देश के कई राज्यों में फिर से आगे बढ़ा लॉकडाउन

देश के कई राज्यों में फिर से आगे बढ़ा लॉकडाउन

कोरोना की दूसरी लहर की थमती रफ्तार के बीच एक बार फिर देश के विभिन्न हिस्सों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ज्यादातर हिस्सों में पाबंदियां खत्म कर दी गई हैं। लेकिन अभी भी कुछ राज्यों में संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन की पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड समेत 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केस हो गए हैं। लेकिन केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बंगाल, असम और ओडिशा और नॉर्थ-ईस्ट में मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में कुछ राज्य लॉकडाउन बढ़ा रहे हैं तो अधिकतर राज्यों में पाबंदियों में छूट दी जा रही है। आइए जानते हैं देश भर में लॉकडाउन और अनलॉक की ताजा स्थिति क्या है...

नार्थ-ईस्ट में बढ़ी पाबंदियां


नगालैंड

नगालैंड में लॉकडाउन की पाबंदियों को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। नागालैंड सरकार ने आज(19 जून) से शाम 4 बजे से सुबह 5 बजे तक व्यक्तियों और वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया। केवल विशेष कारणों/उद्देश्यों को छोड़कर और उन लोगों के लिए मौजूदा लॉकडाउन में आवाजाही की छूट रहेगी जिनके पास परमिट है।

त्रिपुरा


त्रिपुरा सरकार ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए 12 नगर निकायों में 26 जून तक कर्फ्यू बढ़ाने का फैसला किय़ा है।

मेघालय

मेघालय में लॉकडाउन को अगले आदेश तक लागू करने का फैसला किया गया। यहां मौजूदा लॉकडाउन 21 जून को खत्म हो रहा था।

मिजोरम

मिजोरम में लॉकडाउन को 30 जून तक आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। मौजूदा लॉकडाउन 21 जून को खत्म हो रहा है।


झारखंड में आज से 38 घंटे का लॉकडाउन

झारखंड में आज (19 जून) शाम चार बजे से सोमवार (21 जून) की सुबह छह बजे तक यानी 38 घंटे का पूर्ण लॉकडाउन शुरू हो जाएगा। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार के निर्देश का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब 38 घंटे का पूर्ण लॉकडाउन फिर से लगने जा रहा है।

कर्नाटक में सरकार लेगी फैसला

कर्नाटक सरकार लॉकडाउन में और ढील देने का फैसला करेगी।

तेलंगाना में लॉकडाउन पर बैठक

तेलंगाना मंत्रिमंडल की आज बैठक होने वाली है, जिसमें प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। जिसमें COVID-19 लॉकडाउन शामिल है। राज्य में जारी लॉकडाउन शनिवार को खत्म हो रहा है। वर्तमान में सरकार ने लॉकडाउन के दौरान सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे के बीच छूट दी है और लोगों को अपने कार्यालयों से घर पहुंचने के लिए शाम 6 बजे तक अतिरिक्त एक घंटे का समय दिया है।


अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

अखिलेश यादव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया ‘ई-रावण’, कहा...

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर सियासी फायदे के लिए षड्यंत्र रचने और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को बीजेपी कार्यकर्ताओं को ‘ई-रावण’ का नाम दिया. पूर्व मुख्यमंत्री ने बोला कि इनसे निपटने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सावधान कर दिया है.

ने बोला कि बीजेपी अपने प्रचार और नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘ई-रावण’ की किरदार में आ गई है और वह रावण की तरह ही भेष बदलकर सोशल मीडिया पर अफ़वाह और असत्य फैला रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के नेता छद्म रूप में सपा समर्थक बनकर सोशल मीडिया पर आते हैं और सपा के विरूद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करते हैं. यादव ने बोला कि मैंने अपनी पार्टी के कैडर से ऐसे छद्म लोगों से सावधान रहने और सोशल प्‍लेटफॉर्म पर उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए बोला है. उन्हें कुछ भी साझा करने, उत्तर देने की आवश्यकता नहीं है बल्कि संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों के बारे में पार्टी ऑफिस को रिपोर्ट करने को बोला गया है.

सपा को निशाना बनाकर झूठी सूचना फैलाने वालों के विरूद्ध आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी ने पिछले सप्ताह कार्रवाई भी की. के कथित फर्जी ट्विटर एकाउंट बनाकर घृणा फैलाने के मुद्दे में सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई और ट्वीट के स्‍क्रीन शॉट्स भी दिये जिसमें दावा किया गया था कि प्रदेश में सपा के सत्ता में आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर के जगह पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जाएगा.

इस मुद्दे में 25 जुलाई को राजधानी के गौतमपल्ली थाने में अज्ञात लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. अखिलेश यादव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा, “2022 के चुनाव समीप हैं और बीजेपी के लोग कुछ भी कर सकते हैं क्योंकि वे सत्ता हथियाने के लिए असत्य बोलने और लोगों को बेवकूफ बनाने में माहिर हैं. उनका उद्देश्य विकास सहित मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना है.

अखिलेश ने कहा, “हमने अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित, सभ्य और सोशल मीडिया में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में धैर्य बरतने के लिए बोला है, जो संवाद और विचार जाहीर करने के लिए एक मजबूत माध्यम के रूप में उभरा है. दुर्भाग्य से बीजेपी इसका दुरुपयोग कर रही है.

यादव ने बोला कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के साढ़े चार वर्ष बीत चुके हैं और विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, लेकिन विडंबना यह है कि बीजेपी के पास अपनी उपलब्धि गिनाने के लिए एक भी कार्य नहीं है. सपा से ही प्रदेश के लोगों को उम्‍मीद बताते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2022 के विधानसभा चुनावों में 350 सीटें जीतेगी.

यादव ने कहा, “जब बीजेपी असत्य बोलकर 300 से अधिक सीटें जीत सकती है, तो हम अपनी सरकार में किए गए विकास कार्यों के मामले पर अधिक सीटें क्यों नहीं जीत सकते?”

उन्होंने बोला कि प्रदेश में बीजेपी शासन में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेकार है और स्त्रियों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं. उन्होंने बोला “पूरे देश ने देखा है कि पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान स्त्रियों के साथ क्या व्यवहार किया गया. कैसे बीजेपी के गुंडों ने स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए कानून अपने हाथ में लिया.

अखिलेश ने आरोप लगाया कि “भाजपा को लोकतंत्र में कोई भरोसा नहीं है. लोकतंत्र खतरे में है और लोकतंत्र को बीजेपी के धोखे से बचाने के लिए सपा लोगों की आवाज उठा रही है.

यादव ने पहले आरोप लगाया था कि लखीमपुर खीरी में हाल ही में हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख चुनाव के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सपा उम्मीदवार रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता यादव की साड़ियां खींच ली थी.

रितु सिंह की कम्पलेन के आधार पर लखीमपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं के विरूद्ध केस दर्ज किया गया था और इस मुद्दे में छह पुलिसवालों को भी निलंबित कर दिया गया. दूसरी ओर बीजेपी ने बोला कि किसी भी दुर्व्यवहार में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा.