LAC पर चलेगी डी-एस्केलेशन की लंबी प्रक्रिया, भारतीय सशस्त्र बल है तैयार

LAC पर चलेगी डी-एस्केलेशन की लंबी प्रक्रिया, भारतीय सशस्त्र बल है तैयार

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) सहित इंडियन आर्मी (Indian Army) के शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार को  एक संसदीय समिति को बताया कि लद्दाख में असली नियंत्रण

रेखा पर जारी सीमा विवाद  (India China faceoff) के बाद डी-एस्केलेशन की लंबी प्रक्रिया चलेगी लेकिन भारतीय सशस्त्र बल इसके लिए तैयार हैं व सर्दियों में सेना की तैनाती के सभी बंदोवस्त किए हैं।

मीटिंग में शामिल शीर्ष जनरल व अन्य सैन्य अधिकारियों ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी हमले का सामना करने के लिए तैयार हैं। लेकिन साथ ही चाइना के साथ विश्वास के संकट को समाप्त करने की प्रयास की जा रही है। मीटिंग में जनरल रावत के अलावा, इंडियन आर्मी के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एस के सैनी सहित कम से कम चार तीन-स्टार जनरल्स भी उपस्थित थे।

बता दें इस वर्ष मई में ही पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी में चाइना ने घुसपैठ की व इलाके पर अपना दावा जताया। तीन महीने से ज्यादा चले इस गतिरोध में परिस्थितियां उस वक्त ज्यादा बेकार हो गईं जब एक हिंसक झड़प में इंडियन आर्मी की बिहार रेजिमेंट के सीओ समेत 20 जवान शहीद हो गए। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया कि चाइना की पीपुल लिबरेशन आर्मी के कई जवान इस कार्रवाई में हताहत हुए।\

 चीन, हिंदुस्तान को संयुक्त रूप से सीमाओं पर शांति को बनाये रखना चाहिए: अधिकारी
इस झड़प के बाद दोनों पक्षों के बीच डि-एस्किलेशन यानी पीछे हटने की प्रक्रिया व बातचीत की आरंभ हुई। दोनों राष्ट्रों के कमांडर्स व उच्च सैन्य अधिकारियों के बीच अब तक 4 से ज्यादा बैठके हो चुकी हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन, सीमा से सटे ग्रीन टॉप इलाके को नहीं छोड़ना चाहता है। हालांकि उसके विदेश मंत्री का दावा है कि सीमा पर परिस्थितियां अच्छा हैं, वहीं नयी दिल्ली ने उनके इस दावे को खारिज किया है।

बताते चलें कि बीते दिनों सूत्रों के हवाले से समाचार आई थी कि सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे ने फील्ड कमांडर्स को किसी भी हालात का सामना करने के लिए तैयार रहने को बोला था।   वहीं खबर एजेंसी पीटीआई के अनुसार चाइना के एक वरिष्ठ ऑफिसर ने सोमवार को बोला कि चाइना व हिंदुस्तान को संयुक्त रूप से सीमाओं पर शांति व सुरक्षा को बनाये रखना चाहिए। उन्होंने बोला कि दोनों राष्ट्रों द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखना बीजिंग की भविष्य की कूटनीतिक प्राथमिकताओं में से एक है।

भविष्य में चाइना की कूटनीतिक प्राथमिकताओं के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने अमेरिका, रूस, यूरोपीय संघ, जापान व हिंदुस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने संबंधी बीजिंग की योजनाओं को रेखांकित किया। चीनी सरकारी खबर एजेंसी शिन्हुआ द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में लिजियान ने विदेश मंत्रालय की नियमित ब्रीफिंग में कहा, ‘हम पड़ोसी राष्ट्रों के साथ संबंध सुधारना जारी रखेंगे। ’