मुख्यमंत्री केसीआर आज सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में भी शामिल

मुख्यमंत्री केसीआर आज सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में भी शामिल
तेलंगाना देश समिति (टीआरएस) ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार य़शवंत सिन्हा को समर्थन देने का निर्णय किया है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष  के टी रामाराव और सीएम केसीआर आज सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे.  बता दें कि कांग्रेस पार्टी समेत 17 विपक्षी दलों ने यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए समर्थन देने का निर्णय किया है. नामांकन के दौरान एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, माकपा नेता सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई अन्य विपक्षी नेता भी उपस्थित रहेंगे.

चुनाव से नाम वापस लेने का प्रश्न ही नहीं: यशवंत सिन्हा
राजग उम्मीदवार की साफ बढ़त पर सिन्हा ने दावा किया कि उन्हें कई अदृश्य ताकतों का समर्थन मिलेगा. उन्होंने बोला कि चुनाव से नाम वापस लेने का प्रश्न ही नहीं उठता है. इससे पहले उन्होंने वादा किया था कि यदि वह चुनाव जीते तो किसानों, कामगारों, बेरोजगार युवाओं, स्त्रियों और हाशिये पर पड़े समाज के सभी वर्गों की आवाज को उठाएंगे. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को कराया जाएगा और मतगणना 21 जुलाई को होगी.

राष्ट्रपति भवन में एक और रबड़ स्टांप आया तो विध्वंसक होगा : यशवंत सिन्हा
विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने रविवार को बोला कि अगले महीने होने वाला राष्ट्रपति चुनाव पर्सनल मुकाबले से कहीं अधिक है और गवर्नमेंट की तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध करने की दिशा में एक कदम है. सिन्हा ने बोला कि वह अपने बेटे एवं भाजपा सांसद जयंत सिन्हा का समर्थन नहीं मिलने को लेकर किसी ‘धर्म संकट’ में नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरा बेटा अपने ‘राज धर्म’ का पालन करेगा और मैं अपने ‘राष्ट्र धर्म’ का पालन करूंगा. उन्होंने कहा, ‘यह चुनाव महज हिंदुस्तान के राष्ट्रपति के चुनाव से कहीं बढ़कर है. यह चुनाव गवर्नमेंट की तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध करने की दिशा में एक कदम है. यह चुनाव हिंदुस्तान की जनता के लिए संदेश है कि इन नीतियों का विरोध होना चाहिए.

यशवंत सिन्हा को जिताने के लिए करें कोशिश, बहकावे में न आएं: शरद पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने बोला कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों को अपने उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करने होंगे. उन्होंने बोला कि यदि कोई राष्ट्रपति चुनाव के अंकगणित पर नजर डालें तो स्थिति उतनी खराब नहीं है, जितनी बताई जा रही है और विपक्षी दलों को अच्छी लड़ाई लड़ने के लिए ठोस कोशिश करने होंगे. पवार ने कहा, ‘जब हम चुनाव लड़ते हैं, तो हम जीतने के लिए लड़ते हैं. जब दो उम्मीदवार हों, तो दोनों जीत नहीं सकते. प्रत्येक उम्मीदवार के लिए स्थिति अलग है. यह मुकाबला सिद्धांतों के बारे में है. हमने यशवंत सिन्हा को अपने साझा उम्मीदवार के रूप में चुना है और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करना हमारी जिम्मेदारी है. रिज़ल्ट कुछ भी हो, हम इसके बारे में बाद में बात कर सकते हैं.

एनसीपी प्रमुख की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वाईएसआर कांग्रेस और बसपा (बसपा) जैसे कुछ विपक्षी दलों ने पहले ही 18 जुलाई के चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा कर दी है.

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तेलंगाना देश समिति (टीआरएस) ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार य़शवंत सिन्हा को समर्थन देने का निर्णय किया है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष  के टी रामाराव और सीएम केसीआर आज सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे.  बता दें कि कांग्रेस पार्टी समेत 17 विपक्षी दलों ने यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए समर्थन देने का निर्णय किया है. नामांकन के दौरान एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, माकपा नेता सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई अन्य विपक्षी नेता भी उपस्थित रहेंगे.

चुनाव से नाम वापस लेने का प्रश्न ही नहीं: यशवंत सिन्हा

राजग उम्मीदवार की साफ बढ़त पर सिन्हा ने दावा किया कि उन्हें कई अदृश्य ताकतों का समर्थन मिलेगा. उन्होंने बोला कि चुनाव से नाम वापस लेने का प्रश्न ही नहीं उठता है. इससे पहले उन्होंने वादा किया था कि यदि वह चुनाव जीते तो किसानों, कामगारों, बेरोजगार युवाओं, स्त्रियों और हाशिये पर पड़े समाज के सभी वर्गों की आवाज को उठाएंगे. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को कराया जाएगा और मतगणना 21 जुलाई को होगी.

राष्ट्रपति भवन में एक और रबड़ स्टांप आया तो विध्वंसक होगा : यशवंत सिन्हा

विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने रविवार को बोला कि अगले महीने होने वाला राष्ट्रपति चुनाव पर्सनल मुकाबले से कहीं अधिक है और गवर्नमेंट की तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध करने की दिशा में एक कदम है. सिन्हा ने बोला कि वह अपने बेटे एवं भाजपा सांसद जयंत सिन्हा का समर्थन नहीं मिलने को लेकर किसी ‘धर्म संकट’ में नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरा बेटा अपने ‘राज धर्म’ का पालन करेगा और मैं अपने ‘राष्ट्र धर्म’ का पालन करूंगा. उन्होंने कहा, ‘यह चुनाव महज हिंदुस्तान के राष्ट्रपति के चुनाव से कहीं बढ़कर है. यह चुनाव गवर्नमेंट की तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध करने की दिशा में एक कदम है. यह चुनाव हिंदुस्तान की जनता के लिए संदेश है कि इन नीतियों का विरोध होना चाहिए.

यशवंत सिन्हा को जिताने के लिए करें कोशिश, बहकावे में न आएं: शरद पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने बोला कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों को अपने उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करने होंगे. उन्होंने बोला कि यदि कोई राष्ट्रपति चुनाव के अंकगणित पर नजर डालें तो स्थिति उतनी खराब नहीं है, जितनी बताई जा रही है और विपक्षी दलों को अच्छी लड़ाई लड़ने के लिए ठोस कोशिश करने होंगे. पवार ने कहा, ‘जब हम चुनाव लड़ते हैं, तो हम जीतने के लिए लड़ते हैं. जब दो उम्मीदवार हों, तो दोनों जीत नहीं सकते. प्रत्येक उम्मीदवार के लिए स्थिति अलग है. यह मुकाबला सिद्धांतों के बारे में है. हमने यशवंत सिन्हा को अपने साझा उम्मीदवार के रूप में चुना है और उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करना हमारी जिम्मेदारी है. रिज़ल्ट कुछ भी हो, हम इसके बारे में बाद में बात कर सकते हैं.

एनसीपी प्रमुख की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वाईएसआर कांग्रेस और बसपा (बसपा) जैसे कुछ विपक्षी दलों ने पहले ही 18 जुलाई के चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा कर दी है.