों का विस्तार से ब्योरा दिया है। मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान बीज से बाजार तक की श्रृंखला का जिक्र किया है। सरकार ने इस दौरान उन छोटी जोत वाले किसानों का ज्यादा ध्यान रखा है, जो सिर्फ पेट पालने के लिए खेती करते हैं। कृषि सुधार के प्रावधानों से ऐसे किसानों को काफी लाभ होगा। कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकार ने एक लाख करोड़ का प्रावधान किया है, जिससे गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और गांव स्तर पर प्रोसेसिंग सेंटर बनाए जाएंगे।

किसान की उपज को कुछ लोग बाजार नहीं उपलब्ध होने देना चाहते हैं। कुछ संगठित लोग उनकी उपज कौड़ि‍यों के भाव खरीदते रहे हैं और वही व्यवस्था जारी रखने पर आमादा हैं। जमीन पर किसानों का ही मालिकाना हक रहेगा। सरकार एक इंच जमीन किसानों से छीनने नहीं देगी। कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि स्वामीनाथन कमेटी की जिस रिपोर्ट को सरकार ने लागू कर दिया, उसे कांगे्रस छह साल तक दबाए बैठी थी। इन सुधारों के प्रावधानों को चुनावी घोषणापत्र में शामिल करने वाली कांग्रेस खुद पलट रही है। इन सुधारों पर चर्चा 2001 से हो रही है। मोदी सरकार ने किसानों के हित में कृषि सुधार का फैसला लिया है। मंडी से बाहर उपज बेचने की छूट से किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के रास्ते खुलेंगे।

अमित शाह ने की समीक्षा

एक तरफ ढाई दर्जन किसान संगठन आंदोलन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कई संगठन नए कृषि कानून के समर्थन में सरकार के साथ खडे़ हैं। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, वाणिज्य व रेल मंत्री पीयूष गोयल समेत भाजपा के महामंत्री अरुण सिंह और कुछ अन्य के साथ बैठक कर देश में चल रहे जन जागरण की समीक्षा की। माना जाता है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के उस सुझाव पर राजी नहीं होगी, जिसमें कुछ दिनों के लिए कानून को निलंबित रखने की बात कही गई थी। भाजपा ने तय किया था कि कानून के खिलाफ बनाए जा रहे माहौल में मंत्री, पदाधिकारी व अन्य पूरे देश में 700 प्रेस कांफ्रेंस और 700 चौपाल करेंगे। इसकी शुरुआत हो चुकी है। शाह ने इसे और तेज करने का निर्देश दिया है।


खत्म होने लगा है महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप, 74 दिनों बाद देश में सबसे कम सक्रिय मामले

खत्म होने लगा है महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप, 74 दिनों बाद देश में सबसे कम सक्रिय मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह देश भर में कोविड-19 के आंकड़ों को जारी किया गया। इसके अनुसार भारत में पिछले 24 घंटों के दौरान 60,753 नए मामले सामने आए और 1,647 संक्रमितों की मौत हो गई।  स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 74 दिनों बाद सबसे कम हैं। रिकवरी रेट बढ़कर 96.16 फीसद हो गया है और दैनिक पॉजिटिविटी रेट 2.98 फीसद है।

कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा- 27,23,88,783

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस की 33,00,085 वैक्सीन लगाई गईं। इसके अलावा 97,743 लोग संक्रमण से स्वस्थ हुए। देश में महामारी से बचाव के लिए 16 जनवरी को वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई थी। इसके तहत अब तक 27,23,88,783 खुराकें दी जा चुकी हैं।


2,86,78,390 लोग दे चुके कोरोना को मात

अब तक देश में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 2,98,23,546 है और मरने वालों की संख्या 3,85,137 है। सक्रिय मामलों की बात करें तो फिलहाल यहां 7,60,019 लोग संक्रमण से जूझ रहे हैं और 2,86,78,390 लोग अब तक कोरोना को मात दे चुके हैं। 

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, भारत में कल कोरोना वायरस के लिए 19,02,009 सैंपल टेस्ट किए गए, कल तक कुल 38,92,07,637 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं।


महामारी का वैश्विक  प्रकोप 

2019 के अंत में चीन के वुहान में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था। इसके बाद से अब तक पूरी दुनिया में महामारी बने इस संक्रमण ने 177,753,055 लोगों को अपने चपेट में ले लिया और 3,849,115 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। महामारी की शुरुआत से ही दुनिया के तमाम देशों में सबसे अधिक अमेरिका के हालात खराब रहे। यहां अब तक कुल 33,519,262 लोग संक्रमित हुए और 601,281 लोगों की मौत हो चुकी है।