केरल : भूस्‍खलन में हो चुकी है 45 लोगों की मौत, दो स्‍थानीय कुत्‍ते कर रहे है अपने इंसानी दोस्‍तों का इन्तजार 

केरल : भूस्‍खलन में हो चुकी है  45 लोगों की मौत, दो स्‍थानीय कुत्‍ते कर रहे है अपने इंसानी दोस्‍तों का इन्तजार 

जानवरों में कुत्‍तों को इंसानों का सबसे अच्‍छा दोस्‍त माना गया है। इंसानों की वफादारी व दोस्‍ती के सबूत भी कई बार देखने-सुनने को मिल चुके हैं। अब ऐसी ही घटना केरल (Kerala)

के इडुक्‍की (Idukki) में देखने को मिल रही है। यहां के राजमाला में पिछले दिनों बारिश के कारण हुए भूस्‍खलन में कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे से अभी भी लोगों के मृत शरीर निकालने का कार्य जारी है। आम लोगों के साथ ही अन्‍य बल इस काम में लगे हैं। लेकिन उनके अतिरिक्त वहां दो स्‍थानीय कुत्‍ते भी हादसे के दिन से डेरा जमाए हैं।

ये दोनों कुत्‍ते बिना कुछ खाए-पिए वहां अपने इंसानी 'दोस्‍तों' का इन्तजार कर रहे हैं। वे उनके लिए खोज करते हैं। राहत काम में लगे कुछ लोगों ने इन दोनों कुत्‍तों को खाना खिलाने का कोशिश भी किया, लेकिन कुत्‍तों ने उसे नहीं खाया। एक मेहनतकश के अनुसार कुछ लोगों ने इन कुत्‍तों को फुसलाकर थोड़ा सा खाना खिलाया।

शुक्रवार को राजमाला के इस हिस्‍से में बारिश के कारण भूस्‍खलन होने से पहाड़ का बड़ा हिस्‍सा ढह गया था। इसमें मजदूरों के करीब 30 घर दब गए। करीब 45 लोगों की मृत्यु हुई तो 28 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें इन दो कुत्‍तों के इंसानी दोस्‍त भी शामिल हैं। स्‍थानीय पत्रकार एमजे बाबू के अनुसार ये दोनों कुत्‍ते प्रतिदिन इधर-उधर आते-जाते हैं। जब भी कहीं से कोई मृत शरीर निकाला जाता है जो ये कुत्‍ते वहां पहुंच जाते हैं। इसके बाद फिर छांव में जाकर खड़े हो जाते हैं व दूसरे मृत शरीर के निकलने का इन्तजार करते हैं। कुछ लोगों ने इन दोनों कुत्‍तों को अपने घर ले जाने का कोशिश भी किया, लेकिन वे पास नहीं हो पाए।